{"_id":"624b365cc81dbd3b7266616c","slug":"hisar-news-hisar-news-hsr6283108181","type":"story","status":"publish","title_hn":"निगम के ठेकेदार आज से बंद करेंगे विकास कार्य, अदालत की भी लेंगे शरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निगम के ठेकेदार आज से बंद करेंगे विकास कार्य, अदालत की भी लेंगे शरण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिसार। नगर निगम के ठेकेदार मंगलवार से शहर में चल रहे निगम के विकास कार्यों पर काम करना बंद कर देंगे। यही नहीं वे निगम प्रशासन के खिलाफ अदालत की शरण में भी जाएंगे। ईपीएफ मामले में सोमवार को निगमायुक्त अशोक गर्ग के साथ बैठक करने के बाद ठेकेदार ने यह फैसला लिया। उधर निगम प्रशासन ने ठेकेदारों से ईपीएफ के 6.18 करोड़ रुपये जमा करवाने के आदेश दिए हैं। इसे लेकर निगम प्रशासन की तरफ से 90 एजेंसियों से रिकवरी के नोटिस भी तैयार कर लिए गए हैं।
बता दें कि पिछले माह ईपीएफओ की नगर निगम से ईपीएफ की 6.18 करोड़ रुपये की रिकवरी करने के बाद निगम प्रशासन ने यह राशि उन एजेंसियों से वसूलने का फैसला किया, जिन एजेंसियों ने वर्ष 2011 से 16 के बीच निगम के टेंडर लिए थे। यही नहीं निगम प्रशासन की तरफ से वर्तमान में एजेंसियों की करीब 8 करोड़ की पेमेंट भी रोक ली। निगम प्रशासन का कहना है कि जब तक उक्त एजेंसियां निगम प्रशासन को ईपीएफ की 6.18 करोड़ की राशि का भुगतान नहीं करती, तब तक निगम उनकी 8 करोड़ की पेमेंट नहीं करेगा। उधर एजेंसियों का तर्क है कि वर्ष 2011 में निगम में पीएफ व ईएसआई की कंडीशन ही नहीं थी।
निगमायुक्त के साथ की बैठक
नगर निगम कार्यालय में सोमवार को ठेकेदारों ने गवर्नमेंट कांट्रेक्टर एसोसिएशन के प्रधान हरज्ञान सिंह ख्यालिया की अध्यक्षता में निगमायुक्त अशोक गर्ग के साथ बैठक की। इस दौरान ठेकेदारों ने कहा कि वर्ष 2011 से 2016 के बीच नगर निगम के पास ईपीएफ व ईएसआई नंबर नहीं था। पहले जो टेंडर लगाए जाते थे, उनमें यह कंडीशन भी नहीं थी। निगम ने वर्ष 2017 में ईपीएफ व ईएसआई नंबर बनवाया है। अब निगम ने यह कंडीशन टेंडर में भी लगा दी है। उधर निगमायुक्त ने जवाब दिया कि वे इस मामले में कोर्ट के आदेशानुसार व नियमानुसार ही कार्रवाई करेंगे।
विज्ञापन
मामले का समाधान न होने पर काम रखेंगे बंद
ठेकेदार ने निगमायुक्त से कहा कि मंगलवार से निगम के शहर में चल रहे सभी विकास कार्यों पर काम बंद कर दिया जाएगा। जब तक इस मामले का समाधान नहीं होता, तब तक किसी भी साइट पर काम शुरू नहीं होगा। यही नहीं वे इस मामले में अदालत भी जाएंगे।
बैठक में ये ठेकेदार रहे मौजूद
टेकचंद, सोनू बंसल, बलजीत, कृष्ण ऐरन, वरुण बंसल, सुभाष, रोहताश, नरेंद्र, नीतिन अग्रवाल, महेंद्र सिंह, सुरेश नैन, ऋषिराज आदि ठेकेदार मौजूद रहे।
निगम की तरफ से ठेकेदारों को करीब 8 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना है, लेकिन निगम ने यह भुगतान राशि रोक ली है। ऐसे में अब ठेकेदार काम कैसे करेंगे। निगम द्वारा ठेकेदारों पर 6.18 करोड़ रुपये की रिकवरी डालना नियमानुसार गलत है
-हरज्ञान सिंह ख्यालिया, प्रधान, गवर्नमेंट कांट्रेक्टर एसोसिएशन, नगर निगम।
विज्ञापन
बता दें कि पिछले माह ईपीएफओ की नगर निगम से ईपीएफ की 6.18 करोड़ रुपये की रिकवरी करने के बाद निगम प्रशासन ने यह राशि उन एजेंसियों से वसूलने का फैसला किया, जिन एजेंसियों ने वर्ष 2011 से 16 के बीच निगम के टेंडर लिए थे। यही नहीं निगम प्रशासन की तरफ से वर्तमान में एजेंसियों की करीब 8 करोड़ की पेमेंट भी रोक ली। निगम प्रशासन का कहना है कि जब तक उक्त एजेंसियां निगम प्रशासन को ईपीएफ की 6.18 करोड़ की राशि का भुगतान नहीं करती, तब तक निगम उनकी 8 करोड़ की पेमेंट नहीं करेगा। उधर एजेंसियों का तर्क है कि वर्ष 2011 में निगम में पीएफ व ईएसआई की कंडीशन ही नहीं थी।
विज्ञापन
निगमायुक्त के साथ की बैठक
नगर निगम कार्यालय में सोमवार को ठेकेदारों ने गवर्नमेंट कांट्रेक्टर एसोसिएशन के प्रधान हरज्ञान सिंह ख्यालिया की अध्यक्षता में निगमायुक्त अशोक गर्ग के साथ बैठक की। इस दौरान ठेकेदारों ने कहा कि वर्ष 2011 से 2016 के बीच नगर निगम के पास ईपीएफ व ईएसआई नंबर नहीं था। पहले जो टेंडर लगाए जाते थे, उनमें यह कंडीशन भी नहीं थी। निगम ने वर्ष 2017 में ईपीएफ व ईएसआई नंबर बनवाया है। अब निगम ने यह कंडीशन टेंडर में भी लगा दी है। उधर निगमायुक्त ने जवाब दिया कि वे इस मामले में कोर्ट के आदेशानुसार व नियमानुसार ही कार्रवाई करेंगे।
विज्ञापन
मामले का समाधान न होने पर काम रखेंगे बंद
ठेकेदार ने निगमायुक्त से कहा कि मंगलवार से निगम के शहर में चल रहे सभी विकास कार्यों पर काम बंद कर दिया जाएगा। जब तक इस मामले का समाधान नहीं होता, तब तक किसी भी साइट पर काम शुरू नहीं होगा। यही नहीं वे इस मामले में अदालत भी जाएंगे।
बैठक में ये ठेकेदार रहे मौजूद
टेकचंद, सोनू बंसल, बलजीत, कृष्ण ऐरन, वरुण बंसल, सुभाष, रोहताश, नरेंद्र, नीतिन अग्रवाल, महेंद्र सिंह, सुरेश नैन, ऋषिराज आदि ठेकेदार मौजूद रहे।
निगम की तरफ से ठेकेदारों को करीब 8 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना है, लेकिन निगम ने यह भुगतान राशि रोक ली है। ऐसे में अब ठेकेदार काम कैसे करेंगे। निगम द्वारा ठेकेदारों पर 6.18 करोड़ रुपये की रिकवरी डालना नियमानुसार गलत है
-हरज्ञान सिंह ख्यालिया, प्रधान, गवर्नमेंट कांट्रेक्टर एसोसिएशन, नगर निगम।