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किसान नेता का पुतला फूंकने पर भड़के किसान
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भाजपा कार्यालय के सामने मौजूद भारी पुलिस बल।
- फोटो : Hisar
हिसार। पंजाब में भाजपा विधायक के साथ हुई अभद्रता के विरोध में मंगलवार को भाजपा नेताओं ने भाजपा कार्यालय के बाहर कांग्रेस, पंजाब के मुख्यमंत्री और किसान नेता के पुतले फूंके। यह सूचना मिलते ही किसान भाजपा कार्यालय पर भाजपा नेताओं का पुतला फूंकने के लिए पहुंच गए।
मौके पर मौजूद पुलिस कर्मचारियों ने किसानों को पहले ही रोक लिया। मगर किसान भाजपा कार्यालय के सामने ही पुतला फूंकने की बात पर अड़ गए और सभी टोल प्लाजा पर बैठे किसानों को भी मौके पर बुला लिया। इसके साथ ही सभी टोल प्लाजा से सैकड़ों की संख्या में किसान वाहनों में सवार होकर मौके पर पहुंच गए। काफी तनातनी के बीच किसानों ने दो भाजपा नेताओं के पुतले फूंके। यह हंगामा करीब चार घंटे तक चला। उधर किसानों ने पुलिस पर उनके साथ आईं महिलाओं के साथ अभद्रता करने का आरोप लगाया। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले प्रत्येक सरकारी कार्यक्रम का बहिष्कार करने की चेतावनी भी दी।
भाजपा ने फूंका कांग्रेस, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह व किसान नेता दर्शनपाल का पुतला
पंजाब के अबोहर से विधायक अरुण नारंग के साथ की गई हाथापाई व मारपीट के विरोध में भाजपा ने मंगलवार को सिरसा रोड स्थित जिला कार्यालय के सामने कांग्रेस पार्टी, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह व किसान नेता दर्शनपाल का पुतला फूंका। भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि किसान आंदोलन की आड़ में कांग्रेस पार्टी व कुछ असामाजिक तत्वों ने सरेआम एक चुने हुए विधायक के साथ इस तरह की घटिया हरकत की जो, निंदनीय व लोकतंत्र को शर्मसार करने वाली है।
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कायराना हरकत की : गंगवा
डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा ने कहा कि जिस तरह चुने हुए विधायक के साथ इस तरह की हरकत की गई है, वह कायराना है। भाजपा के जिला अध्यक्ष कैप्टन भूपेंद्र वीरचक्र ने कहा कि अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देखकर कांग्रेस बौखला गई है और वह अब जनहितैषी भाजपा के विरोध के लिए किसान आंदोलन का सहारा ले रही है। विधायक डॉ. कमल गुप्ता ने कहा कि यह कांग्रेस की गुंडागर्दी है और निंदनीय है। इस अवसर पर हांसी विधायक विनोद भयाना, मेयर गौतम सरदाना, सीनियर डिप्टी मेयर अनिल मानी, पूर्व चेयरमैन श्रीनिवास गोयल व कर्णसिंह रानोलिया, भाजपा के जिला महामंत्री एडवोकेट धर्मबीर रतेरिया व प्रवीण पोपली, अशोक कन्नोजिया, कृष्ण बिश्नोई, अशोक सैनी, रणधीर धीरू, संजीव रेवड़ी, कृष्ण खटाना, देवेन्द्र शर्मा, राजेंद्र सपड़ा, अनिल कैरों आदि मौजूद रहे।
क्रांतिमान पार्क में एकत्रित हुए किसान
किसान नेता दर्शनपाल का पुतला जलाने की सूचना पाकर विभिन्न किसान संगठनों के नेता व कार्यकर्ता संयुक्त किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष शमशेर सिहं नंबरदार के नेतृत्व में एकत्रित हुए। यहां से सभी प्रदर्शन करते हुए भाजपा कार्यालय पहुंचे। मगर यहां तैनात भारी पुलिस बल ने उन्हें सेक्टर 14 के गेट नंबर दो के सामने ही रोक लिया। किसान नेताओं ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे सिर्फ भाजपा कार्यालय के सामने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष व राष्ट्रीय अध्यक्ष का पुतला फूंकना चाहते हैं। इस पर पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वे इस जगह के अलावा कहीं भी ये पुतले फूंक सकते हैं। इस पर सभी किसान वही रोड के बीच में बैठ गए। साथ में जिले के सभी टोल प्लाजा पर बैठे किसानों को भी यहां पहुंचने के लिए कह दिया।
