{"_id":"5785437c4f1c1b1b4313d810","slug":"hu-hisar-ks-khokhar-hisar","type":"story","status":"publish","title_hn":"एचएयू को मिले सबसे कम आयु के 48 वर्षीय कुलपति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एचएयू को मिले सबसे कम आयु के 48 वर्षीय कुलपति
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
Updated Wed, 13 Jul 2016 12:52 AM IST
विज्ञापन
Hu
- फोटो : Hu
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सबसे सीनियर कुलपति का रिकार्ड बनाने वाले डॉ. केएस खोखर के रिटायर होने के बाद एचएयू को अब तक का सबसे कम उम्र का कुलपति मिलेगा। 68 साल की उम्र होने पर रिटायर हो रहे केएस खोखर पिछले सात साल से एचएयू में कुलपति रहे।
एचएयू में कुलपति की नियुक्ति को लेकर चंडीगढ़ में मंगलवार दोपहर करीब बारह बजे मीटिंग होनी थी। कुछ कारणों का हवाला देते हुए दो घंटे के लिए मीटिंग स्थगित कर दी गई थी। इसके बाद दोपहर करीब दो बजे मीटिंग शुरू हुई। कुछ देर बाद ही मीटिंग समाप्त हो गई। बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की मीटिंग में सिंगल प्वाइंट एजेंडा पारित किया गया, जिसमें कुलपति के नाम का एलान कर दिया गया। करीब तीन बजे कैंपस में केपी सिंह को कुलपति नियुक्त किए जाने की जानकारी पहुंची। एचएयू में कुलपति बनने वालों में केपी सिंह सबसे युवा हैं। सबसे अधिक आयु तक कुलपति रहने के बाद 68 वर्षीय केएस खोखर सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
चार जुलाई को छीन लिए थे अधिकार
कुलपति डॉ. केएस खोखर को 4 जुलाई को एक पत्र सरकार की ओर से भेजा गया था, जिसमें सभी तरह के आदेश जारी करने पर रोक लगा दी गई थी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पिछले सप्ताह कुलपति ने ट्रांसफर के लिए कुछ फाइलें मांगी थी। कुल सचिव की ओर से फाइलें नहीं दी गईं। बताया जा रहा है कि इस पर दोनों अधिकारियों के बीच कहासुनी भी हुई।
विज्ञापन
सात साल कुलपति रहे डॉ. केएस खोखर
डॉ. केएस खोखर ने 11 जून 2009 में एचएयू के कुलपति के तौर पर ज्वाइन किया था। एचएयू में कुलपति का कार्यकाल 4 साल होता है। वर्ष 2013 में उन्हें दूसरी टर्म दे दी गई। उनकी दूसरी टर्म 2017 में पूरी होनी थी। कुलपतियों के लिए अधिकतम आयु 68 वर्ष तय की गई थी। 15 जुलाई को 1948 को जन्मे डॉ. केएस खोखर 14 जुलाई 2016 को 68 साल की आयु पूरी कर लेंगे। आयु की सीमा के कारण 14 जुलाई को उनकी सेवानिवृत्ति है। डॉ. केएस खोखर ने एचएयू में बतौर कुलपति करीब 7 साल काम किया। कुलपति केएस खोखर की पत्नी सुचेता खोखर भी एचएयू में डीन का पद संभाल रही थीं। करीब साल भर पहले उनका देहांत हो गया था। वर्ष 1970 में स्थापित एचएयू में कुलपति डॉ. केएस खोखर ही ऐसे कुलपति हैं जिन्हें लगातार दूसरी टर्म में कुलपति बनाया गया।
कौन कौन हैं बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट में
चेयरमैन केएस खोखर, मुख्य सचिव डीएस ढेसी, अतिरिक्त मुख्य सचिव नवराज संधू, अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल, अतिरिक्त मुख्य सचिव वीरेंद्र सिंह कुंडू, आईसीआर दिल्ली के डायरेक्टर जेएस संधू, रिटायर्ड प्रोफेसर गुड़गांव निवासी डॉ. रमेश यादव, सचिव रजिस्ट्रार एमएस दहिया।
बीओएम को कुलपति नियुक्त करने का आधार
