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दंपती के झगड़े में 9 वर्षीय बच्ची को हिसार बस अड्डे पर छोड़ गया था पिता
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हिसार। पति-पत्नी के झगड़े में आरोपी पिता ने अपनी 9 वर्षीय बच्ची को 22 मार्च को हिसार के बस अड्डे पर छोड़ दिया था। हिसार क्राइम ब्रांच की एंटी ह्यूमन ट्रैकिंग यूनिट (एएचटीयू) ने काफी प्रयास के बाद बच्ची के परिजनों ढूंढा। बच्ची की मां मंगलवार को उसे लेने के लिए हिसार आएगी। मामले की जानकारी एंटी ह्यूमन ट्रैकिंग यूनिट में कांस्टेबल विजय ने दी है। उन्होंने बताया कि 22 मार्च को उन्हें बस अड्डा पुलिस से सूचना मिली कि अड्डे पर एक बच्ची लावारिस हालत में बैठी है। सूचना मिलते ही टीम उसे अपने साथ ले गई और बच्ची से पूछताछ की। आरोपी पिता मूल रूप से उत्तरप्रदेश के प्रयागराज का है।
बच्ची को वन स्टॉप सेंटर में रखा गया। उस दौरान बच्ची ने बताया कि वह अपने पिता के साथ हिसार आई थी और उसका पिता टोहाना के एक घोड़ा फार्म में नौकरी करता था। बच्ची के द्वारा दिए गए नंबर के आधार पर उसके पिता का आधार कार्ड निकलवाया गया, जो कि अंबाला के एक गांव के पते पर था। वहां की सीडब्ल्यूसी से संपर्क किया गया तो उसके पिता के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। कांस्टेबल विजय ने बताया कि बच्ची के द्वारा दिए गए उसके पिता के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया गया तो वह करीब 10 दिन तक बंद मिला। 10 दिन के बाद जब मोबाइल फोन चालू हुआ तो वह पटियाला का नंबर निकला। बच्ची के पिता से पूछा गया तो उसने बताया कि वह पटियाला के एक घोड़ा फार्म पर नौकरी कर रहा है। टीम ने उस घोड़ा फार्म के मालिक से बात की और बच्ची के पिता को अपने साथ हिसार लेकर आने के लिए कहा। अगले दिन वह हिसार पहुंचे। कांस्टेबल विजय ने बताया कि यहां आने के बाद बच्ची के पिता ने बताया कि वह मूल रूप से उत्तरप्रदेश के प्रयागराज का है। उसने बताया कि 22 मार्च को जब वह हिसार बस अड्डे पर आया था तो उसकी बेटी सो गई थी। उसी दौरान उसके पास किसी का फोन आया और उसने बताया कि उसकी पत्नी संगीता फतेहाबाद में अस्पताल में दाखिल है। वह बच्ची को यहीं सोता छोड़ कर चला गया कि बाद में आकर उसे संभाल लेगा। गुलाब ने बताया कि उसके पास रुपये नहीं थे और वह फतेहाबाद पहुंचा तो उसे कोई नहीं मिला। उसके बाद वह हिसार आया तो उसे बच्ची नहीं मिली तो वह पैदल ही पटियाला पहुंच गया।
बच्ची की मां से की वीडियो कॉल
कांस्टेबल विजय ने बताया कि हिसार की सीडब्ल्यूसी ने बच्ची को उसके पिता के हवाले सौंपने से मना कर दिया है। इसी बीच बच्ची की मां का कांस्टेबल विजय के पास रविवार को अचानक फोन आया तो उसने बताया कि उसका व उसके पति का झगड़ा चल रहा है। उसने बताया कि उसके पास लॉकडाउन के चलते रुपये नहीं है, लेकिन वह मंगलवार तक हिसार पहुंचकर अपनी बेटी को ले जाएगी। कांस्टेबल विजय ने बताया कि बच्ची की उसकी मां से वीडियो कॉल भी करवाई गई है। फिलहाल बच्ची वन स्टॉप सेंटर में ही है। उसकी माता के आने पर बच्ची उसके हवाले कर दी जाएगी।
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बच्ची को वन स्टॉप सेंटर में रखा गया। उस दौरान बच्ची ने बताया कि वह अपने पिता के साथ हिसार आई थी और उसका पिता टोहाना के एक घोड़ा फार्म में नौकरी करता था। बच्ची के द्वारा दिए गए नंबर के आधार पर उसके पिता का आधार कार्ड निकलवाया गया, जो कि अंबाला के एक गांव के पते पर था। वहां की सीडब्ल्यूसी से संपर्क किया गया तो उसके पिता के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। कांस्टेबल विजय ने बताया कि बच्ची के द्वारा दिए गए उसके पिता के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया गया तो वह करीब 10 दिन तक बंद मिला। 10 दिन के बाद जब मोबाइल फोन चालू हुआ तो वह पटियाला का नंबर निकला। बच्ची के पिता से पूछा गया तो उसने बताया कि वह पटियाला के एक घोड़ा फार्म पर नौकरी कर रहा है। टीम ने उस घोड़ा फार्म के मालिक से बात की और बच्ची के पिता को अपने साथ हिसार लेकर आने के लिए कहा। अगले दिन वह हिसार पहुंचे। कांस्टेबल विजय ने बताया कि यहां आने के बाद बच्ची के पिता ने बताया कि वह मूल रूप से उत्तरप्रदेश के प्रयागराज का है। उसने बताया कि 22 मार्च को जब वह हिसार बस अड्डे पर आया था तो उसकी बेटी सो गई थी। उसी दौरान उसके पास किसी का फोन आया और उसने बताया कि उसकी पत्नी संगीता फतेहाबाद में अस्पताल में दाखिल है। वह बच्ची को यहीं सोता छोड़ कर चला गया कि बाद में आकर उसे संभाल लेगा। गुलाब ने बताया कि उसके पास रुपये नहीं थे और वह फतेहाबाद पहुंचा तो उसे कोई नहीं मिला। उसके बाद वह हिसार आया तो उसे बच्ची नहीं मिली तो वह पैदल ही पटियाला पहुंच गया।
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बच्ची की मां से की वीडियो कॉल
कांस्टेबल विजय ने बताया कि हिसार की सीडब्ल्यूसी ने बच्ची को उसके पिता के हवाले सौंपने से मना कर दिया है। इसी बीच बच्ची की मां का कांस्टेबल विजय के पास रविवार को अचानक फोन आया तो उसने बताया कि उसका व उसके पति का झगड़ा चल रहा है। उसने बताया कि उसके पास लॉकडाउन के चलते रुपये नहीं है, लेकिन वह मंगलवार तक हिसार पहुंचकर अपनी बेटी को ले जाएगी। कांस्टेबल विजय ने बताया कि बच्ची की उसकी मां से वीडियो कॉल भी करवाई गई है। फिलहाल बच्ची वन स्टॉप सेंटर में ही है। उसकी माता के आने पर बच्ची उसके हवाले कर दी जाएगी।
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