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नहीं पहुंची खाद, 400 से अधिक किसान मायूस होकर लौटे
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खाद के लिए सदर थाने के बाहर कतार में लगे किसान। संवाद
- फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। जिले में खाद की किल्लत बरकरार है। वीरवार को खाद की खेप न पहुंचने के कारण किसानों को घंटों इंतजार करने के बाद मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। जबकि ये किसान अलसुबह ही खाद के बैग से पहले टोकन लेने की प्रक्रिया पूरी करने सदर थाने पहुंच गए थे। दस बजे उन्हें पता चला कि आज खाद के बैग वितरित नहीं किए जाएंगे। वहीं, खाद की कमी को लेकर किसानों ने नाराजगी जाहिर करते हुए रोष जताया। वीरवार सुबह सदर थाने से करीब 400 किसान वापस लौटे। इनमें कई किसान दस और कई 25 किलोमीटर का सफर तय कर सदर थाने पहुंचे थे। इस मौके काफी महिला किसान भी खाद लेने पहुंची हुई थीं।
जिले में पिछले पांच दिनों से खाद वितरण नियमित किया जा रहा है। मंगलवार से सदर थाने में किसानों को टोकन दिए जा रहे हैं, जबकि खाद के बैग नई अनाज मंडी क्षेत्र में दिए जा रहे हैं। वितरण प्रक्रिया लगातार जारी रहने से विभिन्न गांवों के किसान अलसुबह पांच बजे ही सदर थाने पहुंचना शुरू हो गए। दस बजे तक 400 से अधिक किसान खाद के लिए टोकन लेने सदर थाने पहुंचे। कई बार किसानों ने वहां तैनात पुलिस कर्मचारियों से टोकन वितरण को लेकर बातचीत की, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। करीब पांच घंटे तक इंतजार करने के बाद दस बजे उन्हें पता चला कि आज जिले में खाद की खेप नहीं पहुंचेगी और इसके चलते वितरण नहीं होगा।
किसान रण सिंह, मान सिंह, भानाराम, हवासिंह, सूरत सिंह, मनोज, रामकिशन, सुधीर, पुलकित, ललित, दयाराम और सूबे सिंह ने बताया कि वो सुबह पांच बजे से लाइन में लगे हुए हैं और पांच घंटे खपाने के बाद उन्हें खाद न मिलने की बात पता चली।
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उनका कहना है कि प्रशासन और विभाग को खाद वितरण की जानकारी एक दिन पहले ही दे देनी चाहिए, ताकि किसानों को बेवजह चक्कर न लगाने पड़े। उन्होंने कहा कि सर्दी के मौसम में घंटों इंतजार करने में बुजुर्ग किसानों, महिलाओं व बच्चों को परेशानियों से दो-चार होना पड़ता है। उनका कहना है कि सरकार और प्रशासन को खाद की कमी दूर करनी चाहिए। बिजाई का समय बीत रहा है लेकिन अब तक किसानों को खाद तक मुहैया नहीं हो पाई है।
अब तक 55 हजार बैग हो चुके वितरित
एक अक्तूबर से लेकर 28 अक्तूबर तक खाद वितरण की स्थिति पर गौर करें तो किसानों को अब तक 54 हजार बैग वितरित किए गए हैं। अभी इससे कहीं अधिक खाद की किसानों को जरुरत है। जिले में खाद्य की आपूर्ति हिसार और भिवानी समेत अन्य जिलों से हो रही है। एक दिन में अब तक औसतन दो हजार और अधिकतम छह हजार बैग जिले में वितरित किए गए हैं।
आज चार हजार बैग पहुंचने की उम्मीद
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार वीरवार को जिले के लिए रैक अलॉट हो गया है। उम्मीद है शुक्रवार दोपहर या शाम तक जिले में खाद के चार हजार बैग पहुंच जाएंगे। अगर खाद की खेप सुबह पहुंची तो तुरंत प्रभाव से टोकन देने और खाद के बैग का वितरण शुरू कर दिया जाएगा। अगर खाद शाम तक आती है तो शनिवार को वितरण किया जाएगा।
किसान बोले- सुबह कड़कड़ाती ठंड के बीच पहुंच रहे थाने, फिर भी लौट रहे खाली हाथ
- मेरा गांव दादरी से करीब 12 किलोमीटर है। सुबह साढ़े पांच बजे कड़कड़ाती ठंड के बीच में खाद लेने के लिए थाने पहुंचा था। साढ़े चार घंटे लाइन में लगा रहने के बाद पता चला कि आज खाद नहीं बंटेगी।
-वेदप्रकाश, बिरोहड़
- किसानों को अलसुबह आकर लाइन में लगना पड़ रहा है। उसके बाद भी उन्हें बिन खाद के खाली हाथ घर लौटना पड़ता है। ऐसा ही आज मेरे साथ हुआ। सुबह पांडवान से दादरी आया था और अब बिन खाद लिए लौट रहा हूं।
- जयसिंह, पांडवान
जिले में खाद किल्लत बरकरार है। मैं पिछले दो दिनों से खाली हाथ घर लौट रहा हूं। गांव से दादरी आना पड़ता है और घंटों इंतजार करने के बाद भी खाद के बैग नहीं मिलते। खाद किल्लत के चलते मैं परेशान हूं।
-अंकित, झिंझर
खाद के लिए मारामारी करनी पड़ रही है। समय बीत रहा है, लेकिन खाद न मिलने के चलते फसलों की बिजाई नहीं कर पा रहे। आज मैं चार घंटे लाइन में लगा रहा और उसके बाद पता चला कि आज टोकन व खाद का वितरण नहीं होगा।
