फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   Haryana: For the first time in the state; Veterinarians successfully operated on monkey's white cataract

Haryana: प्रदेश में पहली बार; लुवास में पशु चिकित्सकों ने किया बंदर के सफेद मोतियाबिंद का सफल ऑपरेशन

Thu, 30 May 2024 11:29 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Thu, 30 May 2024 11:29 PM IST
सार

प्रदेश में बंदर का सफेद मोतियाबिंद का पहला ऑपरेशन हुआ है। ऑपरेशन के बाद बंदर को दिखाई देने लगा है। एक घंटे ऑपरेशन चला। 

विज्ञापन
Haryana: For the first time in the state; Veterinarians successfully operated on monkey's white cataract
लुवास में बंदर की आंख का ऑपरेशन करने वाली टीम। - फोटो : संवाद

विस्तार

हिसार के लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) में पशु नेत्र चिकित्सकों ने बंदर के मोतियाबिंद का सफल ऑपरेशन किया है। प्रदेश में बंदर के मोतियाबिंद की यह पहली सर्जरी है। यह सर्जरी लुवास के कुलपति प्रो. (डॉ.) विनोद कुमार वर्मा के मार्गदर्शन में पशु चिकित्सा महाविद्यालय के पशु शल्य चिकित्सा एवं रेडियोलॉजी विभाग में हाल ही में स्थापित पशु नेत्र चिकित्सा इकाई ने की। चिकित्सकों की टीम ने एक घंटे में यह सफल सर्जरी की है।

विज्ञापन


विभागाध्यक्ष डॉ. आर एन चौधरी ने बताया कि बंदर बिजली के करंट से झुलस गया था, जिसे हांसी के रहने वाले मुनीष ने बचाया और उसका इलाज करवाया। पहले बंदर के शरीर पर जलने के कई घाव थे। वह चलने फिरने में असमर्थ था। कई दिनों तक उपचार चलने के बाद जब बंदर चलने लगा तो मुनीष ने पाया की वह बंदर नेत्रहीन है। इसके बाद बंदर का उपचार करवाने के लिए मुनीष उसे लुवास के सर्जरी विभाग में लाया।
विज्ञापन


बंदर की दोनों आंखों में था सफेद मोतिया
पशु नेत्र चिकित्सा इकाई में जांच के उपरांत डॉ. प्रियंका दुग्गल ने पाया कि बंदर के दोनों आंखों में सफेद मोतिया हो गया है। एक आंख में विट्रस भी क्षतिग्रस्त हो चुका था, तो दूसरी आंख की सर्जरी की गई और सर्जरी के बाद बंदर देखने लगा। बंदर के आंख की लौटी रोशनी देखकर मुनीष और उनके साथियों ने सर्जरी टीम का धन्यवाद किया। डॉ. प्रियंका व उनकी टीम भी सर्जरी की सफलता से काफी उत्साहित है। कुलपति प्रो. (डॉ.) विनोद कुमार वर्मा, डीन डॉ. गुलशन नारंग व अनुसंधान निदेशक डॉ. नरेश जिंदल ने सफलतापूर्वक मोतियाबिंद की सर्जरी के लिए टीम सर्जरी को बधाई दी एवं भविष्य में पशु चिकित्सा एवं पशु कल्याण में और नए आयाम स्थापित करने का संदेश दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed