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सरकार की किसानों को मुआवजा देने की नीयत नहीं है : भूपेंद्र हुड्डा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 23 Apr 2023 11:44 PM IST
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Government has no intention of giving compensation to the farmers: Bhupendra Hooda
हिसार में प्रेसवार्ता को संबोधित करते पूर्व सीएम और अन्य। 
हिसार। मैं हर मंडी में गया हूं। हर जगह यही हालात हैं। मंडियां गेहूं से अटी पड़ी हैं और उठान नहीं हो रहा है, जिससे आढ़ती व किसान परेशान हैं। बेमौसमी बारिश से गेहूं का दान पिचक गया और उसकी चमक कम हो गई। इसमें किसान का कोई कसूर नहीं है। सरकार तुरंत किसानों को 500 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दे। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने रविवार को नई अनाज मंडी में प्रधान पवन गर्ग की दुकान पर आयोजित प्रेस वार्ता में कही।
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उन्होंने कहा कि वेल्यू कट आढ़ती या किसान को नहीं, बल्कि सरकार को वहन करना चाहिए। सरकार ने सरसों का एमएसपी 5450 रुपये निर्धारित किया हुआ है, लेकिन किसान की सरसों 4400 से 4600 रुपये में बिकी है। इसके अलावा 72 घंटे में किसानों को भुगतान नहीं हो रहा है। इससे सरकार की पोल खुल गई है। उठान के टेंडर फरवरी-मार्च में होने चाहिए थे, जो सरकार ने अप्रैल में किए हैं। इस कारण से 17 लाख एकड़ का खराबा हुआ है और इसकी गिरदावरी भी 10 से 15 प्रतिशत हुई है। किसानों ने फसल काट ली और अब वह मंडियों में आ गई तो अब नुकसान कैसे आंका जाएगा। इससे साफ है कि सरकार की मुआवजा देने की नीयत नहीं है।
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डीएलएफ मामला कोर्ट में विचाराधीन
डीएलएफ मामले में एसआईटी के दोबारा जांच शुरू करने के सवाल पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इस पर कुछ नहीं कहेंगे। भाजपा के कार्यकाल में प्रदेश में हुए विकास कार्यों पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रदेश प्रति व्यक्ति आय व निवेश के मामले में नंबर एक पर था। वह अब बेरोजगारी, अपराध व कर्जा लेने में नंबर एक पर है। आज के समय में प्रदेश पर 4 लाख करोड़ का कर्ज हो चुका है। परिवार पहचान पत्र तो पेंशन काटो व राशन कार्ड काटो पत्र है।
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वहीं, पहरावर जमीन मामले पर बोलते हुए हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस कार्यकाल के दौरान बाकायदा कैबिनेट ने मोहर लगाकर 33 साल की लीज पर गौड़ ब्राह्मण संस्था को यह जमीन दी थी। मौजूदा सरकार इसे छीन रही है। क्योंकि यह सरकार जनहित का कोई भी कार्य नहीं कर सकती।

फेल हो चुकी है भावातंर योजना
उत्तर प्रदेश में मार्केट फीस माफ करने के सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को एमएसपी मिले। समय पर उठान हो और बोनस मिले। भावांतर के सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार की भावांतर योजना फेल हो चुकी है। यह एक ढकोसला मात्र है। सरकार को एमएसपी पर सभी फसलों की खरीद की जानी चाहिए।

हमने की थी स्वामीनाथन लागू करने की सिफारिश
कांग्रेस द्वारा स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को तीन साल पर लटकाकर रखने के कृषि मंत्री के बयान पर उन्होंने कहा कि इसे लेकर एक वर्किंग ग्रुप बना था, जिसका मैं अध्यक्ष था। मेरे साथ पंजाब, बिहार व पश्चिमी बंगाल के मुख्यमंत्री सदस्य थे। हमारी सिफारिश थी कि स्वामीनाथन फार्मूले पर एमएसपी दिया जाए। सी टू प्लस 50 प्रतिशत मुनाफा दिया जाए। मगर ये क्यों नहीं दे रहे। भाजपा का हरियाणा का चुनावी घोषणा पत्र उठाकर देखा तो उन्होंने कहा हुआ कि वह स्वामीनाथन को लागू करेंगे। हमारा वर्ष 2005 व 2009 का चुनावी घोषणा पत्र उठाकर देख लो। उसमें ऐसी कोई घोषणा नहीं मिलेगी, जो हमने पूरी न की हो। लोकसभा चुनाव की तैयारियों पर उन्होंने कहा कि पूरी तैयारी है। सरकार चाहे तो अभी चुनाव करवा ले।


कानूनी लड़ाई कानूनी रूप से लड़ी जाएगी
राहुल गांधी से बंगला खाली करवाने के सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हाईकोर्ट में जाएंगे। कानूनी लड़ाई कानूनी रूप से व राजनीति की लड़ाई राजनीतिक रूप से लड़ी जाएगी। ओपीएस के सवाल पर उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आते ही पहली कलम से इसे लागू किया जाएगा। कुश्ती खिलाड़ियों के फिर से धरने पर बैठने के सवाल पर भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि जिन खिलाड़ियों ने प्रदेश व देश का नाम रोशन किया है, अगर वो धरने पर बैठने को मजबूर होते हैं तो दाल में जरूर कुछ काला है। उन्हें न्याय मिलना चाहिए।
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