-संजय, बिरोहड़
जिले का रैक अलॉट हो चुका
जिले में खाद की खेप न आने के चलते आज वितरण नहीं कर पाए। शुक्रवार दोपहर या शाम तक चार हजार बैग पहुंचने की उम्मीद है। जिले का रैक अलॉट हो चुका है। अगर समय पर खाद पहुंच गई तो शुक्रवार या शनिवार सुबह वितरण किया जाएगा।
-डॉ. बलवंत सहारण, उप निदेशक, कृषि विभाग
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जिले में पिछले पांच दिनों से खाद वितरण नियमित किया जा रहा है। मंगलवार से सदर थाने में किसानों को टोकन दिए जा रहे हैं, जबकि खाद के बैग नई अनाज मंडी क्षेत्र में दिए जा रहे हैं। वितरण प्रक्रिया लगातार जारी रहने से विभिन्न गांवों के किसान अलसुबह पांच बजे ही सदर थाने पहुंचना शुरू हो गए। दस बजे तक 400 से अधिक किसान खाद के लिए टोकन लेने सदर थाने पहुंचे। कई बार किसानों ने वहां तैनात पुलिस कर्मचारियों से टोकन वितरण को लेकर बातचीत की, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। करीब पांच घंटे तक इंतजार करने के बाद दस बजे उन्हें पता चला कि आज जिले में खाद की खेप नहीं पहुंचेगी और इसके चलते वितरण नहीं होगा।
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किसान रण सिंह, मान सिंह, भानाराम, हवासिंह, सूरत सिंह, मनोज, रामकिशन, सुधीर, पुलकित, ललित, दयाराम और सूबे सिंह ने बताया कि वो सुबह पांच बजे से लाइन में लगे हुए हैं और पांच घंटे खपाने के बाद उन्हें खाद न मिलने की बात पता चली।
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उनका कहना है कि प्रशासन और विभाग को खाद वितरण की जानकारी एक दिन पहले ही दे देनी चाहिए, ताकि किसानों को बेवजह चक्कर न लगाने पड़े। उन्होंने कहा कि सर्दी के मौसम में घंटों इंतजार करने में बुजुर्ग किसानों, महिलाओं व बच्चों को परेशानियों से दो-चार होना पड़ता है। उनका कहना है कि सरकार और प्रशासन को खाद की कमी दूर करनी चाहिए। बिजाई का समय बीत रहा है लेकिन अब तक किसानों को खाद तक मुहैया नहीं हो पाई है।
अब तक 55 हजार बैग हो चुके वितरित
एक अक्तूबर से लेकर 28 अक्तूबर तक खाद वितरण की स्थिति पर गौर करें तो किसानों को अब तक 54 हजार बैग वितरित किए गए हैं। अभी इससे कहीं अधिक खाद की किसानों को जरुरत है। जिले में खाद्य की आपूर्ति हिसार और भिवानी समेत अन्य जिलों से हो रही है। एक दिन में अब तक औसतन दो हजार और अधिकतम छह हजार बैग जिले में वितरित किए गए हैं।
आज चार हजार बैग पहुंचने की उम्मीद
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार वीरवार को जिले के लिए रैक अलॉट हो गया है। उम्मीद है शुक्रवार दोपहर या शाम तक जिले में खाद के चार हजार बैग पहुंच जाएंगे। अगर खाद की खेप सुबह पहुंची तो तुरंत प्रभाव से टोकन देने और खाद के बैग का वितरण शुरू कर दिया जाएगा। अगर खाद शाम तक आती है तो शनिवार को वितरण किया जाएगा।
किसान बोले- सुबह कड़कड़ाती ठंड के बीच पहुंच रहे थाने, फिर भी लौट रहे खाली हाथ
- मेरा गांव दादरी से करीब 12 किलोमीटर है। सुबह साढ़े पांच बजे कड़कड़ाती ठंड के बीच में खाद लेने के लिए थाने पहुंचा था। साढ़े चार घंटे लाइन में लगा रहने के बाद पता चला कि आज खाद नहीं बंटेगी।
-वेदप्रकाश, बिरोहड़
- किसानों को अलसुबह आकर लाइन में लगना पड़ रहा है। उसके बाद भी उन्हें बिन खाद के खाली हाथ घर लौटना पड़ता है। ऐसा ही आज मेरे साथ हुआ। सुबह पांडवान से दादरी आया था और अब बिन खाद लिए लौट रहा हूं।
- जयसिंह, पांडवान
जिले में खाद किल्लत बरकरार है। मैं पिछले दो दिनों से खाली हाथ घर लौट रहा हूं। गांव से दादरी आना पड़ता है और घंटों इंतजार करने के बाद भी खाद के बैग नहीं मिलते। खाद किल्लत के चलते मैं परेशान हूं।
-अंकित, झिंझर
खाद के लिए मारामारी करनी पड़ रही है। समय बीत रहा है, लेकिन खाद न मिलने के चलते फसलों की बिजाई नहीं कर पा रहे। आज मैं चार घंटे लाइन में लगा रहा और उसके बाद पता चला कि आज टोकन व खाद का वितरण नहीं होगा।
-संजय, बिरोहड़
जिले का रैक अलॉट हो चुका
जिले में खाद की खेप न आने के चलते आज वितरण नहीं कर पाए। शुक्रवार दोपहर या शाम तक चार हजार बैग पहुंचने की उम्मीद है। जिले का रैक अलॉट हो चुका है। अगर समय पर खाद पहुंच गई तो शुक्रवार या शनिवार सुबह वितरण किया जाएगा।
-डॉ. बलवंत सहारण, उप निदेशक, कृषि विभाग