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मैं तेरा चाचा बोल रहा हूं, मुझे कोरोना हो गया है, मदद के नाम पर ठगे 99 हजार रुपये
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हिसार। जिले में साइबर अपराध रुकने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन शातिर ठग अनेक तरीकों से आमजन के साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी कर रहे हैं। बुधवार को भी ऐसा ही एक मामला सामने आया। आदर्श नगर निवासी सुरेंद्र वर्मा के साथ ठगों ने 99, 512 रुपये की धोखाधड़ी की। साइबर सेल थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।
साइबर सेल थाना पुलिस में दी गई शिकायत में आदर्श नगर निवासी सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि 25 मई 2021 को मेरे मोबाइल फोन पर एक कॉल आई। फोन करने वाले ने कहा कि मैं तेरा चाचा वजीर बोल रहा हूं। कोरोना की वजह से अस्पताल में भर्ती हूं और मुझे उपचार के लिए 3 लाख रुपये की जरूरत है। मेरी मदद करो। मैं स्वस्थ होने के बाद सारे पैसे लौटा दूंगा। इसके बाद फोन करने वाले ने मेरे पास एक लिंक और मोबाइल नंबर भेजा। फोन करने वाले की आवाज मुझे मेरे चाचा की लगी और मैंने उनकी जान बचाने के लिए 99, 512 रुपये फोन पे के माध्यम से भेज दिए। रुपये देने के बाद मैंने मेरे चचेरे भाई अनूप के पास फोन मिला, तो तब मुझे पता चला कि चाचा वजीर स्वस्थ है। जब बाद में उस नंबर पर कॉल की तो उसने अपना नाम विजय गुप्ता बताया। बाद में जब उस नंबर पर फोन किया, तो उसने कहा कि रुपये वापस डलवा दूंगा। लेकिन उसने रुपये खाते में नहीं डलवाए। कुछ दिनों बाद जब दोबारा फोन किया तो उसने गाली गलौज की और कहने लगा कि मैं और मेरे साथी रोज यहीं काम करते हैं। लोगों को मूर्ख बनाते रहते है। साइबर सेल थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।
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साइबर सेल थाना पुलिस में दी गई शिकायत में आदर्श नगर निवासी सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि 25 मई 2021 को मेरे मोबाइल फोन पर एक कॉल आई। फोन करने वाले ने कहा कि मैं तेरा चाचा वजीर बोल रहा हूं। कोरोना की वजह से अस्पताल में भर्ती हूं और मुझे उपचार के लिए 3 लाख रुपये की जरूरत है। मेरी मदद करो। मैं स्वस्थ होने के बाद सारे पैसे लौटा दूंगा। इसके बाद फोन करने वाले ने मेरे पास एक लिंक और मोबाइल नंबर भेजा। फोन करने वाले की आवाज मुझे मेरे चाचा की लगी और मैंने उनकी जान बचाने के लिए 99, 512 रुपये फोन पे के माध्यम से भेज दिए। रुपये देने के बाद मैंने मेरे चचेरे भाई अनूप के पास फोन मिला, तो तब मुझे पता चला कि चाचा वजीर स्वस्थ है। जब बाद में उस नंबर पर कॉल की तो उसने अपना नाम विजय गुप्ता बताया। बाद में जब उस नंबर पर फोन किया, तो उसने कहा कि रुपये वापस डलवा दूंगा। लेकिन उसने रुपये खाते में नहीं डलवाए। कुछ दिनों बाद जब दोबारा फोन किया तो उसने गाली गलौज की और कहने लगा कि मैं और मेरे साथी रोज यहीं काम करते हैं। लोगों को मूर्ख बनाते रहते है। साइबर सेल थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।
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