टोल प्लाजा से पहुंचे किसानों को पुलिस ने बेरीकेड लगाकर रोका, तोड़कर अंदर पहुंचे
किसान नेताओं की कॉल के साथ सभी टोल प्लाजा से किसान टैक्टर-ट्रॉलियों सहित अन्य वाहनों में सवार होकर शहर की तरफ निकल पड़े। मगर यहां उन्हें बेरीकेड लगाकर रोकने की कोशिश की गई, लेकिन बरवाला व सिरसा रोड पर किसान बेरीकेड को तोड़कर शहर में दाखिल हो गए, जबकि राजगढ़ रोड पर अन्य रास्तों से किसान शहर में घुस गए।
एक पुतला भाजपा कार्यालय के सामने तो दूसरा कुछ दूरी पर फूंका
पुलिस प्रशासन द्वारा भाजपा कार्यालय के दोनों तरफ बेरीकेड लगाकर रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया। मगर टोल प्लाजा से किसानों के पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ गई। इसी का फायदा उठाते हुए किसान बेरीकेड तोड़कर भाजपा कार्यालय के सामने पहुंच गए और एक पुतला फूंक दिया। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने किसानों को बलपूर्वक पीछे धकेल दिया। प्रदर्शनकारी किसानों के मुताबिक इस दौरान उनके साथ आई महिलाओं में से एक-दो महिलाओं को चोटें भी आईं। किसानों का आरोप है कि मौके पर महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थीं। वहीं पुलिस कर्मियों ने उनके साथ आईं महिलाओं के साथ अभद्रता की। इसके बाद किसानों एक अन्य पुतले को भाजपा कार्यालय से कुछ दूरी पर फूंक दिया। फिर सभी किसान नागरिक अस्पताल में एकत्रित हुए और वहां से कुछ देर में चले गए।
शहर में रही जाम की स्थिति
पूरा हंगामा करीब चार घंटे तक चला। इस दौरान बस अड्डा व नागरिक अस्पताल के पास जाम की स्थिति बनी रही। इस दौरान सिरसा की तरफ जाने वाले वाहनों को बरवाला चुंगी होकर गुजारा गया। इस घटना के कारण दिन भर शहर पुलिस छावनी में तब्दील रहा।
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मौके पर मौजूद पुलिस कर्मचारियों ने किसानों को पहले ही रोक लिया। मगर किसान भाजपा कार्यालय के सामने ही पुतला फूंकने की बात पर अड़ गए और सभी टोल प्लाजा पर बैठे किसानों को भी मौके पर बुला लिया। इसके साथ ही सभी टोल प्लाजा से सैकड़ों की संख्या में किसान वाहनों में सवार होकर मौके पर पहुंच गए। काफी तनातनी के बीच किसानों ने दो भाजपा नेताओं के पुतले फूंके। यह हंगामा करीब चार घंटे तक चला। उधर किसानों ने पुलिस पर उनके साथ आईं महिलाओं के साथ अभद्रता करने का आरोप लगाया। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले प्रत्येक सरकारी कार्यक्रम का बहिष्कार करने की चेतावनी भी दी।
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भाजपा ने फूंका कांग्रेस, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह व किसान नेता दर्शनपाल का पुतला
पंजाब के अबोहर से विधायक अरुण नारंग के साथ की गई हाथापाई व मारपीट के विरोध में भाजपा ने मंगलवार को सिरसा रोड स्थित जिला कार्यालय के सामने कांग्रेस पार्टी, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह व किसान नेता दर्शनपाल का पुतला फूंका। भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि किसान आंदोलन की आड़ में कांग्रेस पार्टी व कुछ असामाजिक तत्वों ने सरेआम एक चुने हुए विधायक के साथ इस तरह की घटिया हरकत की जो, निंदनीय व लोकतंत्र को शर्मसार करने वाली है।
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कायराना हरकत की : गंगवा
डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा ने कहा कि जिस तरह चुने हुए विधायक के साथ इस तरह की हरकत की गई है, वह कायराना है। भाजपा के जिला अध्यक्ष कैप्टन भूपेंद्र वीरचक्र ने कहा कि अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देखकर कांग्रेस बौखला गई है और वह अब जनहितैषी भाजपा के विरोध के लिए किसान आंदोलन का सहारा ले रही है। विधायक डॉ. कमल गुप्ता ने कहा कि यह कांग्रेस की गुंडागर्दी है और निंदनीय है। इस अवसर पर हांसी विधायक विनोद भयाना, मेयर गौतम सरदाना, सीनियर डिप्टी मेयर अनिल मानी, पूर्व चेयरमैन श्रीनिवास गोयल व कर्णसिंह रानोलिया, भाजपा के जिला महामंत्री एडवोकेट धर्मबीर रतेरिया व प्रवीण पोपली, अशोक कन्नोजिया, कृष्ण बिश्नोई, अशोक सैनी, रणधीर धीरू, संजीव रेवड़ी, कृष्ण खटाना, देवेन्द्र शर्मा, राजेंद्र सपड़ा, अनिल कैरों आदि मौजूद रहे।
क्रांतिमान पार्क में एकत्रित हुए किसान
किसान नेता दर्शनपाल का पुतला जलाने की सूचना पाकर विभिन्न किसान संगठनों के नेता व कार्यकर्ता संयुक्त किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष शमशेर सिहं नंबरदार के नेतृत्व में एकत्रित हुए। यहां से सभी प्रदर्शन करते हुए भाजपा कार्यालय पहुंचे। मगर यहां तैनात भारी पुलिस बल ने उन्हें सेक्टर 14 के गेट नंबर दो के सामने ही रोक लिया। किसान नेताओं ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे सिर्फ भाजपा कार्यालय के सामने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष व राष्ट्रीय अध्यक्ष का पुतला फूंकना चाहते हैं। इस पर पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वे इस जगह के अलावा कहीं भी ये पुतले फूंक सकते हैं। इस पर सभी किसान वही रोड के बीच में बैठ गए। साथ में जिले के सभी टोल प्लाजा पर बैठे किसानों को भी यहां पहुंचने के लिए कह दिया।
टोल प्लाजा से पहुंचे किसानों को पुलिस ने बेरीकेड लगाकर रोका, तोड़कर अंदर पहुंचे
किसान नेताओं की कॉल के साथ सभी टोल प्लाजा से किसान टैक्टर-ट्रॉलियों सहित अन्य वाहनों में सवार होकर शहर की तरफ निकल पड़े। मगर यहां उन्हें बेरीकेड लगाकर रोकने की कोशिश की गई, लेकिन बरवाला व सिरसा रोड पर किसान बेरीकेड को तोड़कर शहर में दाखिल हो गए, जबकि राजगढ़ रोड पर अन्य रास्तों से किसान शहर में घुस गए।
एक पुतला भाजपा कार्यालय के सामने तो दूसरा कुछ दूरी पर फूंका
पुलिस प्रशासन द्वारा भाजपा कार्यालय के दोनों तरफ बेरीकेड लगाकर रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया। मगर टोल प्लाजा से किसानों के पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ गई। इसी का फायदा उठाते हुए किसान बेरीकेड तोड़कर भाजपा कार्यालय के सामने पहुंच गए और एक पुतला फूंक दिया। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने किसानों को बलपूर्वक पीछे धकेल दिया। प्रदर्शनकारी किसानों के मुताबिक इस दौरान उनके साथ आई महिलाओं में से एक-दो महिलाओं को चोटें भी आईं। किसानों का आरोप है कि मौके पर महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थीं। वहीं पुलिस कर्मियों ने उनके साथ आईं महिलाओं के साथ अभद्रता की। इसके बाद किसानों एक अन्य पुतले को भाजपा कार्यालय से कुछ दूरी पर फूंक दिया। फिर सभी किसान नागरिक अस्पताल में एकत्रित हुए और वहां से कुछ देर में चले गए।
शहर में रही जाम की स्थिति
पूरा हंगामा करीब चार घंटे तक चला। इस दौरान बस अड्डा व नागरिक अस्पताल के पास जाम की स्थिति बनी रही। इस दौरान सिरसा की तरफ जाने वाले वाहनों को बरवाला चुंगी होकर गुजारा गया। इस घटना के कारण दिन भर शहर पुलिस छावनी में तब्दील रहा।

हंगामे के दौरान लगा जाम। - फोटो : Hisar

पुतला फूंकने के बाद लौटते किसान।- फोटो : Hisar