फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   Hindi language became a weapon for revolutionaries in the freedom struggle

आजादी की लड़ाई में हिंदी भाषा क्रांतिकारियों के लिए बनी हथियार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 13 Sep 2022 11:45 PM IST
विज्ञापन
Hindi language became a weapon for revolutionaries in the freedom struggle
हिसार-जाट कॉलेज के हिंदी विभाग में हिंदी दिवस पर विमर्श करते प्राचार्य नीलम सिंह, विभागाध्यक्ष स? - फोटो : Hisar
हिसार। एक स्वतंत्र देश की खुद की एक भाषा होती है, जो उस देश का मान-सम्मान और गौरव होती है। भाषा और संस्कृति ही उस देश की असली पहचान होती है। विश्व में कई सारी भाषाएं बोली जाती हैं, जिसमें हिंदी भाषा का विशेष महत्व है। हिंदी का विश्व में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाओं में दूसरा स्थान है। भारत को आजाद कराने में हिंदी भाषा क्रांतिकारियों के लिए हथियार बनी थी। रोजगार की क्षेत्र में हिंदी भाषा का बहुत अधिक महत्व है। यह कहना है सीआरएम जाट कॉलेज के शिक्षकों का। वे मंगलवार को कॉलेज में आयोजित अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में अपने विचार रख रहे थे।
विज्ञापन

कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. नीलम सिंह बतौर मुख्य अतिथि पहुंची। वहीं, अध्यक्षता हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र मलिक ने की। इस मौके पर अंग्रेजी विभाग के प्रो. कॉलेज मीडिया प्रभारी डॉ. परविंदर दलाल, हिंदी विभाग के प्रो. डॉ. राकेश कुमार, डॉ. नरेंद्र चहल, प्रो. अंजू रानी, प्रो. डॉ. सुनीता, डॉ. बिमला लाठर, डॉ. योगिता ने हिंदी भाषा के इतिहास, साहित्य पर अपने विचार रखे।
विज्ञापन

हिंदी एक ऐसी भाषा है, जो सभी धर्मों के लोगों को जोड़े रखने का काम करती है। यह सिर्फ एक भाषा का काम ही नहीं करती, यह एक देश की संस्कृति, वेशभूषा, रहन-सहन, पहचान है। हिंदी भाषा का विस्तृत क्षेत्र है। हिंदी दिवस पर मैं सभी देश वासियों को बधाई देती हूं। हिंदी विषय में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करती हूं। - डॉ. नीलम सिंह, प्राचार्य
विज्ञापन
विज्ञापन

