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Hisar News: जीजेयू में पूर्व चेयरपर्सन के कमरे पर डबल लॉक, दोनों पक्षों ने कुलपति को दी शिकायत
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हिसार। गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयू) के सिविल एवं एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग विभाग में पूर्व चेयरपर्सन के कमरे पर डबल लॉक लगाने का मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय में पूर्व चेयरपर्सन के कमरे पर इस तरह डबल लॉक लगाए जाने का यह पहला मामला बताया जा रहा है। मामले में पूर्व चेयरपर्सन ने कुलपति को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, वर्तमान चेयरपर्सन डॉ. जितेंद्र पाल ने भी अपना पक्ष रखते हुए कुलपति को पत्र भेजकर मामले में संज्ञान लेने का आग्रह किया है।
वर्तमान चेयरपर्सन डॉ. जितेंद्र पाल के अनुसार, उन्हें 11 सितंबर को विभाग का चार्ज मिला था। चार्ज संभालने के बाद उन्होंने पूर्व चेयरपर्सन से विभाग का जरूरी सामान और रिकॉर्ड हैंडओवर करने का अनुरोध किया। उनका कहना है कि विभागीय रिकॉर्ड की सुरक्षा के मद्देनजर कमरे को लॉक किया गया था। पूर्व चेयरपर्सन की मौजूदगी में कमरा खोला जा सकता है और उनका निजी सामान व दस्तावेज उन्हें सौंपे जा सकते हैं। उन्होंने कुलपति से मामले में संज्ञान लेने का आग्रह किया है। उनके अनुसार, 11 सितंबर को चार्ज मिलने के बाद 14 सितंबर तक उन्होंने कमरे का लॉक नहीं खोला।
पूर्व चेयरपर्सन की शिकायत के अनुसार, 11 सितंबर तक वह विभाग की चेयरपर्सन थीं और टीचिंग ब्लॉक-4 स्थित कमरा नंबर 101 से विभागीय कार्य कर रही थीं। 11 सितंबर की दोपहर प्रशासन के आदेश के बाद विभाग का चार्ज डॉ. जितेंद्र पाल को सौंप दिया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार, वह उस दिन आकस्मिक अवकाश पर थीं। शाम को उन्हें जानकारी मिली कि कमरे पर पहले से लगे उनके ताले के ऊपर दूसरा ताला लगा दिया गया है।
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पूर्व चेयरपर्सन ने डबल लॉक लगाए जाने पर आपत्ति जताते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, कमरे में रखे अपने सामान और दस्तावेजों के संबंध में स्थिति स्पष्ट करने का आग्रह किया है। मामले में दोनों पक्षों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष अपना-अपना पक्ष रखा है।
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वर्तमान चेयरपर्सन डॉ. जितेंद्र पाल के अनुसार, उन्हें 11 सितंबर को विभाग का चार्ज मिला था। चार्ज संभालने के बाद उन्होंने पूर्व चेयरपर्सन से विभाग का जरूरी सामान और रिकॉर्ड हैंडओवर करने का अनुरोध किया। उनका कहना है कि विभागीय रिकॉर्ड की सुरक्षा के मद्देनजर कमरे को लॉक किया गया था। पूर्व चेयरपर्सन की मौजूदगी में कमरा खोला जा सकता है और उनका निजी सामान व दस्तावेज उन्हें सौंपे जा सकते हैं। उन्होंने कुलपति से मामले में संज्ञान लेने का आग्रह किया है। उनके अनुसार, 11 सितंबर को चार्ज मिलने के बाद 14 सितंबर तक उन्होंने कमरे का लॉक नहीं खोला।
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पूर्व चेयरपर्सन की शिकायत के अनुसार, 11 सितंबर तक वह विभाग की चेयरपर्सन थीं और टीचिंग ब्लॉक-4 स्थित कमरा नंबर 101 से विभागीय कार्य कर रही थीं। 11 सितंबर की दोपहर प्रशासन के आदेश के बाद विभाग का चार्ज डॉ. जितेंद्र पाल को सौंप दिया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार, वह उस दिन आकस्मिक अवकाश पर थीं। शाम को उन्हें जानकारी मिली कि कमरे पर पहले से लगे उनके ताले के ऊपर दूसरा ताला लगा दिया गया है।
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पूर्व चेयरपर्सन ने डबल लॉक लगाए जाने पर आपत्ति जताते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, कमरे में रखे अपने सामान और दस्तावेजों के संबंध में स्थिति स्पष्ट करने का आग्रह किया है। मामले में दोनों पक्षों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष अपना-अपना पक्ष रखा है।