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औद्योगिक क्षेत्र से सेक्टर-14 तक बनने वाले एलिवेटेड रोड के लिए 9 जगहों से होगा प्रवेश-निकास
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अमित भारद्वाज
हिसार। शहर के लिए प्रस्तावित एलिवेटेड रोड की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार की जा रही है। इसे तैयार करने में अभी करीब एक माह का समय लगेगा। तैयार की जा रही डीपीआर के अनुसार इस रोड के लिए शहर में 9 जगह पर उतरने और चढ़ने के लिए प्वाइंट बनाए जाएंगे। हालांकि पहले 12 प्वाइंट चिह्नित किए गए थे। मगर बाद में तीन प्वाइंट हटा दिए गए। इसके अलावा रोड को लेकर मिट्टी की जांच भी कर ली गई। इसकी रिपोर्ट अगले 15 दिनों में आने की उम्मीद है।
बता दें कि शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए नगर निगम ने 26 दिसंबर 2019 को हाउस की बैठक में एलिवेटेड रोड का एजेंडा रखा गया था, जिसे हाउस ने पास किया था। फिर इस प्रस्ताव को सरकार के पास भिजवाया था। हालांकि उपमुख्यमंत्री बनने के बाद से दुष्यंत चौटाला भी इस प्रोजेक्ट में काफी रुचि ले रहे हैं। प्रदेश सरकार 25 लाख रुपये खर्च कर इस प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार करवा रही है।
एलिवेटेड रोड पूरी तरह से फोरलेन होगा। इसके लिए हर 25 मीटर पर एक पिलर बनाया जाएगा। पिलर की चौड़ाई करीब तीन मीटर होगी। फिलहाल दिल्ली रोड पर बने सेंट्रल वर्ज (डिवाइडर) की चौड़ाई 1.2 मीटर है। एलिवेटेड रोड के बनने से मौजूद दिल्ली रोड की चौड़ाई पर कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। सूत्रों के अनुसार एलिवेटेड रोड बनाने पर करीब एक हजार करोड़ रुपये खर्च आएगा।
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ये जगह हुईं फाइनल
- इंडस्ट्रियल एरिया (जिंदल पुल से उतरते ही)
- जिंदल चौक
- डाबड़ा चौक
- टाउन पार्क
- फव्वारा चौक
- रानी लक्ष्मीबाई चौक
- रेड स्क्वेयर मार्केट
- नागरिक अस्पताल चौक
- सेक्टर 14 (भाजपा कार्यालय के पास)
इन जगहों को किया रद्द
- कैंप चौक
- पारिजात चौक
- बस स्टैंड
शुरुआत में दो विकल्प किए थे तैयार
शुरुआत में एजेंसी ने एलिवेटेड रोड के लिए दो विकल्प तैयार किए थे। मगर पहले विकल्प में दिल्ली रोड पर बनी दुकानें प्रभावित हो रही थीं, जिस कारण से इस विकल्प को रद्द कर दिया गया और दूसरे विकल्प पर काम शुरू कर दिया गया। इस विकल्प में भी पहले एंट्री व एग्जिट के 12 प्वाइंट चिह्नित किए गए थे। मगर कुछ प्वाइंट पर दिक्कतें आ रही थीं। उदाहरण के लिए पारिजात चौक पर एंट्री-एग्जिट का प्वाइंट बनने से गुरुद्वारे के पीछे जा रही सड़क खत्म हो रही थी। वहीं बस स्टैंड के पास एंट्री-एग्जिट का प्वाइंट बनने से वहां बनी दुकानों पर असर पड़ता है। इसे देखते हुए इन प्वाइंट को रद्द कर दिया गया।
18 हजार वाहन चालकों को होगा फायदा
एलिवेटेड रोड के बनने से दिल्ली रोड से प्रतिदिन गुजरने वाले 18 हजार वाहन चालकों को जाम से राहत मिलेगी। वर्तमान में शहर में डाबड़ा चौक, कैंप चौक, बीकानेर चौक, पारिजत चौक, बस स्टैंड के पास काफी जाम लगता है। फिलहाल जिंदल पुल से बस स्टैंड तक पहुंचने में करीब 45 मिनट का समय लगता है। मगर एलिवेटेड रोड बनने के पास यह समय घटकर 15 मिनट का रह जाएगा।
सर्वे का काम पूरा हो चुका है। अब डीपीआर तैयार की जा रही है। डीपीआर तैयार होने में करीब एक महीने का समय लग सकता है। इसके बाद ही यह पता लग पाएगा कि इस प्रोजेक्ट पर कितना खर्च आएगा। हर पिलर के बीच करीब 25 मीटर की दूरी रखी जाएगी।
- अजय कुंडू, प्रोजेक्ट मैनेजर, एसडीएस कंसलटेंट प्राइवेट लिमिटेड
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हिसार। शहर के लिए प्रस्तावित एलिवेटेड रोड की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार की जा रही है। इसे तैयार करने में अभी करीब एक माह का समय लगेगा। तैयार की जा रही डीपीआर के अनुसार इस रोड के लिए शहर में 9 जगह पर उतरने और चढ़ने के लिए प्वाइंट बनाए जाएंगे। हालांकि पहले 12 प्वाइंट चिह्नित किए गए थे। मगर बाद में तीन प्वाइंट हटा दिए गए। इसके अलावा रोड को लेकर मिट्टी की जांच भी कर ली गई। इसकी रिपोर्ट अगले 15 दिनों में आने की उम्मीद है।
बता दें कि शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए नगर निगम ने 26 दिसंबर 2019 को हाउस की बैठक में एलिवेटेड रोड का एजेंडा रखा गया था, जिसे हाउस ने पास किया था। फिर इस प्रस्ताव को सरकार के पास भिजवाया था। हालांकि उपमुख्यमंत्री बनने के बाद से दुष्यंत चौटाला भी इस प्रोजेक्ट में काफी रुचि ले रहे हैं। प्रदेश सरकार 25 लाख रुपये खर्च कर इस प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार करवा रही है।
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एलिवेटेड रोड पूरी तरह से फोरलेन होगा। इसके लिए हर 25 मीटर पर एक पिलर बनाया जाएगा। पिलर की चौड़ाई करीब तीन मीटर होगी। फिलहाल दिल्ली रोड पर बने सेंट्रल वर्ज (डिवाइडर) की चौड़ाई 1.2 मीटर है। एलिवेटेड रोड के बनने से मौजूद दिल्ली रोड की चौड़ाई पर कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। सूत्रों के अनुसार एलिवेटेड रोड बनाने पर करीब एक हजार करोड़ रुपये खर्च आएगा।
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ये जगह हुईं फाइनल
- इंडस्ट्रियल एरिया (जिंदल पुल से उतरते ही)
- जिंदल चौक
- डाबड़ा चौक
- टाउन पार्क
- फव्वारा चौक
- रानी लक्ष्मीबाई चौक
- रेड स्क्वेयर मार्केट
- नागरिक अस्पताल चौक
- सेक्टर 14 (भाजपा कार्यालय के पास)
इन जगहों को किया रद्द
- कैंप चौक
- पारिजात चौक
- बस स्टैंड
शुरुआत में दो विकल्प किए थे तैयार
शुरुआत में एजेंसी ने एलिवेटेड रोड के लिए दो विकल्प तैयार किए थे। मगर पहले विकल्प में दिल्ली रोड पर बनी दुकानें प्रभावित हो रही थीं, जिस कारण से इस विकल्प को रद्द कर दिया गया और दूसरे विकल्प पर काम शुरू कर दिया गया। इस विकल्प में भी पहले एंट्री व एग्जिट के 12 प्वाइंट चिह्नित किए गए थे। मगर कुछ प्वाइंट पर दिक्कतें आ रही थीं। उदाहरण के लिए पारिजात चौक पर एंट्री-एग्जिट का प्वाइंट बनने से गुरुद्वारे के पीछे जा रही सड़क खत्म हो रही थी। वहीं बस स्टैंड के पास एंट्री-एग्जिट का प्वाइंट बनने से वहां बनी दुकानों पर असर पड़ता है। इसे देखते हुए इन प्वाइंट को रद्द कर दिया गया।
18 हजार वाहन चालकों को होगा फायदा
एलिवेटेड रोड के बनने से दिल्ली रोड से प्रतिदिन गुजरने वाले 18 हजार वाहन चालकों को जाम से राहत मिलेगी। वर्तमान में शहर में डाबड़ा चौक, कैंप चौक, बीकानेर चौक, पारिजत चौक, बस स्टैंड के पास काफी जाम लगता है। फिलहाल जिंदल पुल से बस स्टैंड तक पहुंचने में करीब 45 मिनट का समय लगता है। मगर एलिवेटेड रोड बनने के पास यह समय घटकर 15 मिनट का रह जाएगा।
सर्वे का काम पूरा हो चुका है। अब डीपीआर तैयार की जा रही है। डीपीआर तैयार होने में करीब एक महीने का समय लग सकता है। इसके बाद ही यह पता लग पाएगा कि इस प्रोजेक्ट पर कितना खर्च आएगा। हर पिलर के बीच करीब 25 मीटर की दूरी रखी जाएगी।
- अजय कुंडू, प्रोजेक्ट मैनेजर, एसडीएस कंसलटेंट प्राइवेट लिमिटेड