{"_id":"57bc9ba74f1c1b9663d50d90","slug":"hau-special-extension-finished-hau-hisar","type":"story","status":"publish","title_hn":"एचएयू में स्पेशल एक्सटेंशन बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एचएयू में स्पेशल एक्सटेंशन बंद
ब्यूरो_अमर उजाला_हिसार
Updated Wed, 24 Aug 2016 12:23 AM IST
विज्ञापन
विश्वविद्यालय
- फोटो : bureau
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एचएयू में काम करने वाले 63 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की सेवाएं एचएयू ने बंद कर दी हैं। जिसके बाद करीब 26 लोगों की एचएयू से छुट्टी हो गई है। इनमें शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि यह फैसला कुलपति ने एक अगस्त को ही ले लिया था, जिसके बाद उन्हें नोटिस देकर रिलीव कर दिया गया है।अब भविष्य में भी एक्ट के खिलाफ जाकर 63 वर्ष की उम्र के बाद कोई एक्सटेंशन नहीं दी जाएगी।
जानकारी के मुताबिक एक्ट के तहत केवल 63 वर्ष तक ही एक्सटेंशन दी जा सकती है। लेकिन स्टॉफ की कमी के चलते पूर्व कुलपति डॉ. खोखर ने एक्सटेंशन बढ़ा दी थी। नवनियुक्त कुलपति केपी सिंह ने एक्ट का हवाला देते हुए सर्कुलर जारी कर नियम के मुताबिक चलने की बात कही थी, जिसके बाद करीब 24 कर्मचारियों व 2 प्रोफेसरों को रिलीव कर दिया गया है।
ऐसे मिलती थी एक्सटेंशन
एचएयू में स्टॉफ की कमी के कारण टीचर्स और नॉन टीचर्स स्टॉफ को एक्सटेंशन दी जाती रही है। 60 वर्ष की उम्र में रिटायरमेंट के बाद तीन वर्ष तक एक्सटेंशन देने का एक्ट में प्रावधान है। लेकिन 63 वर्ष की उम्र हो जाने के बाद पूर्व कुलपति ने अपनी पावर का इस्तेमाल कर दो वर्षों की एक्सटेंशन बढ़ा दी थी। हर छह माह बाद एक्सटेंशन बढ़ाई जाती रही है। इस प्रकार कार्यकाल 65 वर्षों तक हो जाता था। करीब 26 कर्मचारी इसका लाभ ले रहे थे। अब नवनियुक्त कुलपति ने नियमानुसार चलते हुए सर्कुलर जारी कर दिया।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय में स्टाफ की बहुत कमी है। लेकिन हम एक्ट के अनुसार ही काम करेंगे। उन्हें हटाना हमारी मजबूरी थी। स्टाफ की कमी को लेकर हमने आईसीएआर को भी अवगत करवाया है। वहीं सरकार से भी बात चल रही है। सरकार पॉजिटिव है। बहुत जल्द विश्वविद्यालय में भर्तियां होंगी।
- केपी सिंह, कुलपति, एचएयू, हिसार
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक एक्ट के तहत केवल 63 वर्ष तक ही एक्सटेंशन दी जा सकती है। लेकिन स्टॉफ की कमी के चलते पूर्व कुलपति डॉ. खोखर ने एक्सटेंशन बढ़ा दी थी। नवनियुक्त कुलपति केपी सिंह ने एक्ट का हवाला देते हुए सर्कुलर जारी कर नियम के मुताबिक चलने की बात कही थी, जिसके बाद करीब 24 कर्मचारियों व 2 प्रोफेसरों को रिलीव कर दिया गया है।
विज्ञापन
ऐसे मिलती थी एक्सटेंशन
एचएयू में स्टॉफ की कमी के कारण टीचर्स और नॉन टीचर्स स्टॉफ को एक्सटेंशन दी जाती रही है। 60 वर्ष की उम्र में रिटायरमेंट के बाद तीन वर्ष तक एक्सटेंशन देने का एक्ट में प्रावधान है। लेकिन 63 वर्ष की उम्र हो जाने के बाद पूर्व कुलपति ने अपनी पावर का इस्तेमाल कर दो वर्षों की एक्सटेंशन बढ़ा दी थी। हर छह माह बाद एक्सटेंशन बढ़ाई जाती रही है। इस प्रकार कार्यकाल 65 वर्षों तक हो जाता था। करीब 26 कर्मचारी इसका लाभ ले रहे थे। अब नवनियुक्त कुलपति ने नियमानुसार चलते हुए सर्कुलर जारी कर दिया।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय में स्टाफ की बहुत कमी है। लेकिन हम एक्ट के अनुसार ही काम करेंगे। उन्हें हटाना हमारी मजबूरी थी। स्टाफ की कमी को लेकर हमने आईसीएआर को भी अवगत करवाया है। वहीं सरकार से भी बात चल रही है। सरकार पॉजिटिव है। बहुत जल्द विश्वविद्यालय में भर्तियां होंगी।
- केपी सिंह, कुलपति, एचएयू, हिसार