दूसरी यूनिवर्सिटी की तरह एचएयू में कुलपति के लिए सर्च कमेटी नहीं बनाई जाती। एचएयू में बोर्ड के पास ही सारे अधिकार होते हैं। बोर्ड किसी के नाम को भी प्रस्तावित कर सकता है। वर्तमान का कुलपति बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट का चेयरमैन होता है। चीफ सेक्रेट्री सहित अन्य अधिकारी इसमें सदस्य होते हैं। एचएयू का कुलसचिव बीओएम का सचिव होता है।
विज्ञापन
एचएयू में कुलपति की नियुक्ति को लेकर चंडीगढ़ में मंगलवार दोपहर करीब बारह बजे मीटिंग होनी थी। कुछ कारणों का हवाला देते हुए दो घंटे के लिए मीटिंग स्थगित कर दी गई थी। इसके बाद दोपहर करीब दो बजे मीटिंग शुरू हुई। कुछ देर बाद ही मीटिंग समाप्त हो गई। बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की मीटिंग में सिंगल प्वाइंट एजेंडा पारित किया गया, जिसमें कुलपति के नाम का एलान कर दिया गया। करीब तीन बजे कैंपस में केपी सिंह को कुलपति नियुक्त किए जाने की जानकारी पहुंची। एचएयू में कुलपति बनने वालों में केपी सिंह सबसे युवा हैं। सबसे अधिक आयु तक कुलपति रहने के बाद 68 वर्षीय केएस खोखर सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
विज्ञापन
चार जुलाई को छीन लिए थे अधिकार
कुलपति डॉ. केएस खोखर को 4 जुलाई को एक पत्र सरकार की ओर से भेजा गया था, जिसमें सभी तरह के आदेश जारी करने पर रोक लगा दी गई थी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पिछले सप्ताह कुलपति ने ट्रांसफर के लिए कुछ फाइलें मांगी थी। कुल सचिव की ओर से फाइलें नहीं दी गईं। बताया जा रहा है कि इस पर दोनों अधिकारियों के बीच कहासुनी भी हुई।
विज्ञापन
सात साल कुलपति रहे डॉ. केएस खोखर
डॉ. केएस खोखर ने 11 जून 2009 में एचएयू के कुलपति के तौर पर ज्वाइन किया था। एचएयू में कुलपति का कार्यकाल 4 साल होता है। वर्ष 2013 में उन्हें दूसरी टर्म दे दी गई। उनकी दूसरी टर्म 2017 में पूरी होनी थी। कुलपतियों के लिए अधिकतम आयु 68 वर्ष तय की गई थी। 15 जुलाई को 1948 को जन्मे डॉ. केएस खोखर 14 जुलाई 2016 को 68 साल की आयु पूरी कर लेंगे। आयु की सीमा के कारण 14 जुलाई को उनकी सेवानिवृत्ति है। डॉ. केएस खोखर ने एचएयू में बतौर कुलपति करीब 7 साल काम किया। कुलपति केएस खोखर की पत्नी सुचेता खोखर भी एचएयू में डीन का पद संभाल रही थीं। करीब साल भर पहले उनका देहांत हो गया था। वर्ष 1970 में स्थापित एचएयू में कुलपति डॉ. केएस खोखर ही ऐसे कुलपति हैं जिन्हें लगातार दूसरी टर्म में कुलपति बनाया गया।
कौन कौन हैं बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट में
चेयरमैन केएस खोखर, मुख्य सचिव डीएस ढेसी, अतिरिक्त मुख्य सचिव नवराज संधू, अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल, अतिरिक्त मुख्य सचिव वीरेंद्र सिंह कुंडू, आईसीआर दिल्ली के डायरेक्टर जेएस संधू, रिटायर्ड प्रोफेसर गुड़गांव निवासी डॉ. रमेश यादव, सचिव रजिस्ट्रार एमएस दहिया।
बीओएम को कुलपति नियुक्त करने का आधार
दूसरी यूनिवर्सिटी की तरह एचएयू में कुलपति के लिए सर्च कमेटी नहीं बनाई जाती। एचएयू में बोर्ड के पास ही सारे अधिकार होते हैं। बोर्ड किसी के नाम को भी प्रस्तावित कर सकता है। वर्तमान का कुलपति बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट का चेयरमैन होता है। चीफ सेक्रेट्री सहित अन्य अधिकारी इसमें सदस्य होते हैं। एचएयू का कुलसचिव बीओएम का सचिव होता है।