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Hisar News: किसान नेताओं ने मंडी में गेहूं खरीद व उठान कार्यों का जायजा लिया, अधिकारियों से मांगा जवाब
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बरवाला में मार्केट कमेटी सचिव से मिलते किसान संगठनों का प्रतिनिधि मंडल।
बरवाला। हरियाणा संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर मोर्चा के नेताओं ने मंडियों में व मार्केट कमेटी कार्यालयों में पहुंचकर गेहूं खरीद, उठान और किसानों के लंबित भुगतान को लेकर अधिकारियों से जवाब मांगा। किसान संगठनों का प्रतिनिधिमंडल वरिष्ठ किसान नेता सत्यवान खेदड़ की अध्यक्षता में मार्केट कमेटी सचिव मंदीप राणा से मिला।
किसान नेताओं ने मंडियों में अब तक हुई गेहूं खरीद, उठान तथा किसानों के भुगतान संबंधी पूरा रिकॉर्ड लिखित रूप में प्राप्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने किसानों को आ रही समस्याओं और नए नियमों के कारण उत्पन्न परेशानियों को भी अधिकारियों के समक्ष रखा। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने कहा कि मंडियों में फसल बिक्री के लिए जबरदस्ती लागू किए जा रहे नए नियम किसानों को परेशान करने वाले हैं।
भाजपा सरकार ऑनलाइन पोर्टल और बायोमेट्रिक प्रणाली लागू कर किसानों को सुविधाओं से वंचित करने तथा धीरे-धीरे मंडी व्यवस्था को कमजोर करने का काम कर रही है। किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां मंडियों को बंद करने की दिशा में बढ़ रही है जिसका संयुक्त किसान मोर्चा विरोध करेगा।
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संयुक्त किसान मजदूर बाडोपट्टी टोल कमेटी के अध्यक्ष सरदानन्द राजली ने जारी बयान में बताया कि बरवाला मंडी में अब तक 11,80,347 क्विंटल गेहूं की आवक हुई है, जिसमें से 6,84,795 क्विंटल का उठान हुआ। हसनगढ़ मंडी में 75,867 क्विंटल गेहूं की आवक तथा 63,364 क्विंटल का उठान हुआ। पाबड़ा मंडी में 1,66,391 क्विंटल गेहूं की आवक हुई, जिसमें से 1,54,941 क्विंटल का उठान हुआ। वहीं श्यामसुख मंडी में 54,734 क्विंटल गेहूं की आवक और 46,702 क्विंटल का उठान हुआ।
प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों से पूछा कि किसानों के भुगतान में देरी क्यों हो रही है तथा गेट पास मिलने के बावजूद किसानों को फसल बेचने में दिक्कतें क्यों आ रही हैं। इन सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। किसान नेताओं ने कहा कि गेहूं सीजन के दौरान आगजनी की कई घटनाएं हुई हैं। कनौह गांव के किसान प्रदीप बूरा की लगभग तीन एकड़ गेहूं जलकर राख हो गई। ऐसी सभी घटनाओं में प्रभावित किसानों को तुरंत पूरा मुआवजा दिया जाए।
इसके साथ ही सरकार द्वारा किसानों और मजदूरों पर स्मार्ट मीटर योजना थोपने की भी निंदा की गई। इस मौके पर सत्यवान खेदड़, सरदानंद राजली, सुमेर कुंडू, बसाऊ राम, सुरेंद्र नया गांव, राजेश कुमार सहित अन्य किसान नेता मौजूद रहे।
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किसान नेताओं ने मंडियों में अब तक हुई गेहूं खरीद, उठान तथा किसानों के भुगतान संबंधी पूरा रिकॉर्ड लिखित रूप में प्राप्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने किसानों को आ रही समस्याओं और नए नियमों के कारण उत्पन्न परेशानियों को भी अधिकारियों के समक्ष रखा। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने कहा कि मंडियों में फसल बिक्री के लिए जबरदस्ती लागू किए जा रहे नए नियम किसानों को परेशान करने वाले हैं।
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भाजपा सरकार ऑनलाइन पोर्टल और बायोमेट्रिक प्रणाली लागू कर किसानों को सुविधाओं से वंचित करने तथा धीरे-धीरे मंडी व्यवस्था को कमजोर करने का काम कर रही है। किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां मंडियों को बंद करने की दिशा में बढ़ रही है जिसका संयुक्त किसान मोर्चा विरोध करेगा।
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संयुक्त किसान मजदूर बाडोपट्टी टोल कमेटी के अध्यक्ष सरदानन्द राजली ने जारी बयान में बताया कि बरवाला मंडी में अब तक 11,80,347 क्विंटल गेहूं की आवक हुई है, जिसमें से 6,84,795 क्विंटल का उठान हुआ। हसनगढ़ मंडी में 75,867 क्विंटल गेहूं की आवक तथा 63,364 क्विंटल का उठान हुआ। पाबड़ा मंडी में 1,66,391 क्विंटल गेहूं की आवक हुई, जिसमें से 1,54,941 क्विंटल का उठान हुआ। वहीं श्यामसुख मंडी में 54,734 क्विंटल गेहूं की आवक और 46,702 क्विंटल का उठान हुआ।
प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों से पूछा कि किसानों के भुगतान में देरी क्यों हो रही है तथा गेट पास मिलने के बावजूद किसानों को फसल बेचने में दिक्कतें क्यों आ रही हैं। इन सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। किसान नेताओं ने कहा कि गेहूं सीजन के दौरान आगजनी की कई घटनाएं हुई हैं। कनौह गांव के किसान प्रदीप बूरा की लगभग तीन एकड़ गेहूं जलकर राख हो गई। ऐसी सभी घटनाओं में प्रभावित किसानों को तुरंत पूरा मुआवजा दिया जाए।
इसके साथ ही सरकार द्वारा किसानों और मजदूरों पर स्मार्ट मीटर योजना थोपने की भी निंदा की गई। इस मौके पर सत्यवान खेदड़, सरदानंद राजली, सुमेर कुंडू, बसाऊ राम, सुरेंद्र नया गांव, राजेश कुमार सहित अन्य किसान नेता मौजूद रहे।