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Hisar News: नयागांव मामले में हाईकोर्ट सख्त, हिसार एसपी को व्यक्तिगत रूप से तलब किया

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 09 Jun 2026 11:51 PM IST
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High Court takes a tough stand on Nayagaon case, summons Hisar SP in person
हिसार। पंजाब के मोहाली जिले के नयागांव में हिसार सीआईए पुलिस की कार्रवाई और उसके बाद दर्ज एफआईआर से जुड़े मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए हिसार के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को 10 जून, बुधवार को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने यह आदेश उस याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया जिसमें आरोप लगाया गया है कि हिसार सीआईए स्टाफ के पुलिसकर्मियों ने कानून की प्रक्रिया का पालन किए बिना एक अधिवक्ता के घर में घुसकर कार्रवाई की और बाद में शिकायतकर्ता के खिलाफ प्रतिशोधात्मक कार्रवाई की।
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हाईकोर्ट में दायर आवेदन के अनुसार 30 नवंबर 2025 की घटना के संबंध में नयागांव थाना, जिला एसएएस नगर में 16 दिसंबर 2025 को एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले में शिकायतकर्ता अधिवक्ता अमित दुहन को 14 जून 2026 को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किया गया था।
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याचिकाकर्ता पक्ष का आरोप है कि यह नोटिस और जांच प्रक्रिया हाईकोर्ट द्वारा पुलिस अधिकारियों के खिलाफ की जा रही सुनवाई के जवाब में काउंटर ब्लास्ट के रूप में शुरू की गई। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि 30 नवंबर, 2025 को नयागांव स्थित अधिवक्ता के निवास पर पांच पुलिस अधिकारियों ने कथित तौर पर बिना वैधानिक प्रक्रिया अपनाए प्रवेश किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने हिसार के एसपी को अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया है।
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हाईकोर्ट ने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को भी निर्देश दिए हैं कि कथित तौर पर पुलिस अत्याचार में शामिल अधिकारियों जिनमें अंबाला के एसपी का नाम भी सामने आया है, के खिलाफ अब तक की गई कार्रवाई का विस्तृत शपथ-पत्र 10 जून को अदालत में प्रस्तुत किया जाए।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि रिकॉर्ड पर उपलब्ध तथ्यों से प्रथम दृष्टया गंभीर आरोप उभरकर सामने आ रहे हैं। हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को तलब किए जाने के बाद यह मामला कानूनी और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। अब सभी की नजरें 10 जून को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां पुलिस अधिकारियों की भूमिका और दर्ज एफआईआर की वैधता को लेकर महत्वपूर्ण बहस होने की संभावना है।
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