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बिजली खपत यूनिट में अंतर मिला तो घर पर पड़ेगा छापा
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हिसार। बिजली चोरी और गड़बड़ी रोकने के लिए बिजली निगम उपभोक्ताओं के घरों पर छापा मारकर जांच करेगा। की जाएगी। जांच में गड़बड़ी या चोरी पकड़े जाने पर कार्रवाई की जाएगी। नई योजना के अनुसार बिजली निगम के आला अधिकारी पहले तो कार्यालय में बैठकर प्रति उपभोक्ता का बीते एक या दो साल के बिलों का इस साल के बिल के साथ मंथन करेंगे। यदि खपत यूनिट में बड़ा अंतर मिलता है तो संबंधित संबंधित उपभोक्ता के घर छापा मारकर जांच की जाएगी।
इस संबंध में मुख्यालय की ओर से आदेश मिल चुके हैं। एसई, एक्सईएन व एसडीओ की ओर से पहचान मास्टर फॉर्मूला की मदद से डिफाल्टरों की पहचान करेंगे, जिसके बाद विशेष टीम की मदद से छापा मारा जाएगा। एक्सईएन व एसडीओ की ड्यूटी लगाई गई है कि वे प्रति उपभोक्ता के बिलो पर मंथन करें। जिसमें बीते एक या दो साल के बिलों में खपत यूनिट, भुगतान राशि सहित अन्य मानकों को जांचा जाएगा। जिसके बाद जांच टीम की ओर से डिफाल्टरों की रिपोर्ट बनाकर पहले एसडीओ, एक्सईएन फिर एसई को सौंपी जाएगी।
उपभोक्ता नहीं करवाते उपकरणों को अपडेट
नियमानुसार हर उपभोक्ता को बिजली उपकरणों को अपडेट करवाना होता है। ताकि समय के साथ हर उपभोक्ता की प्रति माह की खपत यूनिट का पता रहे, लेकिन कईग् उपभोक्ता यह जानकारी छिपाते हैं, ताकि उपकरणों के अपडेट करने से खपत यूनिट में इजाफा होगा, जिससे भुगतान राशि भी पिछले बिल से अधिक करनी होगी। जिसके डर के कारण उपभोक्ताओं की ओर से उपकरणों की जानकारी नहीं दी जाती है।
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वर्जन
अब डिफाल्टरों की पहचान कर उन पर छापा मारा जाएगा। पहले कार्यालय के अंदर हर उपभोक्ता के बिल पर मंथन किया जाएगा। अगर खपत यूनिट में अंतर मिलता है तो उस पर छापा मारकर जांच की जाएगी।
- विजेंद्र लांबा, एक्सईएन, बिजली निगम, हिसार।
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इस संबंध में मुख्यालय की ओर से आदेश मिल चुके हैं। एसई, एक्सईएन व एसडीओ की ओर से पहचान मास्टर फॉर्मूला की मदद से डिफाल्टरों की पहचान करेंगे, जिसके बाद विशेष टीम की मदद से छापा मारा जाएगा। एक्सईएन व एसडीओ की ड्यूटी लगाई गई है कि वे प्रति उपभोक्ता के बिलो पर मंथन करें। जिसमें बीते एक या दो साल के बिलों में खपत यूनिट, भुगतान राशि सहित अन्य मानकों को जांचा जाएगा। जिसके बाद जांच टीम की ओर से डिफाल्टरों की रिपोर्ट बनाकर पहले एसडीओ, एक्सईएन फिर एसई को सौंपी जाएगी।
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उपभोक्ता नहीं करवाते उपकरणों को अपडेट
नियमानुसार हर उपभोक्ता को बिजली उपकरणों को अपडेट करवाना होता है। ताकि समय के साथ हर उपभोक्ता की प्रति माह की खपत यूनिट का पता रहे, लेकिन कईग् उपभोक्ता यह जानकारी छिपाते हैं, ताकि उपकरणों के अपडेट करने से खपत यूनिट में इजाफा होगा, जिससे भुगतान राशि भी पिछले बिल से अधिक करनी होगी। जिसके डर के कारण उपभोक्ताओं की ओर से उपकरणों की जानकारी नहीं दी जाती है।
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अब डिफाल्टरों की पहचान कर उन पर छापा मारा जाएगा। पहले कार्यालय के अंदर हर उपभोक्ता के बिल पर मंथन किया जाएगा। अगर खपत यूनिट में अंतर मिलता है तो उस पर छापा मारकर जांच की जाएगी।
- विजेंद्र लांबा, एक्सईएन, बिजली निगम, हिसार।