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फाइनेंस, कांट्रेक्ट एंड परचेज एडहॉक सब कमेटी की बैठक : सरकारी लेटर दिखाकर मेयर बोले-लाल डोरे में विकास शुल्क को लेकर लोगों को मत उलझाओ

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 18 Nov 2022 11:06 PM IST
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Finance, Contract and Purchase Adhoc Sub Committee meeting: By showing the government letter, the Mayor said - Do not confuse people regarding the development fee in Lal Dore
नगर निगम में आयोजित फाइनेंस, कॉन्ट्रेक्ट एंड परचेज एडहॉक सब कमेटी में मौजूद मेयर गौतम सरदाना, निग - फोटो : Hisar
हिसार। नगर निगम कार्यालय में शुक्रवार को हुई फाइनेंस, कांट्रेक्ट एंड परचेज एडहॉक सब कमेटी की बैठक में लाल डोरे में विकास शुल्क लगाने का मुद्दा उछला। इस दौरान मेयर व अधिकारियों के बीच बहसबाजी तक हुई। कमेटी चेयरमैन एवं मेयर गौतम सरदाना सरकारी लेटर दिखाकर बोले कि जब सरकार का आदेश है कि लाल डोरे (पुराने शहर) की रिहायशी संपत्तियों पर विकास शुल्क नहीं लगेगा तो लोगों को क्यों उलझा रखा है। वहीं अधिकारियों का कहना था कि शहरी पटवारी से अपनी संपत्ति की तस्दीक करवाने पर विकास शुल्क नहीं लिया जा रहा है।
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बैठक में मेयर ने विभिन्न मदों में हुई कम आय को लेकर अधिकारियों से जवाब तलब किया। साथ ही ऑटो मार्केट की फेज 1 से 3 में खाली पड़े प्लॉट की ई-ऑक्शन कराने को लेकर भी विचार विमर्श हुआ।
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बैठक में एसओ विक्रम ने विकास शुल्क के तहत हुई आय के ब्योरे के बारे में बताया तो मेयर गौतम सरदाना ने कहा कि विकास शुल्क को लेकर काफी शिकायतें आ रही हैं। पुराने शहर में भी लोगों से विकास शुल्क लिया जा रहा है। एमई सुनील लांबा ने कहा कि लाल डोरे में विकास शुल्क में छूट है, मगर प्रॉपर्टी मालिक को शहरी पटवारी से यह तस्दीक करवाकर देना होता है कि उसकी संपत्ति लाल डोरे के दायरे में है।
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वर्ष 1975 से पहले बसी कॉलोनियों पर नहीं लगेगा विकास शुल्क
मेयर ने एक लेटर दिखाते हुए कहा कि यह वर्ष 2006 का लेटर है, जिसमें स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि वर्ष 1975 से पहले बसी कॉलोनियों पर विकास शुल्क नहीं लगेगा। एमई ने कहा कि यह लेटर यूएलबी का नहीं है। इस लेटर पर अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट लिखा है। मेयर ने कहा कि तुम लोग अपनी मर्जी से किसी पर विकास शुल्क लगा रहे हो और किसी का हटा रहे हो। एमई ने कहा कि ऐसा एक भी मामला नहीं है। मेयर ने कहा कि ऐसा मामला मिल गया तो क्या करोगे।
पार्षद अनिल जैन ने कहा कि इससे पूरा शहर प्रभावित है। 2 प्रतिशत लोगों को भी इस बारे में जानकारी नहीं है। मेयर ने कहा कि एक सूची तैयार की जाए कि इन कॉलोनियों पर विकास शुल्क नहीं लगेगा। अगर निगम खुद ही इन कॉलोनियों से विकास शुल्क हटा दे तो लोगों को लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा। आखिर में निगमायुक्त ने कहा कि इस मामले में यूएलबी को स्थिति स्पष्ट करने को कहा जाएगा।
अनाज मंडी में टैक्स फिक्स है, फिर भी फ्लोर वाइज किया
मेयर ने कहा कि अनाज मंडी में सभी नक्शे एक ही डिजाइन के हैं और सभी पर हाउस टैक्स भी फिक्स है।फिर भी फ्लोर वाइज टैक्स लगा रहे हो। इस लेकर अधिकारियों को कई बार लिखा भी जा चुका है।
बिल नहीं बंटने से कम जमा हो रहा प्रॉपर्टी टैक्स
बैठक में मौजूदा वित्त वर्ष में अभी तक कम प्रॉपर्टी टैक्स जमा होने पर मेयर ने अधिकारियों से इसका कारण पूछा। इस पर पार्षद बोले कि तीन साल से याशी कंपनी ने प्रॉपर्टी टैक्स के बिल ही नहीं वितरित किए। डीएमसी विरेंद्र सहारण ने कहा कि कंपनी के मुताबिक फरवरी तक बिल वितरित कर दिए जाएंगे। मेयर ने कहा कि बिल के वितरित न होने से लोग प्रॉपर्टी टैक्स में छूट की योजना का भी लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। अनिल जैन ने कहा कि गलती कंपनी की है और लोग परेशान हो रहे हैं। निगमायुक्त ने कहा कि ज्यादा प्रॉपर्टी टैक्स एकत्रित करने के दो विकल्प है। पहला सभी पार्षदों की जिम्मेदारी लगा दी जाए और वह लोगों को टैक्स जमा करवाने के लिए प्रेरित करें। दूसरा प्रॉपर्टी टैक्स के बड़े बकायेदारों की सूची बनाकर उनसे टैक्स वसूला जाए।
शहरवासी एनडीसी व टैक्स संबंधी आपत्तियों पर निशुल्क हों ऑनलाइन आवेदन
मेयर ने कहा कि टैक्स में लंबित फाइलों की बढ़ती संख्या के कारण लोग परेशान हैं। वह बाहर कंप्यूटर सेंटर से ऑनलाइन आवेदन करते हैं तो आवेदन करने वाले की गलती के कारण फाइल रद्द हो जाती है। इसके अलावा कंप्यूटर सेंटर वाले मनमानी फीस वसूलते हैं। निगम कार्यालय में ही कर्मचारी तैनात किए जाए, जो उनके आवेदन निशुल्क ऑनलाइन करवाएं। निगमायुक्त ने मेयर को आश्वासन दिया कि वह सोमवार से ही निगम कार्यालय में इस सुविधा को शुरू करवा देंगे।

स्लाटर हाउस में काफी पैसा खर्च हो चुका है, इसे शुरू करवाओ
एसओ विक्रम ने स्लाटर हाउस फीस को लेकर बताया कि इस मद से अभी तक कोई आय नहीं हुई है। इस पर मेयर ने कहा कि स्लाटर हाउस में काफी पैसा लग चुका है। अब इसे जल्द से जल्द शुरू करवाओ। हालांकि इस पर पार्षद अनिल जैन ने आपत्ति जताई कि स्लाटर हाउस के शुरू होने से वहां के लोगों को परेशानी होगी। मेयर ने कहा कि स्लाटर हाउस के शुरू न होने से पूरे शहर को परेशानी हो रही है। साथ ही मेयर ने बैठक में मौजूद कमेटी सदस्यों व पार्षदों से उनकी राय जानी तो सभी ने कहा कि स्लाटर हाउस शुरू होना चाहिए।
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