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Hisar News: बालिकाओं ने सीखे नेतृत्व और चुनाव प्रक्रिया के गुर
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माई सिटी रिपोर्टर
हिसार। जिले का सरसोद गांव देश का पहला गांव बनने जा रहा है, जहां सांविधानिक बालिका पंचायत गठित की जाएगी। बालिकाओं को नेतृत्व का अवसर देने वाली इस अनूठी पहल के तहत रविवार को बालिका सरपंच और पंच उम्मीदवारों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
सरपंच गाइडेंस एंड काउंसिलिंग सेंटर के सदस्य और पंचायती राज विशेषज्ञ प्रदीप भ्याण ने करीब 40 नामांकित बालिकाओं को चुनाव चिह्न चुनने, घोषणापत्र बनाने, मतदाताओं से जुड़ने और विजन प्रस्तुत करने जैसी बारीकियां समझाईं। सत्र में बैलेट पेपर का प्रयोग और वोट पर्ची तैयार करने की प्रक्रिया भी बताई गई। बालिकाओं ने ढाई घंटे में अपने घोषणापत्र तैयार कर सामूहिक मंथन किया, जिससे उनके आत्मविश्वास में स्पष्ट बढ़ोतरी दिखी।
सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन के संस्थापक प्रो. सुनील जागलान ने इसे सरसोद के लिए ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह देश का पहला गांव होगा जहां पूरी बालिका कैबिनेट बनेगी। उन्होंने बताया कि कैबिनेट गठन के बाद एक और सत्र में बैठकों की कार्यवाही लिखने और अपनी मांगों को उच्च स्तर तक पहुंचाने के तरीके सिखाए जाएंगे। सरसोद के लोग इस पहल को लेकर उत्साहित हैं और गांव की लड़कियां स्वयं को भविष्य की सरपंच और पंच के रूप में देख रही हैं। बैठक में गांव की सरपंच सुनीता भ्याण और बालिका निर्वाचन अधिकारी रितिका भी मौजूद रहीं।
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हिसार। जिले का सरसोद गांव देश का पहला गांव बनने जा रहा है, जहां सांविधानिक बालिका पंचायत गठित की जाएगी। बालिकाओं को नेतृत्व का अवसर देने वाली इस अनूठी पहल के तहत रविवार को बालिका सरपंच और पंच उम्मीदवारों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
सरपंच गाइडेंस एंड काउंसिलिंग सेंटर के सदस्य और पंचायती राज विशेषज्ञ प्रदीप भ्याण ने करीब 40 नामांकित बालिकाओं को चुनाव चिह्न चुनने, घोषणापत्र बनाने, मतदाताओं से जुड़ने और विजन प्रस्तुत करने जैसी बारीकियां समझाईं। सत्र में बैलेट पेपर का प्रयोग और वोट पर्ची तैयार करने की प्रक्रिया भी बताई गई। बालिकाओं ने ढाई घंटे में अपने घोषणापत्र तैयार कर सामूहिक मंथन किया, जिससे उनके आत्मविश्वास में स्पष्ट बढ़ोतरी दिखी।
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सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन के संस्थापक प्रो. सुनील जागलान ने इसे सरसोद के लिए ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह देश का पहला गांव होगा जहां पूरी बालिका कैबिनेट बनेगी। उन्होंने बताया कि कैबिनेट गठन के बाद एक और सत्र में बैठकों की कार्यवाही लिखने और अपनी मांगों को उच्च स्तर तक पहुंचाने के तरीके सिखाए जाएंगे। सरसोद के लोग इस पहल को लेकर उत्साहित हैं और गांव की लड़कियां स्वयं को भविष्य की सरपंच और पंच के रूप में देख रही हैं। बैठक में गांव की सरपंच सुनीता भ्याण और बालिका निर्वाचन अधिकारी रितिका भी मौजूद रहीं।
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