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बीजेपी नेता सिहाग की बिल्डिंग सील
ब्यूरो/अमर उजाला/हिसार
Updated Thu, 31 Mar 2016 01:00 AM IST
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नगर निगम
- फोटो : Bureau
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नगर निगम ने बैंक कॉलोनी स्थित डाबड़ा चौक पुल के साथ बीजेपी नेता जोगीराम सिहाग की निर्माणाधीन कॉमर्शियल बिल्डिंग सील कर दी है। निगम अधिकारियों की मानें तो यह बिल्डिंग नक्शे के अनुरूप नहीं थी। बार-बार नोटिस देने के बावजूद बिल्डिंग मालिक इसे ठीक नहीं कर रहे थे। नगर निगम की टीम बुधवार को नगर निगम ईओ व एक्सईएन के नेतृत्व में मौके पर पहुंची और अधिकारियों ने इस बिल्डिंग पर सील लगा दी।
नोटिस जवाब में कहा था कर लेंगे ठीक
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि बिल्डिंग नक्शे के अनुरूप नहीं बनाई गई थी, जिसे पहले भी नोटिस दिए गए थे। नोटिस के जवाब में बिल्डिंग मालिक ने निर्माण सही करने की बात कही थी। कुछ समय बीतने के बाद फिर से निर्माण अवैध तरीके से शुरू कर दिया। नगर निगम ने फिर नोटिस जारी कर दिया। नोटिस मिलने पर कोई सुधार न किए जाने के मामले को लेकर फिर निगम कमिश्नर ने बिल्डिंग सील के ऑर्डर जारी कर दिए।
उच्च अधिकारियों को पहुंचना पड़े मौके पर
नगर निगम के छोटे कर्मचारियों ने अकेले इस बिल्डिंग को सील करने से इंकार कर दिया। पॉलिटिकल प्रेशर के चलते उन्होंने अधिकारियों को कहा कि वे अकेले सील करने के लिए नहीं जाएंगे। कर्मचारियों के विरोध के बावजूद मौके पर ईओ व एक्सईएन सहित सभी एमई बिल्डिंग इंस्पेक्टर सहित कई अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंचे।
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शहर में चर्चा
बीजेपी नेता की बिल्डिंग सील होने के मामले के बाद पूरे शहर में इस बात की चर्चा है कि कई सालों में पहली बार निगम ने इतनी बड़ी कार्रवाई की है। यानी सत्ता पक्ष के नेता के बिल्डिंग सील करना छोटी बात नहीं। उधर विपक्षी पार्टी के छोटे से लेकर बड़े नेताओं में चर्चा कुछ उलट है कि सत्ता पक्ष में होते हुए भी बीजेपी नेताओं की ही बिल्डिंग सील हो गई।
पांच महीने पहले निगम की तरफ से नोटिस आया था, जिसका जवाब दे दिया गया। बिल्डिंग नक्शे के अनुरूप है। अब बिना कोई सूचना व नोटिस के निगम ने बिल्डिंग सील कर दी। मैं कोर्ट में जाऊंगा।
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नोटिस जवाब में कहा था कर लेंगे ठीक
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि बिल्डिंग नक्शे के अनुरूप नहीं बनाई गई थी, जिसे पहले भी नोटिस दिए गए थे। नोटिस के जवाब में बिल्डिंग मालिक ने निर्माण सही करने की बात कही थी। कुछ समय बीतने के बाद फिर से निर्माण अवैध तरीके से शुरू कर दिया। नगर निगम ने फिर नोटिस जारी कर दिया। नोटिस मिलने पर कोई सुधार न किए जाने के मामले को लेकर फिर निगम कमिश्नर ने बिल्डिंग सील के ऑर्डर जारी कर दिए।
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उच्च अधिकारियों को पहुंचना पड़े मौके पर
नगर निगम के छोटे कर्मचारियों ने अकेले इस बिल्डिंग को सील करने से इंकार कर दिया। पॉलिटिकल प्रेशर के चलते उन्होंने अधिकारियों को कहा कि वे अकेले सील करने के लिए नहीं जाएंगे। कर्मचारियों के विरोध के बावजूद मौके पर ईओ व एक्सईएन सहित सभी एमई बिल्डिंग इंस्पेक्टर सहित कई अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंचे।
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शहर में चर्चा
बीजेपी नेता की बिल्डिंग सील होने के मामले के बाद पूरे शहर में इस बात की चर्चा है कि कई सालों में पहली बार निगम ने इतनी बड़ी कार्रवाई की है। यानी सत्ता पक्ष के नेता के बिल्डिंग सील करना छोटी बात नहीं। उधर विपक्षी पार्टी के छोटे से लेकर बड़े नेताओं में चर्चा कुछ उलट है कि सत्ता पक्ष में होते हुए भी बीजेपी नेताओं की ही बिल्डिंग सील हो गई।
पांच महीने पहले निगम की तरफ से नोटिस आया था, जिसका जवाब दे दिया गया। बिल्डिंग नक्शे के अनुरूप है। अब बिना कोई सूचना व नोटिस के निगम ने बिल्डिंग सील कर दी। मैं कोर्ट में जाऊंगा।
- जोगीराम सिहाग, बीजेपी नेता