हिंदी दिवस हमारे लिए किसी उत्सव से कम नहीं है। आजाद की लड़ाई में क्रांतिकारियों ने हिंदी को हथियार की तरह काम में लिया। हिंदी भाषा का साहित्य बहुत ही गौरवशाली है। हिंदी वैशाखियों पर नहीं है। रोजगार की दृष्टि से हिंदी भाषा का विस्तृत क्षेत्र है। शिक्षण से लेकर विज्ञान, व्यापार, बैंकिंग, सिनेमा व मीडिया क्षेत्र तक विद्यार्थियों को रोजगार मिल रहा है। मैं कई बार विदेशों में गया हमने वहां हिंदी भाषा का ही प्रयोग किया। हमें विदेशों में भी हिंदी बोलने वाले व हिंदी समझने वाले लोग मिल गए। हिंदी सटीक व सुलझी हुई भाषा है। - डॉ. सुरेंद्र मलिक, विभागाध्यक्ष, हिंदी विभाग
हिंदी भाषा ने हमें विश्व में एक नई पहचान दिलाई है। हिंदी दिवस भारत में हर वर्ष ‘14 सितंबर’ को मनाया जाता है। हिंदी विश्व में बोली जाने वाली प्रमुख भाषाओं में से एक है। विश्व की प्राचीन, समृद्ध और सरल भाषा होने के साथ-साथ हिंदी हमारी ‘राष्ट्रभाषा’ भी है। वह दुनियाभर में हमें सम्मान भी दिलाती है। यह भाषा है हमारे सम्मान, स्वाभिमान और गर्व की। हम आपको बता दें कि हिंदी भाषा विश्व में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली तीसरी भाषा है।
-डॉ. योगिता, प्रोफेसर, हिंदी विभाग
वर्तमान समय में हिंदी भाषा का प्रचलन बढ़ा और इस भाषा ने राष्ट्रभाषा का रूप ले लिया। अब हमारी राष्ट्रभाषा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बहुत पसंद की जाती है। इसका एक कारण यह है कि हमारी भाषा हमारे देश की संस्कृति और संस्कारों का प्रतिबिंब है। आज विश्व के कोने-कोने से विद्यार्थी हमारी भाषा और संस्कृति को जानने के लिए हमारे देश का रुख कर रहे हैं।
- डॉ. बिमला लाठर, प्रोफेसर, हिंदी विभाग
हिंदी भाषा की अन्य भाषाओं से तुलना करना ठीक नहीं है। हर भाषा हमारे लिए सम्मानित है। हिंदी तो हमारे लिए बहुत ही सम्मानित भाषा है। हिंदी का इतिहास बहुत ही गौरवशाली है। हिंदी को हर आदमी की भाषा कहा जाता है। सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि अब विदेशी लोगों को भी इस भाषा में दिलचस्पी होने लगी है। सभी को ये बात माननी ही पड़ेगी की भविष्य की भाषा हिंदी ही है। - डॉ. परविंदर दलाल, मीडिया प्रभारी
हम हिंदुस्तानी हैं और हिंदी हमारी मातृभाषा है। हम सब हिंदी से बहुत प्यार करते हैं। हिंदी भाषा का इतिहास बहुत ही पुराना व गौरवशाली है। हिंदी भाषा का महत्व आप इसी बात से समझ सकते हैं की ये एक ऐसी भाषा है जिसे संसार की लगभग 20 प्रतिशत आबादी आसानी से समझ लेती है। भारत के कई मशहूर कवियों व साहित्यकारों ने हिंदी भाषा में अपनी कई अनमोल रचनात्मक कल्पनाएं सुनहरे पन्नों पर उतारी हैं। - डॉ. नरेंद्र चहल, हिंदी विभाग
हिंदी भाषा प्रत्येक भारतीय के दिल में बसती है। यह वह भाषा जिसमें प्रत्येक भारतीय संवाद करता है। इसलिए हिंदी भाषा की भूमिका हमारे जीवन में महत्वपूर्ण है। हिंदी भाषा की सरलता इतनी है कि इस भाषा ने दुनिया भर की भाषाओं को अपने अंदर समावेश किया है। - प्रोफेसर अंजू रानी, हिंदी विभाग
बहता नीर के सिद्धांत का पालन करते हुए हिंदी तमाम अवरोधों, बाधाओं को पार करते हुए आज अपनी पहुंच का दायरा बढ़ा रही है। इसमें इंटरनेट और सूचना क्रांति विशेषकर मोबाइल फोन ने हिंदी को तकनीकी भाषा बनाने में सहायता की है। 21वीं सदी की हिंदी न सिर्फ साहित्य भाषा है, शिक्षा की भाषा है, मनोरंजन, विज्ञापन की भाषा है बल्कि विज्ञान, तकनीक एवं रोजगार की अनंत संभावनाओं से भरी हुई भाषा भी है। - डॉ. सुनीता, हिंदी विभाग

हिंदी भाषा हमें आपस में जोड़ हुए है। हिंदी भाषा का इतिहास बहुत ही पुराना है, माना जाता है की ये 1000 सालों से चली आ रही है। इससे पहले संस्कृत का दौर था। संस्कृत के बाद हिंदी को ही इसका उत्तराधिकारी माना जाता है। वैसे आधुनिक हिंदी के निर्माता भारतेंदू हरिश्चंद्र को माना जाता है। हमें हिंदी भाषा पर गर्व है। - डॉ. राकेश कुमार, हिंदी विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed