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Hisar News: जीजेयू का वर्ष 2025 में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ पर रहेगा फोकस

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 28 Dec 2024 12:40 AM IST
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GJU will focus on 'Artificial Intelligence' in the year 2025
हिसार। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने वर्ष 2025 को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) वर्ष घोषित किया है। इसमें देशभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में अध्ययन कर रहे छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में दक्ष किया जाएगा। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में एआई के लिए सेमिनार और वर्कशॉप हुई हैं। 2025 में एआई पर विवि का फोकस रहेगा। विवि में 2023 में बीएससी इन एआई शुरू की गई थी, इस साल से 60 सीटों के साथ बीटेक इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डाटा साइंस ( एआईएंडडीएस) कोर्स शुरू किया है। पहली बार शुरू किए कोर्स में सभी सीटें फुल रहीं।
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एआईसीटीई ने इंजीनियरिंग कॉलेजों से योजना का प्रारूप तैयार कर भेजने के लिए कहा है। तकनीकी संस्थानों के कैंपस में एआई, इनोवेशन और शिक्षा के क्षेत्र में भारत को विश्वगुरु बनाने का संकल्प लेने के साथ विवि एक्टिवटी आयोजित की जाएगी। एआईसीटीई का कहना है कि भारत युवाओं का देश है और भविष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में है।
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एआई लैब स्थापित किए जाएंगे
एआईसीटीई द्वारा वर्ष 2025 में एआई वर्क फोर्स तैयार करने की योजना बनाई गई है। इसके तहत तकनीकी संस्थानों में पढ़ रहे छात्रों को एआई में दक्ष किया जाएगा। इसके तहत एआई मल्टी डिसीप्लीनरी कोर्स और रिसर्च प्रोग्राम शुरू करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। तकनीकी संस्थानों के कैंपस में अगले वर्ष एआई इनोवेशन से संबंधित एक्टिविटी के साथ कॅरिअर काउंसिलिंग प्रोग्राम संचालित होंगे। तकनीकी शिक्षण संस्थानों में इंडस्ट्री की आवश्यकता के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लैब स्थापित की जाएंगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जागरूकता के लिए वर्कशॉप, एक्सपर्ट शिक्षकों से स्पेशल एआई लेक्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कॅरिअर काउंसिलिंग प्रोग्राम संचालित किए जाएंगे।
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यह है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक ऐसी तकनीक है, जो मशीनों और कंप्यूटरों को इंसानों की तरह सोचने, समझने और निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करती है। इसका उद्देश्य है। मशीनों को इस काबिल बनाना कि वे डेटा का विश्लेषण करके समस्याओं को हल कर सकें। साथ ही कार्य को स्वचालित कर सकें।



2025 को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वर्ष घोषित किया है। एआई को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालयों में ब्लॉक बनाए हैं, जिसमें जीजेयू को नॉर्थ ब्लॉक में डीयू के अंडर रखा गया है। डीयू को एआई के लिए शोध कार्यों के लिए 100 करोड़ का बजट दिया है। एआई की रिसर्च के लिए हर विभाग के कोर्डिनेटर बनाए गए हैं, जिसमें विवि के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डाटा साइंस विभाग से सुनील कौशिक को कोर्डिनेटर बनाया गया है। - डॉ. अमनदीप, अस्सिटेंट प्रोफेसर, एआईएंडडीएस जीजेयू
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