Hisar: दूसरे दिन भी धरने पर बैठी जीजेयू पीएचडी की छात्राएं, छठे दौर की वार्ता भी विफल हुई, ये है मांग
छात्राएं बोलीं कि ये कैसी यूनिवर्सिटी है जिसमें रिसर्च स्कॉलर के लिए हॉस्टल तक नहीं है। हॉस्टल में स्थायी रूम की मांग है। आरोप है कि परिजनों को फोन करके जीजेयू के अधिकारी दबाव बना रहे हैं।
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हरियाणा के हिसार में गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय (जीजेयू) के विभिन्न विभागों में पीएचडी कर रहीं छात्राओं का कुलपति कार्यालय के बाहर लगा धरना वीरवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। जीजेयू प्रशासन के साथ शोधार्थियों की छठे दौर की वार्ता भी विफल रही। ऐसे में शोधार्थियों की मांग पूरी नहीं हो सकी, जिस कारण पीएचडी छात्राओं ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।
वहीं, धरने पर बैठीं शोधार्थियों का आरोप है कि जीजेयू के कुछ अधिकारी परिजनों को फोन करके धरना पर बैठने की शिकायत कर दबाव बना रहे हैं। गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी रिसर्च स्कॉलर एसोसिएशन ने पीड़ित शोधार्थियों के धरने को समर्थन दिया है। धरनारत सभी विद्यार्थियों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती तब तक धरना जारी रहेगा।
गौरतलब है कि पीएचडी छात्राओं ने जीजेयू के हॉस्टलों में स्थायी तौर पर कमरा अलॉट करने की मांग को लेकर धरना शुरू किया था। छात्राओं का कहना है कि जीजेयू में ऐसा कोई भी हॉस्टल नहीं है जिनमें शोधार्थियों को स्थायी तौर पर कमरा अलॉट हो सके। छात्राओं का कहना है कि फिलहाल वे महिला छात्रावास नंबर चार में रही हैं। उन्होंने हॉस्टल नंबर 2 में शिफ्ट किया जा रहा है।
इस हॉस्टल के कमरे बहुत तंग हैं। छात्राओं ने जब हॉस्टल नंबर 2 में जाने से इनकार किया तो अधिकारियों ने उन्हें कैंपस से बाहर किराये पर कमरा लेने की नसीहत दे डाली। छात्राओं का कहना है कि पीएचडी शोधार्थियों को हॉस्टल छोड़ने का फरमान जारी करना न्यायसंगत नहीं है। ऐसे में उनका शोध कार्य प्रभावित होता है। छात्राओं ने कहा कि ये कैसी यूनिवर्सिटी जिसमें रिसर्च स्कॉलर के लिए हॉस्टल तक नहीं है।