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Hisar News: पशु घर से बाहर मिले तो पालक होंगे सलाखों के अंदर
Tue, 26 Aug 2025 12:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Tue, 26 Aug 2025 12:19 AM IST
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हिसार शहर से पशु पकड़ती निगम की टीम।
हिसार। सड़कों पर घूमते पशुओं से जिला प्रशासन भी आजिज आ गया है। जिला उपायुक्त ने सोमवार को अवैध पशु बाड़े चलाने वालों के साथ आयोजित बैठक में सड़कों पर पशु छोड़ने व नगर निगम टीम पर हमला करने वालों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। वहीं, पशुपालकों ने कहा कि करनाल की तर्ज पर उन्हें सस्ते डेयरी प्लॉट उपलब्ध करवाए जाएं।
शहर से लावारिस पशुओं को पकड़ने के लिए लगातार अभियान चलाने के बावजूद समस्या खत्म नहीं हो रही है। ऐसे में जिला उपायुक्त अनीश यादव ने उन लोगों के साथ बैठक की, जिन्होंने शहर में अवैध पशु बाड़े बना रखे हैं और अपने पशुओं को सड़कों पर खुला छोड़ देते हैं। नगर निगम ने ऐसे 65 पशुपालकों की सूची तैयार कर रखी है, जिनमें से 60 लोग बैठक में पहुंचे।
अब मिशन मोड में करेंगे काम
जिला उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन अब शहर को बेसहारा पशु मुक्त करवाने के लिए मिशन मोड में कार्य करेगा। अभी कोई पशु सड़क पर पकड़ा जाता है तो पशुपालक जुर्माना देकर छुड़वा लेता है। मगर अब कोई पशु सड़क पर पाया जाता है तो संबंधित पशुपालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा। पशुपालकों से कहा कि वे अपने पशु सड़क पर छोड़ने के बजाय बाड़ों में बांधे। इसके साथ ही नगर निगम व पशुपालन विभाग को सघन अभियान चलाने को कहा।
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सस्ते रेट में उपलब्ध करवाएं डेयरी प्लॉट
पशुपालकों की तरफ से प्रधान अलीशेर ने कहा कि वे दूध दोहने के बाद पशुओं को सड़कों पर छोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई का समर्थन करेंगे। प्रशासन से आग्रह है कि पशुपालकों को करनाल की तर्ज पर सस्ते रेट पर डेयरी प्लॉट उपलब्ध करवाए। इस पर निगमायुक्त नीरज ने कहा कि वे इस बारे में सरकार को पत्र लिखेंगे। प्रधान ने कहा कि जब तक डेयरी प्लॉट नहीं मिलते तब तक सरकारी जमीन उपलब्ध करवा दी जाए, जहां वे पशुओं को रख सकें।
शहर से प्रतिदिन औसतन 50 पशु पकड़े जा रहे
निगम अधिकारियों ने बताया कि शहर से प्रतिदिन औसतन 50 पशु पकड़े जाते जा रहे हैं, जिन्हें गोअभयारण्य में छोड़ा जा रहा है। लगभग 52 एकड़ में बने गोअभयारण्य के 26 एकड़ में गायें व 14 एकड़ में नंदी रखे जाते हैं। 12 एकड़ में इनके लिए चारा बोया जाता है।
तीन साल में 20 हजार पशु पकड़े
नगर निगम के मुताबिक गोअभयारण्य बनने के बाद से तीन साल में करीब 20 हजार पशुओं को पकड़ा जा चुका है, जिनमें गाय व नंदी शामिल हैं। वहीं पशु छोड़ने की एवज में पशुपालकों से करीब 70 लाख रुपये जुर्माना वसूला जा चुका है। फिलहाल प 11 हजार रुपये जुर्माना निर्धारित किया हुआ है।
15 पशुओं को पकड़कर गोअभयारण्य भेजा
पशु पकड़ने के विशेष अभियान के तहत सोमवार को नगर निगम की टीम ने नई सब्जी मंडी से बेसहारा पशुओं को पकड़ने की शुरुआत की। मिलगेट रोड व मिर्जापुर रोड से 15 पशुओं को पकड़कर गांव ढंढूर के पास बने गोअभयारण्य में भेजा।
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शहर से लावारिस पशुओं को पकड़ने के लिए लगातार अभियान चलाने के बावजूद समस्या खत्म नहीं हो रही है। ऐसे में जिला उपायुक्त अनीश यादव ने उन लोगों के साथ बैठक की, जिन्होंने शहर में अवैध पशु बाड़े बना रखे हैं और अपने पशुओं को सड़कों पर खुला छोड़ देते हैं। नगर निगम ने ऐसे 65 पशुपालकों की सूची तैयार कर रखी है, जिनमें से 60 लोग बैठक में पहुंचे।
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अब मिशन मोड में करेंगे काम
जिला उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन अब शहर को बेसहारा पशु मुक्त करवाने के लिए मिशन मोड में कार्य करेगा। अभी कोई पशु सड़क पर पकड़ा जाता है तो पशुपालक जुर्माना देकर छुड़वा लेता है। मगर अब कोई पशु सड़क पर पाया जाता है तो संबंधित पशुपालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा। पशुपालकों से कहा कि वे अपने पशु सड़क पर छोड़ने के बजाय बाड़ों में बांधे। इसके साथ ही नगर निगम व पशुपालन विभाग को सघन अभियान चलाने को कहा।
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सस्ते रेट में उपलब्ध करवाएं डेयरी प्लॉट
पशुपालकों की तरफ से प्रधान अलीशेर ने कहा कि वे दूध दोहने के बाद पशुओं को सड़कों पर छोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई का समर्थन करेंगे। प्रशासन से आग्रह है कि पशुपालकों को करनाल की तर्ज पर सस्ते रेट पर डेयरी प्लॉट उपलब्ध करवाए। इस पर निगमायुक्त नीरज ने कहा कि वे इस बारे में सरकार को पत्र लिखेंगे। प्रधान ने कहा कि जब तक डेयरी प्लॉट नहीं मिलते तब तक सरकारी जमीन उपलब्ध करवा दी जाए, जहां वे पशुओं को रख सकें।
शहर से प्रतिदिन औसतन 50 पशु पकड़े जा रहे
निगम अधिकारियों ने बताया कि शहर से प्रतिदिन औसतन 50 पशु पकड़े जाते जा रहे हैं, जिन्हें गोअभयारण्य में छोड़ा जा रहा है। लगभग 52 एकड़ में बने गोअभयारण्य के 26 एकड़ में गायें व 14 एकड़ में नंदी रखे जाते हैं। 12 एकड़ में इनके लिए चारा बोया जाता है।
तीन साल में 20 हजार पशु पकड़े
नगर निगम के मुताबिक गोअभयारण्य बनने के बाद से तीन साल में करीब 20 हजार पशुओं को पकड़ा जा चुका है, जिनमें गाय व नंदी शामिल हैं। वहीं पशु छोड़ने की एवज में पशुपालकों से करीब 70 लाख रुपये जुर्माना वसूला जा चुका है। फिलहाल प 11 हजार रुपये जुर्माना निर्धारित किया हुआ है।
15 पशुओं को पकड़कर गोअभयारण्य भेजा
पशु पकड़ने के विशेष अभियान के तहत सोमवार को नगर निगम की टीम ने नई सब्जी मंडी से बेसहारा पशुओं को पकड़ने की शुरुआत की। मिलगेट रोड व मिर्जापुर रोड से 15 पशुओं को पकड़कर गांव ढंढूर के पास बने गोअभयारण्य में भेजा।