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बारिश के पानी को एकत्र कर बागवानी के लिए उपयोग करेगा एचएसवीपी
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एचएसवीपी कार्यालय में बारिश का पानी एकत्र करने के लिए बनाया गया टैंक।
- फोटो : Hisar
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हिसार। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) बारिश के पानी को एकत्र कर बागवानी के लिए उपयोग करेगा। इसे लेकर एचएसवीपी ने पानी एकत्र करने के लिए मुख्य कार्यालय में वाटर टैंक का निर्माण किया है।
बता दें कि बारिश का पानी सीवर में व्यर्थ में ही बह जाता है। इसे देखते हुए एचएसवीपी के अधिकारियों ने इस पानी को एकत्रित करने का फैसला किया। बारिश के पानी को एकत्र करने के लिए एचएसवीपी कार्यालय परिसर में वाटर टैंक बनाया गया है। इसकी क्षमता 70 हजार गैलन है। कार्यालय की छत व पार्किंग एरिया से बारिश के पानी को पाइप के जरिये इस टैंक में पहुंचाया जाएगा। इस पानी का इस्तेमाल कार्यालय में बागवानी के लिए किया जाएगा। फिलहाल कार्यालय में एक पार्क बना हुआ है। इसके अलावा पार्किंग एरिया में भी काफी पेड़-पौधे लगे हुए हैं। विभाग के इस फैसले से स्वच्छ पेयजल की बचत होगी।
सेक्टर 1-4 के सामुदायिक केंद्र में भी बनाया जा रहा है वाटर टैंक
ऐसा ही एक वाटर टैंक सेक्टर 1-4 के सामुदायिक केंद्र में भी बनाया जा रहा है। हालांकि उसकी क्षमता करीब 50 हजार गैलन की है। इस टैंक में भी बारिश के पानी को ही एकत्र कर बागवानी में उपयोग किया जाएगा।
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बारिश के पानी को एकत्रित करने के लिए वाटर टैंक बनवाया है। इस पानी को पेड़-पौधों के लिए इस्तेमाल में लाया जाएगा।
भूपेंद्र सिंह, एक्सईएन, एचएसवीपी
एचएसवीपी कार्यालय में फव्वारा सिस्टम का किया शुभारंभ
उधर, एचएसवीपी कार्यालय में प्रशासक राजेश जोगपाल ने फव्वारा सिस्टम का शुभारंभ किया। प्रशासक ने कहा कि इस फव्वारे से कार्यालय की सुंदरता बढ़ेगी। साथ ही कार्यालय में आने वाले लोगों को गर्मी से भी राहत मिलेगी। इससे पहले कार्यालय में वर्टिकल इको फ्रेंडली गार्डन भी स्थापित किया गया था। साथ ही पक्षियों के लिए लकड़ी से बने घोंसले भी रखे गए थे। इस अवसर पर संपदा अधिकारी राजेश खौथ, एक्सईएन भूपेंद्र सिंह व पवन कुमार वर्मा आदि मौजूद रहे।
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बता दें कि बारिश का पानी सीवर में व्यर्थ में ही बह जाता है। इसे देखते हुए एचएसवीपी के अधिकारियों ने इस पानी को एकत्रित करने का फैसला किया। बारिश के पानी को एकत्र करने के लिए एचएसवीपी कार्यालय परिसर में वाटर टैंक बनाया गया है। इसकी क्षमता 70 हजार गैलन है। कार्यालय की छत व पार्किंग एरिया से बारिश के पानी को पाइप के जरिये इस टैंक में पहुंचाया जाएगा। इस पानी का इस्तेमाल कार्यालय में बागवानी के लिए किया जाएगा। फिलहाल कार्यालय में एक पार्क बना हुआ है। इसके अलावा पार्किंग एरिया में भी काफी पेड़-पौधे लगे हुए हैं। विभाग के इस फैसले से स्वच्छ पेयजल की बचत होगी।
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सेक्टर 1-4 के सामुदायिक केंद्र में भी बनाया जा रहा है वाटर टैंक
ऐसा ही एक वाटर टैंक सेक्टर 1-4 के सामुदायिक केंद्र में भी बनाया जा रहा है। हालांकि उसकी क्षमता करीब 50 हजार गैलन की है। इस टैंक में भी बारिश के पानी को ही एकत्र कर बागवानी में उपयोग किया जाएगा।
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बारिश के पानी को एकत्रित करने के लिए वाटर टैंक बनवाया है। इस पानी को पेड़-पौधों के लिए इस्तेमाल में लाया जाएगा।
भूपेंद्र सिंह, एक्सईएन, एचएसवीपी
एचएसवीपी कार्यालय में फव्वारा सिस्टम का किया शुभारंभ
उधर, एचएसवीपी कार्यालय में प्रशासक राजेश जोगपाल ने फव्वारा सिस्टम का शुभारंभ किया। प्रशासक ने कहा कि इस फव्वारे से कार्यालय की सुंदरता बढ़ेगी। साथ ही कार्यालय में आने वाले लोगों को गर्मी से भी राहत मिलेगी। इससे पहले कार्यालय में वर्टिकल इको फ्रेंडली गार्डन भी स्थापित किया गया था। साथ ही पक्षियों के लिए लकड़ी से बने घोंसले भी रखे गए थे। इस अवसर पर संपदा अधिकारी राजेश खौथ, एक्सईएन भूपेंद्र सिंह व पवन कुमार वर्मा आदि मौजूद रहे।