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जीजेयू को नहीं मिले योग्य शिक्षक, बंद हुआ फ्रेंच लैंग्वेज कोर्स
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हिसार। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में वर्ष 2018-19 में शुरू किए गए फ्रेंच लैंग्वेज कोर्स को तीन साल में ही शिक्षकों की कमी के कारण बंद कर दिया गया है। शुरूआत के दो बैच विश्वविद्यालय प्रशासन ने जैसे-तैसे पूरे किए। इसके बाद अच्छे शिक्षक नहीं मिले तो फ्रेंच लैंग्वेज कोर्स को पूरी तरह से बंद कर दिया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बैठक कर फैसला लिया कि इस तरह के कोर्स ऑनलाइन भी काफी विश्वविद्यालय करवा रहे हैं, तो वहां से भी यह लैंग्वेज कोर्स किए जा सकते हैं। बिना इंफ्रास्ट्रक्चर और बिना शिक्षकों के फ्रेंच लैंग्वेज कोर्स को आगे नहीं चलाया जा सकता है। इसलिए इसे बंद कर दिया गया।
120 विद्यार्थियों ने की थी इस कोर्स की पढ़ाई -
गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने विश्वविद्यालय में 2018 में फ्रेंच लैंग्वेज के दो कोर्स शुरू किए थे। जिनमें एक वर्ष का सर्टिफिकेट कोर्स और दो वर्ष का डिप्लोमा कोर्स इन फ्रेंच लेंग्वेज शामिल थे। कोर्स में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के अलावा 12वीं पास कोई भी विद्यार्थी दाखिला ले सकता था। फ्रेंच लैंग्वेज कोर्स के पहले और दूसरे बैच में 60-60 लोगों ने यह कोर्स किया था। दूसरे बैच के दौरान परीक्षा के लिए अलग से एक शिक्षक को बुलाना पड़ा था।
यह होता फायदा -
यह कोर्स करने वाले विद्यार्र्थियों और अन्य लोगों के लिए विदेश जाने के रास्ते भी खुल जाते। इसके अलावा फ्रेंच भाषा जानने के कारण करिअर में भी प्रगति के अवसर मिल सकते थे। लेकिन अब गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय ने यह कोर्स बंद कर दिया है।
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शुरुआत में 4 हजार रुपये थी फीस -
इस कोर्स की कक्षाएं शाम के समय 4 बजे से 6 बजे तक लगाई जाती थी। इस कोर्स को करवाने के लिए तीन शिक्षक अनुबंध आधार पर नियुक्त किया गए थे। इसको शुरू करने के लिए एक शिक्षक को अनुबंध आधार पर रखा गया था, लेकिन इस शिक्षक का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। जिसके कारण विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे हटाकर दो और शिक्षक फ्रेंच लैंग्वेज कोर्स के लिए बुलाए थे। जिन्होंने जैसे तैसे दूसरा बैच पूरा किया, लेकिन इसके बाद फ्रेंच लैंग्वेज कोर्स का कोई भी शिक्षक विश्वविद्यालय प्रशासन को नहीं मिल पाया।
कोट -
फ्रेंच लैंग्वेज कोर्स को दो साल तक चलाया गया था। इसके बाद कोरोना के कारण लॉकडाउन लगा। दोबारा यह कोर्स शुरू करने पर विचार किया, लेकिन शिक्षक नहीं मिले। इस कारण विवि प्रशासन ने बैठक कर फैसला लिया कि इसे बंद कर दिया जाए।
- प्रो. एनके बिश्नोई, डीन फैक्लेटी ऑफ सोशल साइंस, गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय।
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120 विद्यार्थियों ने की थी इस कोर्स की पढ़ाई -
गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने विश्वविद्यालय में 2018 में फ्रेंच लैंग्वेज के दो कोर्स शुरू किए थे। जिनमें एक वर्ष का सर्टिफिकेट कोर्स और दो वर्ष का डिप्लोमा कोर्स इन फ्रेंच लेंग्वेज शामिल थे। कोर्स में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के अलावा 12वीं पास कोई भी विद्यार्थी दाखिला ले सकता था। फ्रेंच लैंग्वेज कोर्स के पहले और दूसरे बैच में 60-60 लोगों ने यह कोर्स किया था। दूसरे बैच के दौरान परीक्षा के लिए अलग से एक शिक्षक को बुलाना पड़ा था।
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यह होता फायदा -
यह कोर्स करने वाले विद्यार्र्थियों और अन्य लोगों के लिए विदेश जाने के रास्ते भी खुल जाते। इसके अलावा फ्रेंच भाषा जानने के कारण करिअर में भी प्रगति के अवसर मिल सकते थे। लेकिन अब गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय ने यह कोर्स बंद कर दिया है।
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शुरुआत में 4 हजार रुपये थी फीस -
इस कोर्स की कक्षाएं शाम के समय 4 बजे से 6 बजे तक लगाई जाती थी। इस कोर्स को करवाने के लिए तीन शिक्षक अनुबंध आधार पर नियुक्त किया गए थे। इसको शुरू करने के लिए एक शिक्षक को अनुबंध आधार पर रखा गया था, लेकिन इस शिक्षक का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। जिसके कारण विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे हटाकर दो और शिक्षक फ्रेंच लैंग्वेज कोर्स के लिए बुलाए थे। जिन्होंने जैसे तैसे दूसरा बैच पूरा किया, लेकिन इसके बाद फ्रेंच लैंग्वेज कोर्स का कोई भी शिक्षक विश्वविद्यालय प्रशासन को नहीं मिल पाया।
कोट -
फ्रेंच लैंग्वेज कोर्स को दो साल तक चलाया गया था। इसके बाद कोरोना के कारण लॉकडाउन लगा। दोबारा यह कोर्स शुरू करने पर विचार किया, लेकिन शिक्षक नहीं मिले। इस कारण विवि प्रशासन ने बैठक कर फैसला लिया कि इसे बंद कर दिया जाए।
- प्रो. एनके बिश्नोई, डीन फैक्लेटी ऑफ सोशल साइंस, गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय।