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Hisar News: स्ट्रीट लाइटों का रखरखाव करने वाली फर्म का आज खत्म हो जाएगा कार्यकाल, नये के लिए करना होगा इंतजार
Sun, 03 Mar 2024 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 03 Mar 2024 01:18 AM IST
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हांसी। शहर की स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव की टेंडर अवधि आज समाप्त हो जाएगी। नगर परिषद द्वारा इसके लिए अगला टेंडर लगाया गया है। शहर में आगामी कुछ दिनों के लिए स्ट्रीट लाइट व्यवस्था बिगड़ सकती है। बीते दिनों हुई हाउस की बैठक में पार्षदों ने ठेकेदार को भुगतान न करने की बात भी कही थी।
बेशक टेंडर की समय अवधि आज समाप्त हो रही है। लेकिन शहर में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था की हालत खराब है। रात को जलने वाली स्ट्रीट लाइटें बेशक रात में न जले पर यह दिन में अवश्य जलती रहती हैं। शहर के कई हिस्सों में दिन के समय भी नगर परिषद की स्ट्रीट लाइटें जलती रहती हैं। न तो नगर परिषद व न ही प्रशासन का ध्यान इस ओर है। हालांकि नगर परिषद के अधिकारी इसके लिए ठेकेदार की जिम्मेदारी बताकर पल्ला झाड़ लेते हैं। शहरवासियों ने कहा कि दिन के समय स्ट्रीट लाइटों का बंद न होना नगर परिषद की लापरवाही को दर्शाता है। बिजली निगम के कर्मचारियों की मानें तो कम से कम 40 वाट की स्ट्रीट लाइट लगती है। 40 वाट की एक स्ट्रीट लाइट अगर 24 घंटे जलेगी तो वह एक यूनिट बिजली खर्च करेगी।
ठेकेदार के काम को लेकर अक्सर चेयरमैन संतुष्ट नहीं रहे
स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव का एक वर्ष विवादों भरा रहा। ठेकेदार ने छह महीने का भुगतान न होने पर बीते वर्ष एक माह के लिए काम बंद कर दिया था। वहीं ठेकेदार के काम को लेकर अक्सर चेयरमैन संतुष्ट नहीं रहे। उन्होंने कई बार अधिकारियों को पत्र लिखे। पार्षद भी ठेकेदार के काम से संतुष्ट नहीं दिखे। बीते दिनों हाउस की बैठक में पार्षदों ने कहा था कि ठेकेदार के कर्मचारी उनके वार्डों से स्ट्रीट लाइटें उतार कर ले जाते हैं।
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11 हजार स्ट्रीट लाइटें हैं शहर में
नगर परिषद की सीमा में लगभग 11 हजार से अधिक स्ट्रीट लाइट हैं। 250 के करीब हाईमास्ट लाइट चौराहों पर लगी हुई हैं। इनमें से अधिकतर लाइट या तो बंद पड़ी हैं या फिर कम प्रकाश दे रही हैं। कहीं स्विच खराब हैं, तो कहीं कनेक्शन का तार टूटा पड़ा है। एक वर्ष पूर्व नगर परिषद ने हिसार की फर्म को शहर की स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करने का ठेका करीब 40 लाख रुपये प्रतिमाह के हिसाब से दिया था।
एक सप्ताह में अलॉटमेंट की प्रक्रिया पूरी कर देंगे
मैं लगातार शहर की स्ट्रीट लाइट को बेहतर करवाने का प्रयास कर रहा हूं। आगामी दिनों में आचार संहिता लगने वाली है। इसलिए टेंडर समय से लगवा दिया है। आगामी एक सप्ताह तक टेंडर खोलकर अलॉटमेंट की प्रक्रिया पूरी कर देंगे। - प्रवीन ऐलावादी, चेयरमैन, नगर परिषद।
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बेशक टेंडर की समय अवधि आज समाप्त हो रही है। लेकिन शहर में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था की हालत खराब है। रात को जलने वाली स्ट्रीट लाइटें बेशक रात में न जले पर यह दिन में अवश्य जलती रहती हैं। शहर के कई हिस्सों में दिन के समय भी नगर परिषद की स्ट्रीट लाइटें जलती रहती हैं। न तो नगर परिषद व न ही प्रशासन का ध्यान इस ओर है। हालांकि नगर परिषद के अधिकारी इसके लिए ठेकेदार की जिम्मेदारी बताकर पल्ला झाड़ लेते हैं। शहरवासियों ने कहा कि दिन के समय स्ट्रीट लाइटों का बंद न होना नगर परिषद की लापरवाही को दर्शाता है। बिजली निगम के कर्मचारियों की मानें तो कम से कम 40 वाट की स्ट्रीट लाइट लगती है। 40 वाट की एक स्ट्रीट लाइट अगर 24 घंटे जलेगी तो वह एक यूनिट बिजली खर्च करेगी।
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ठेकेदार के काम को लेकर अक्सर चेयरमैन संतुष्ट नहीं रहे
स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव का एक वर्ष विवादों भरा रहा। ठेकेदार ने छह महीने का भुगतान न होने पर बीते वर्ष एक माह के लिए काम बंद कर दिया था। वहीं ठेकेदार के काम को लेकर अक्सर चेयरमैन संतुष्ट नहीं रहे। उन्होंने कई बार अधिकारियों को पत्र लिखे। पार्षद भी ठेकेदार के काम से संतुष्ट नहीं दिखे। बीते दिनों हाउस की बैठक में पार्षदों ने कहा था कि ठेकेदार के कर्मचारी उनके वार्डों से स्ट्रीट लाइटें उतार कर ले जाते हैं।
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11 हजार स्ट्रीट लाइटें हैं शहर में
नगर परिषद की सीमा में लगभग 11 हजार से अधिक स्ट्रीट लाइट हैं। 250 के करीब हाईमास्ट लाइट चौराहों पर लगी हुई हैं। इनमें से अधिकतर लाइट या तो बंद पड़ी हैं या फिर कम प्रकाश दे रही हैं। कहीं स्विच खराब हैं, तो कहीं कनेक्शन का तार टूटा पड़ा है। एक वर्ष पूर्व नगर परिषद ने हिसार की फर्म को शहर की स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करने का ठेका करीब 40 लाख रुपये प्रतिमाह के हिसाब से दिया था।
एक सप्ताह में अलॉटमेंट की प्रक्रिया पूरी कर देंगे
मैं लगातार शहर की स्ट्रीट लाइट को बेहतर करवाने का प्रयास कर रहा हूं। आगामी दिनों में आचार संहिता लगने वाली है। इसलिए टेंडर समय से लगवा दिया है। आगामी एक सप्ताह तक टेंडर खोलकर अलॉटमेंट की प्रक्रिया पूरी कर देंगे। - प्रवीन ऐलावादी, चेयरमैन, नगर परिषद।