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मंगाली की बेटी रेनू का फुटबाल एशिया कप के लिए भारतीय टीम में चयन
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फुटबालर रेनू।
- फोटो : Hisar
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अश्वनी कुमार
हिसार। मंगाली की 20 वर्षीय बेटी रेनू का फुटबाल एशिया पक के लिए भारतीय महिला टीम में चयन हुआ है। रेनू ने खेल के लिए बड़ा संघर्ष किया है। माता-पिता के साथ मजदूरी में भी हाथ बंटवाती थी और खेल भी जारी रखा।
रेनू अब तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए कई पदक जीत चुकी हैं। हाल ही में गोवा में आयोजित भारतीय महिला टीम के शिविर में रेनू का एशिया कप के लिए चयन किया गया है। रेनू का चयन होने पर फिजिकल लेक्चरार सुखविंद्र कौर, सेवानिवृत्त कोच अश्वनी कुमार, स्कूल प्रिंसिपल हरिकेश शर्मा और फुटबाल कोच नरेंद्र कुमार ने बधाई दी। एशिया कप 2022 में भारत में आयोजित होगा।
भाई से प्रेरणा लेकर मैदान में उतरी थी रेनू
रेनू ने वर्ष 2014 में भाई से प्रेरणा लेकर फुटबाल की शुरुआत की। अब तक वह कई स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन कर चुकी है। वहीं भाई भी स्टेट लेवल पर खेल चुका है। रेनू का कहना है कि इस स्तर पर उन्हें पहुंचाने में माता-पिता की अहम भूमिका रही है। उन्होंने हमेशा ही खेलने के लिए मुझे प्रेरित किया है।
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माला पिरोते हैं माता-पिता
रेेनू के पिता दलबीर सिंह और माता कमलेश माला पिरोकर घर का गुजारा कर रहे हैं। विपरीत परिस्थितियों में भी माता-पिता ने हार नहीं मानी और आज बेटी को अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बना दिया। अब बेटी का सपना कि वह एशिया कप में स्वर्ण पदक जीते। इसके लिए वह कड़ी मेहनत कर रही है। रेनू का कहना है कि उज्जबेकिस्तान में होने वाले मैत्री मैच में भी भाग लेने के लिए वह 24 मार्च का रवाना होगी।
कैंप के दौरान भी लगी थी चोट, नहीं तोड़ा हौसला
फुटबालर रेनू का कहना है कि 1 दिसंबर 2020 से गोवा में कैंप शुरू हुआ था। ढाई महीने तक कैंप चला। उसके बाद एक बार वह घर आ गई। फिर 25 फरवरी 2021 से दोबारा कैंप शुरू हुआ। यहां आने के बाद एक सप्ताह के लिए क्वारंटीन किया गया। फिर आठ मार्च से अभ्यास करना शुरू किया तो उसी ही दिन चोट लग गई, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। दो दिन रेस्ट करने के बाद फिर वह कैंप में अभ्यास के लिए उतरी।
रेनू की उपलब्धियां
- वर्ष 2020 में खेलों इंडिया में स्वर्ण पदक।
- 2019 में स्कूली नेशनल में स्वर्ण पदक।
- 2018 में खेलो इंडिया में स्वर्ण पदक।
मुझे बेटी पर गर्व
मुझे बेटी पर गर्व है। कोच और बेटी की मेहनत रंग लाई है। काफी खुशी है कि बेटी का चयन एशिया कप के लिए हुआ है। उम्मीद है कि बेटी स्वर्ण पदक जीतेगी।
- दलबीर सिंह, रेनू के पिता, मंगाली।
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हिसार। मंगाली की 20 वर्षीय बेटी रेनू का फुटबाल एशिया पक के लिए भारतीय महिला टीम में चयन हुआ है। रेनू ने खेल के लिए बड़ा संघर्ष किया है। माता-पिता के साथ मजदूरी में भी हाथ बंटवाती थी और खेल भी जारी रखा।
रेनू अब तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए कई पदक जीत चुकी हैं। हाल ही में गोवा में आयोजित भारतीय महिला टीम के शिविर में रेनू का एशिया कप के लिए चयन किया गया है। रेनू का चयन होने पर फिजिकल लेक्चरार सुखविंद्र कौर, सेवानिवृत्त कोच अश्वनी कुमार, स्कूल प्रिंसिपल हरिकेश शर्मा और फुटबाल कोच नरेंद्र कुमार ने बधाई दी। एशिया कप 2022 में भारत में आयोजित होगा।
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भाई से प्रेरणा लेकर मैदान में उतरी थी रेनू
रेनू ने वर्ष 2014 में भाई से प्रेरणा लेकर फुटबाल की शुरुआत की। अब तक वह कई स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन कर चुकी है। वहीं भाई भी स्टेट लेवल पर खेल चुका है। रेनू का कहना है कि इस स्तर पर उन्हें पहुंचाने में माता-पिता की अहम भूमिका रही है। उन्होंने हमेशा ही खेलने के लिए मुझे प्रेरित किया है।
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माला पिरोते हैं माता-पिता
रेेनू के पिता दलबीर सिंह और माता कमलेश माला पिरोकर घर का गुजारा कर रहे हैं। विपरीत परिस्थितियों में भी माता-पिता ने हार नहीं मानी और आज बेटी को अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बना दिया। अब बेटी का सपना कि वह एशिया कप में स्वर्ण पदक जीते। इसके लिए वह कड़ी मेहनत कर रही है। रेनू का कहना है कि उज्जबेकिस्तान में होने वाले मैत्री मैच में भी भाग लेने के लिए वह 24 मार्च का रवाना होगी।
कैंप के दौरान भी लगी थी चोट, नहीं तोड़ा हौसला
फुटबालर रेनू का कहना है कि 1 दिसंबर 2020 से गोवा में कैंप शुरू हुआ था। ढाई महीने तक कैंप चला। उसके बाद एक बार वह घर आ गई। फिर 25 फरवरी 2021 से दोबारा कैंप शुरू हुआ। यहां आने के बाद एक सप्ताह के लिए क्वारंटीन किया गया। फिर आठ मार्च से अभ्यास करना शुरू किया तो उसी ही दिन चोट लग गई, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। दो दिन रेस्ट करने के बाद फिर वह कैंप में अभ्यास के लिए उतरी।
रेनू की उपलब्धियां
- वर्ष 2020 में खेलों इंडिया में स्वर्ण पदक।
- 2019 में स्कूली नेशनल में स्वर्ण पदक।
- 2018 में खेलो इंडिया में स्वर्ण पदक।
मुझे बेटी पर गर्व
मुझे बेटी पर गर्व है। कोच और बेटी की मेहनत रंग लाई है। काफी खुशी है कि बेटी का चयन एशिया कप के लिए हुआ है। उम्मीद है कि बेटी स्वर्ण पदक जीतेगी।
- दलबीर सिंह, रेनू के पिता, मंगाली।

मनके की माला पिरोते रेनू के माता-पिता।- फोटो : Hisar