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Hisar News: जर्जर एचटी लाइन के बार-बार टूटने से किसान आगबबूला

Fri, 09 Jan 2026 12:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार Updated Fri, 09 Jan 2026 12:07 AM IST
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Farmers are furious due to the repeated breakdown of the dilapidated HT line.
नारनौंद (हांसी)। नारनौंद क्षेत्र में खेतों से होकर गुजर रही 220 केवी और 132 केवी उच्च क्षमता बिजली लाइनों को लेकर किसानों का विरोध एक बार फिर मुखर हो गया है। किसान 132 केवी की जर्जर तारों के बार-बार टूटने से आगबवूला हैं। पेटवाड़ और नारनौंद के किसानों ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड के विरुद्ध प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। नाराज लोगों ने कहा कि किसान अपनी जान जोखिम में डालकर खेतों में काम कर रहे हैंं।
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पेटवाड़ व नारनौंद के किसान राकेश लोहान, विकास, सोनू, राजेंद्र प्रसाद, प्रदीप कुमार, दिनेश, संदीप और मुकेश आदि किसानों ने एसडीएम विकास यादव को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने बताया कि नारनौंद से पेटवाड़ होकर गुजरने वाली 132 केवी उच्च लाइन हाल ही में चालू की गई है, लेकिन इसके तार लगातार टूट रहे हैं। 30 दिसंबर 2025 को तार टूटने के बाद 2 जनवरी 2026 को शिकायत दी गई थी, इसके बावजूद 6 जनवरी 2026 को दोबारा तार टूट गए।
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कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
किसानों ने बताया कि बार-बार तार टूटने से कभी भी हादसा हो सकता है और जान-माल की भारी हानि हो सकती है। इसी को लेकर 6 जनवरी को दोपहर करीब 3:20 बजे आपातकालीन नंबर 112 पर फोन कर पुलिस को मौके पर बुलाया गया और स्थिति दिखाई गई। किसानों का कहना है कि पेटवाड़ के खेतों में दूसरी बार कार्य किया गया, फिर भी कार्य की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया। किसानों ने आरोप लगाया कि यह पूरी तरह से विद्युत प्रसारण निगम की गंभीर लापरवाही है।
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विद्युत प्रसारण निगम प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग
किसानों ने यह भी दोहराया कि बिना किसानों की सहमति से उनके खेतों में किसी भी प्रकार का कार्य नहीं किया जाए और उनकी सुरक्षा व अधिकारों का सम्मान किया जाए। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई और भविष्य में कोई दुर्घटना हुई, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत प्रसारण निगम प्रशासन की होगी।

भारतीय किसान कामगार अधिकार मोर्चा के नेतृत्व में पहले दिए गए ज्ञापन में किसानों ने बताया था कि जींद-किरोड़ी लाइन गामड़ा से नारनौंद होते हुए पेटवाड़ बिजली घर तक तथा पेटवाड़ से जुलाना, खांडा-बीबीपुर होते हुए गैबीनगर से मसूदपुर तक 220 केवी और 132 केवी लाइनों का निर्माण कार्य किया जा रहा है। यह कार्य सीधे किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि में किया गया, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा और किसानों की आजीविका प्रभावित हुई।
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