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खाद के लिए हांसी में धरने पर बैठे किसान, एसडीएम ने वार्ता के लिए बुलाया

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 26 Oct 2021 01:09 AM IST
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Farmers started hunger strike in Hansi for fertilizer
हांसी में खाद को लेकर धरने पर बैठे किसान। संवाद - फोटो : Hisar
हांसी (हिसार)। डीएपी खाद न मिलने के कारण किसानों ने सोमवार को लघु सचिवालय के बाहर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। एसडीएम डॉ. जितेंद्र सिंह अहलावत ने किसानों को वार्ता के लिए बुलाया। एसडीएम ने कहा कि डीएपी खाद की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। किसी भी सूरत में खाद की कालाबाजारी नहीं होने दी जाएगी। एसडीएम के आश्वासन के बाद भी किसान धरन पर बैठे हुए हैं।
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भारतीय किसान यूनियन ने सोमवार को किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष कुलदीप खरड़ के नेतृत्व में किसान लघु सचिवालय के बाहर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए। कुलदीप खरड़ ने अधिकारियों व प्राइवेट डीलरों के साथ मिलीभगत कर सहकारी समितियों में खाद उपलब्ध न कराने का आरोप लगाया। सप्ताह भर में समितियों पर खाद न मिलने पर सरकार व प्रशासन को चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि प्राइवेट दुकानों पर किसान को अधिक पैसे देने पड़ते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राइवेट डीलरों के साथ मिलीभगत कर समितियों में खाद नहीं पहुंचाया जा रहा है। प्राइवेट डीलर किसान को खाद के साथ अनावश्यक दवाइयां भी खरीदने के लिए मजबूर करते हैं। किसान केंद्र पर खाद के लिए किसानों को सुबह 4 बजे लाइनों में लगना पड़ता है। किसान पूरा दिन लाइन में खड़ा होकर अपने घर चला जाता है। खाद मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर तेलु राम जांगड़ा, दशरथ मलिक, रामकुमार मलिक सहित काफी संख्या में किसान मौजूद थे।
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खाद की कमी नहीं होने देंगे : एसडीएम
किसानों से बातचीत में एसडीएम डॉ. जितेंद्र ने कहा कि खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह खाद की कालाबाजारी पर पूर्ण अंकुश लगाने को लेकर खाद विक्रेताओं पर पूरी नजर बनाए रखें। कोई खाद विक्रेता खाद की कालाबाजारी करते हुए पकड़ा जाए तो तुरंत उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाना सुनिश्चित करें। खाद के साथ जिंक दवाइयां व अन्य सामग्री किसानों को जबरदस्ती देना पूरी तरह से गलत है। उन्होंने कहा कि एक अक्तूबर को हांसी उपमंडल के लिए 800 मीट्रिक टन डीएपी खाद प्राप्त हुई थी। जिसमें से1700 डीएपी खाद के बैग अब भी बचे हुए हैं। उपमंडल को आपूर्ति किए गए खाद में से एक भी खाद का बैग उपमंडल से बाहर नहीं जाने दिया जाएगा।
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