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Haryana: ग्रुप D में नौकरी न मिलने से परेशान युवक ने जान दी, कोचिंग देता था, पढ़ाए बच्चे लगे सरकारी नौकरी
Wed, 13 Mar 2024 10:30 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, हांसी, हिसार (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, हांसी, हिसार (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Wed, 13 Mar 2024 10:30 PM IST
सार
युवक कोचिंग देता था, पढ़ाए हुए बच्चे सरकारी नौकरी लगे लेकिन खुद को नहीं मिली तो जान दी। ग्रुप डी में नौकरी न मिलने से परेशान होकर जहरीला पदार्थ निगल लिया। मौनू भिवानी जाने की बात कहकर मंगलवार को घर से गया था।
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मृतक मौनू यादव का फाइल फोटो। परिजन।
- फोटो : संवाद
विस्तार
सरकारी नौकरी न मिलने से परेशान गांव जीतपुरा के युवक मोनू यादव (30) ने जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या कर ली। तीन दिन पूर्व जारी हुई ग्रुप डी में उसका नंबर नहीं आया था। इससे वह काफी आहत था। मोनू एमएससी का टॉपर था व बच्चों को कोचिंग देता था। उसके पढ़ाए हुए बच्चे सरकारी नौकरी भी प्राप्त कर चुके थे।
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परिजनों के अनुसार मोनू यादव ने मानसिक रूप से परेशान होकर गांव देपल के पास जहरीला पदार्थ खा लिया था। पिता धर्मवीर ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उनका बेटा मोनू मंगलवार को भिवानी जाने के लिए बोलकर घर से गया था। उन्होंने दोपहर को बेटे को फोन किया तो उसने एक घंटे बाद घर पहुंचने के बात कही थी।
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मगर, एक घंटे बाद उनका बेटा तो घर नहीं पहुंचा, मगर पुलिस का उनके पास फोन आया की आपके बेटे ने जहरीला पदार्थ खा लिया है। सदर थाना पुलिस मोनू यादव को नागरिक अस्पताल में लेकर पहुंची। नागरिक अस्पताल में उपचार के दौरान मोनू यादव ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को नागरिक अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया, जहां मोनू यादव के शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों के हवाले कर दिया। पुलिस ने मोनू यादव के पिता धर्मवीर के बयान पर इत्तफाकिया कार्रवाई की है।
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बच्चों को कोचिंग देता था मोनू
मृतक के पिता धर्मवीर ने बताया कि उनका बेटा एमएससी टॉपर था। वह बच्चों को सरकारी नौकरी के लिए कोचिंग देता था। उन्होंने कहा कि मोनू द्वारा पढ़ाए गए बच्चों को सरकारी नौकरी मिल गई। मगर, तीन दिन पूर्व डी ग्रुप की लिस्ट जारी हुई, जिसमें उसके 72 नंबर आए थे। मेरिट सूची ज्यादा नंबर की लगने के कारण उसका लिस्ट में नाम नहीं आया था।
वह मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। इसी वजह से उसने अपनी जान दे दी। धर्मवीर ने बताया कि उनके दो बेटे व दो बेटी थे। मोनू की दो बहनें हैं जो विवाहित हैं। मोनू का एक छोटा भाई भी है। मृतक मोनू यादव के पिता धर्मवीर खेती बाड़ी करते हैं।