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Hisar News: चार मासूमों की मौत मामले में 14 माह बाद आरोपी पर प्राथमिकी दर्ज
Sat, 07 Mar 2026 01:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sat, 07 Mar 2026 01:17 AM IST
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नारनौंद। गांव बुडाना रोड स्थित ढांडा ईंट-भट्ठे पर दीवार गिरने से चार बच्चों की मौत के मामले में आरोपी भट्ठा संचालक सोनू के खिलाफ करीब 14 माह बाद गैर इरादतन हत्या के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
हादसा 22 दिसंबर 2024 की रात करीब साढ़े दस बजे हुआ। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के बैरमी निवासी भगवानदास और उसका साला मुरारी अपने परिवार के साथ भट्ठे पर मजदूरी कर रहे थे। दोनों परिवार भट्ठे के अंदर पकी हुई ईंटों को निकालने का काम कर रहे थे और ठंड के कारण बच्चों को भट्ठे के अंदर चारपाई पर सुला रखा था। अचानक तेज हवा का झोंका आया और दीवार भरभराकर गिर गई।
ईंटों के नीचे दबने से भगवानदास के तीन बच्चे सूरज, विवेक और नंदनी की मौके पर ही मौत हो गई। मुरारी की तीन बेटियां निशा, गौरी और हिमांशी तथा रिश्तेदार राजेश घायल हुए। इलाज के दौरान निशा की भी मौत हो गई। घायल अन्य बच्चों और राजेश का हिसार के नागरिक अस्पताल में इलाज जारी है।
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24 दिसंबर को परिजनों और रिश्तेदारों के पहुंचने के बाद भगवानदास और मुरारी ने पुलिस के समक्ष बयान दर्ज करवाए थे। तब उन्होंने बताया था कि यह प्राकृतिक घटना थी और किसी पर कार्रवाई नहीं चाहते। प्रारंभिक जांच के बाद डीएसपी सिटी की तस्दीक पर पुलिस ने लापरवाही का मामला मानते हुए 5 मार्च को आरोपी ईंट-भट्ठा संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। नारनौंद पुलिस ने एएसआई सुरेंद्र को घटना की जांच सौंपी है।
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हादसा 22 दिसंबर 2024 की रात करीब साढ़े दस बजे हुआ। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के बैरमी निवासी भगवानदास और उसका साला मुरारी अपने परिवार के साथ भट्ठे पर मजदूरी कर रहे थे। दोनों परिवार भट्ठे के अंदर पकी हुई ईंटों को निकालने का काम कर रहे थे और ठंड के कारण बच्चों को भट्ठे के अंदर चारपाई पर सुला रखा था। अचानक तेज हवा का झोंका आया और दीवार भरभराकर गिर गई।
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ईंटों के नीचे दबने से भगवानदास के तीन बच्चे सूरज, विवेक और नंदनी की मौके पर ही मौत हो गई। मुरारी की तीन बेटियां निशा, गौरी और हिमांशी तथा रिश्तेदार राजेश घायल हुए। इलाज के दौरान निशा की भी मौत हो गई। घायल अन्य बच्चों और राजेश का हिसार के नागरिक अस्पताल में इलाज जारी है।
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24 दिसंबर को परिजनों और रिश्तेदारों के पहुंचने के बाद भगवानदास और मुरारी ने पुलिस के समक्ष बयान दर्ज करवाए थे। तब उन्होंने बताया था कि यह प्राकृतिक घटना थी और किसी पर कार्रवाई नहीं चाहते। प्रारंभिक जांच के बाद डीएसपी सिटी की तस्दीक पर पुलिस ने लापरवाही का मामला मानते हुए 5 मार्च को आरोपी ईंट-भट्ठा संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। नारनौंद पुलिस ने एएसआई सुरेंद्र को घटना की जांच सौंपी है।