फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   Gurjar community, 21 villages decided, will stopped funeral, hisar

21 गांवों के लोग बोले, अब नहीं करेंगे मृत्युभोज

Mon, 20 Jun 2016 01:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार Updated Mon, 20 Jun 2016 01:12 AM IST
विज्ञापन
Gurjar community, 21 villages decided, will stopped funeral, hisar
गुर्जर समाज - फोटो : bureau

गुर्जर समाज द्वारा मृत्युभोज बंद करने का फैसला लिया गया। इस संबंध में रविवार को शगुन वाटिका में गुर्जर चिंतन सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में 21 गांवों के प्रबुद्ध लोगों ने भाग लिया। बैठक में वक्ताओं ने मृत्युभोज पर चर्चा  करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि मृत्युभोज जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त किया जाए।

विज्ञापन


कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि सबसे पहले मृत्युभोज की शुरुआत गांव बड़सी से हुई थी। उस समय भी इसका विरोध किया था, लेकिन कुछ लोगों के दबाव के चलते यह बंद नहीं हो पाई थी। उसके बाद से यह प्रथा चलती आ रही है।
विज्ञापन


       
वक्ताओं ने कहा कि आजकल मृत्युभोज में रसगुल्ले और जलेबी जैसी स्टॉल भी लगने लगी हैं, जोकि वेदना और दुख की घड़ी में किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि समाज में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को कर्ज उठाकर सामाजिक दबाव और दिखावे के चलते मृत्युभोज का आयोजन करना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके चलते हमारा समाज आर्थिक रूप से पिछड़ता जा रहा है। हालांकि हिंदू धर्म ग्रंथों में कहीं भी मृत्युभोज जैसी प्रथा का कोई जिक्र नहीं है, लेकिन लोग दिखावे के चलते इसका आयोजन कर रहे हैं।

अंतिम संस्कार में शवों को नहीं ओढ़ाएंगे शाल
गुर्जर समाज के कृष्णपाल गुर्जर ने बताया कि बैठक में उपस्थित 21 गांव के मुअज्जिज लोगों द्वारा मृत्युभोज कार्यक्रम का आयोजन न किए जाने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा शवों को जलाते समय शॉल आदि न ओढ़ाने का फैसला लिया गया है, क्योंकि इससे प्रदूषण फैलता हैै।

यादव समाज ने मृत्युभोज बंद करवाने के लिए की कमेटी गठित
यादव सभा की बैठक रविवार को यादव सभा के प्रधान ओपी यादव की अध्यक्षता मे प्रगति हाई स्कूल के प्रांगण में आयोजित की गई। बैठक में समाज में फैली सामाजिक बुराइयों और कुरीतियों को दूर करने बारे मंथन किया गया। बैठक में सबसे पहले समाज से मृत्युभोज बंद करवाने के लिए जनजागरण अभियान चलाने को एक कमेटी का गठन किया गया।


इस अवसर पर लेक्चरर जेपी यादव को इस कमेटी का प्रधान और रिटायर्ड प्राचार्य जगदीश यादव, रिटायर्ड हेड मास्टर कृष्ण यादव डॉ. डीपी यादव, राजमल यादव, एडवोकेट सुखबीर यादव पूर्व सरपंच दूलीचंद यादव को कमेटी सदस्य मनोनीत किया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed