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कम लागत की खेती के लिए एआई सहित आधुनिक तकनीक को अपनाना होगा : प्रो. कांबोज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 21 Nov 2024 01:00 AM IST
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For low cost farming, modern technology including AI will have to be adopted: Prof. Kamboj
हिसार। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर कांबोज ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) का प्रयोग खेती में अपनाना होगा। हमें आधुनिक तकनीकों को कृषि में लाना ही होगा, जिससे खेती में बढ़ती लागत को कम किया जा सकेगा। किसानों को तकनीक उपयोग करने के लिए प्रेरित करना होगा। किसानों को प्राकृतिक खेती, जहर मुक्त खेती, जैविक खेती की ओर बढ़ना होगा। जिसके लिए कृषि अधिकारियों को अपनी भूमिका निभानी होगी।
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उन्होंने कहा कि कृषि अधिकारियों के पिछले तीन साल के प्रयास व किसानों की जागरूकता का असर रहा कि इस बार गुलाबी सुंडी पर काबू पाया जा सका। गुलाबी सुंडी के नुकसान को लेकर एक रुपया भी मुआवजा नहीं देना पड़ा। वे विश्वविद्यालय के कृषि महाविद्यालय सभागार में कृषि अधिकारी कार्यशाला (रबी) के शुभारंभ अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। विस्तार शिक्षा निदेशालय की ओर से आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में एचएयू के वैज्ञानिक तथा प्रदेश के कृषि सभी जिलों से कृषि अधिकारी भाग ले रहे हैं।
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कुलपति प्रो. कांबोज ने कहा कि कृषि क्षेत्र को लाभकारी बनाने के लिए कृषि अधिकारी किसानों को दलहनी एवं तिलहनी फसलों की खेती करने के लिए प्रेरित करें। किसानों को उन फसलों की काश्त करने के लिए जागरूक किया जाए, जिन फसलों में पोषक तत्व एवं पानी की कम मात्रा के साथ-साथ उत्पादन लागत कम आए। कृषि उत्पादन, खाद्य सुरक्षा, किसानों की आय में बढ़ोतरी व प्राकृतिक संसाधनों का सीमित मात्रा में प्रयोग करना हमारा उद्देश्य है। वर्ष 2023-24 में हरियाणा में खाद्यान्न उत्पादन बढ़कर 332 लाख मीट्रिक टन हो गया है।
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उन्होंने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन, फसल विविधिकरण, मृदा स्वास्थ्य व जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक तकनीक का उपयोग करके फसल उत्पादन बढ़ाने व कृषि से जुड़ी समस्याओं का तत्परता से समाधान करने की आवश्यकता है। कुलपति ने कार्यशाला में पिछली खरीफ की कार्रवाई रिपोर्ट पुस्तिका का विमोचन किया। कार्यशाला में कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. राजा शेखर वुंडरू, कृषि विभाग के निदेशक राज नारायण कौशिक ऑनलाइन जुड़े। इस मौके पर डॉ. आरएस सोलंकी, डॉ. बलवान सिंह, डॉ. राजबीर गर्ग, डॉ. सुनील ढांडा आदि मौजूद रहे।
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