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दो सगी बहनों के दांव, कुश्ती पहलवानों पर पड़ रहे भारी
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
Updated Mon, 30 May 2016 12:54 AM IST
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आर्थिक रूप से कमजोर एक परिवार की दो सगी बहनों ने खेलों में ऐसा रंग दिखाया की सिर्फ छह महीने के कुश्ती में एशियन चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई कर लिया। ये होनहार लड़कियां हैं गांव खोखा निवासी सोनिका और मोनिका।
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दोनों बहनें जुलाई महीने में ताईपे में होने वाली चैंपियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व करेंगी। हाल ही में लखनऊ में संपन्न हुई नेशनल कैडिट कुश्ती चैंपियनशिप में जीतकर दोनों बहनों ने एशियन चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई किया है। इस प्रतियोगिता में सोनिका ने जहां 56 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड जीता, वहीं बड़ी बहन मोनिका ने 52 किलोभार वर्ग में रजत पदक हासिल किया।
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यहां से हुई शुरुआत
सोनिका और मोनिका का खेलों में आने का कारण उनके घर की कमजोर आर्थिक स्थिति रही है। हालांकि इनके पिता दलबीर ग्रेजुएट थे, लेकिन उन्होंने खेती को ही कॅरियर के रूप में चुना। खेती से अपने घर की आर्थिक स्थिति नहीं सुधार पाए।
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इसी दौरान किसी परिचित ने दलबीर को सुझाव दिया की वो अपने बच्चों को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। इसके बाद दलबीर अपने तीन बच्चों व अपनी पत्नि के साथ हिसार के प्रेम नगर आकर किराये के मकान में रहने लगे। यहां आकर दलबीर ने सोनिका और मोनिका को एचएयू के कैंपस स्कूल में दाखिला दिलवाया।
शहर में आने के बाद ही महावीर स्टेडियम में खेलों के अभ्यास के लिए दोनों बहने जाने लगी। यही से सोनिका और मोनिका की सफलता की कहानी आरंभ हो गई। फिलहाल दोनों बहने 11वीं कक्षा की छात्राएं हैं।
कुश्ती के लिए कम उम्र, जूडो में बनाई पहचान
वर्ष 2009 में शहर के प्रेम नगर में आने के बाद दलबीर ने महावीर स्टेडियम में कुश्ती के खेल में अपनी बेेटियों को डालना चाहा तो, उनकी कम उम्र आड़े आ गई। कुश्ती के खेल में कम से कम 14 वर्ष की उम्र के बच्चे ही भाग ले सकते हैं, लेकिन मोनिका की उम्र 10 साल और सोनिका की उम्र 9 साल होने के कारण वो कुश्ती के खेल के लिए चयनित नहीं हो सकीं।
जूडो में मोनिका बनी बेस्ट प्लेयर ऑफ इंडिया
विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेते हुए दोनों बहनों ने जूडो में 8-8 गोल्ड मेडल हासिल किये है। वहीं, मोनिका बेस्ट प्लेयर ऑफ इंडिया का खिताब भी जीत चुकी है। मोनिका ने शिलांग में हुई राष्ट्रीय युवा एवं जूनियर जूडो प्रतियोगिता में भाग लेते हुए प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल हासिल करते हुए उसके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हे बेस्ट प्लेयर ऑफ द इंडिया का अवॉर्ड भी मिला।
इसी प्रतियोगिता में सोनिका ने भी गोल्ड मेडल हासिल किया था। शुरुआत से कुश्ती के खेल में पहचान बनाने के सपने आंखों में लिए दोनों बहनों ने वर्ष जनवरी 2016 से महावीर स्टेडियम में कुश्ती का अभ्यास आरंभ किया।
मोनिका की उपलब्धियां
-वर्ष 2010-11 में जिला स्तरीय इंटर स्कूल स्पोर्ट्स कंपटीशन में कुश्ती में 32 किलोभार वर्ग में भाग लेते हुए रजत पदक।
-लखनऊ में मई 2016 में इंटरनेशनल कुश्ती कैडिट की ट्रायल में 56 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड मेडल।
-वर्ष 2016 में गोहाटी में कैडिट कुश्ती नेशनल प्रतियोगिता में 52 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक।
सोनिका की उपलब्धियां
- जनवरी 2016 में दिल्ली में हुई जूडो नेशनल प्रतियोगिता में 56 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड मेडल।
- वर्ष 2016 में ही पांडिचेरी में राजीव गांधी खेल अभियान में जूडो में 56 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड मेडल।
- हैदराबाद के तेलंगाना में हुई राजीव गांधी खेल अभियान 2016 में कुश्ती में 56 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड मेडल।
- लखनऊ में मई 2016 में कुश्ती कैडिट की ट्रायल में 56 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड मेडल।