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Hisar News: नहर सफाई में देरी पर भड़के किसान, आंदोलन की दी चेतावनी
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हिसार। नहरों की सफाई में प्रशासनिक लापरवाही और खाद की अनुपलब्धता को लेकर संयुक्त जल संघर्ष समिति ने मंगलवार को सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता (एसई) तथा अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) के साथ अहम बैठक की। विभागीय कार्यलय में हुई बैठक में समिति ने चेतावनी दी कि यदि दो-तीन दिनों के भीतर सफाई कार्य शुरू नहीं हुआ और खाद की किल्लत दूर नहीं की गई, तो किसान बड़ा आंदोलन शुरू करने पर मजबूर होंगे।
बैठक के बाद समिति के प्रधान विजेंदर बेनीवाल और मुख्य सलाहकार दिलबाग हुड्डा ने कहा कि वह पिछले 15 दिनों से अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने बताया कि बालसमंद ब्रांच की सभी नहरों का बुरा हाल है जिनमें भारी मात्रा में घास उग चुकी है। सफाई न होने के कारण पानी टेल (अंतिम छोर) तक नहीं पहुंचेगा।
उन्होंने कहा कि इलाके में बारिश न होने से पहले ही संकट है। ऐसे में यदि समय पर पानी नहीं मिला, तो किसान आगामी फसलों की बिजाई नहीं कर सकेंगे और खड़ी फसलों को भी भारी नुकसान होगा।
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खाद की किल्लत का मुद्दा भी उठाया :
भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) अंबावता के प्रदेशाध्यक्ष दिलबाग हुड्डा ने सूखे के कारण फसलों की बर्बादी को देखते हुए सरकार से किसानों के लिए 50,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग की है। समिति ने आगामी सीजन के लिए डीएपी और यूरिया की भारी किल्लत का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया और सरकार से समय रहते पर्याप्त खाद का प्रबंध करने की पुरजोर अपील की। बैठक में प्रधान विजेंद्र बेनीवाल, सतबीर झाझड़िया, जगदीश लौरा और दिलबाग हुड्डा लुदास सहित कई प्रमुख सदस्य मौजूद रहे।
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बैठक के बाद समिति के प्रधान विजेंदर बेनीवाल और मुख्य सलाहकार दिलबाग हुड्डा ने कहा कि वह पिछले 15 दिनों से अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने बताया कि बालसमंद ब्रांच की सभी नहरों का बुरा हाल है जिनमें भारी मात्रा में घास उग चुकी है। सफाई न होने के कारण पानी टेल (अंतिम छोर) तक नहीं पहुंचेगा।
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उन्होंने कहा कि इलाके में बारिश न होने से पहले ही संकट है। ऐसे में यदि समय पर पानी नहीं मिला, तो किसान आगामी फसलों की बिजाई नहीं कर सकेंगे और खड़ी फसलों को भी भारी नुकसान होगा।
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खाद की किल्लत का मुद्दा भी उठाया :
भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) अंबावता के प्रदेशाध्यक्ष दिलबाग हुड्डा ने सूखे के कारण फसलों की बर्बादी को देखते हुए सरकार से किसानों के लिए 50,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग की है। समिति ने आगामी सीजन के लिए डीएपी और यूरिया की भारी किल्लत का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया और सरकार से समय रहते पर्याप्त खाद का प्रबंध करने की पुरजोर अपील की। बैठक में प्रधान विजेंद्र बेनीवाल, सतबीर झाझड़िया, जगदीश लौरा और दिलबाग हुड्डा लुदास सहित कई प्रमुख सदस्य मौजूद रहे।