{"_id":"5e46f3d78ebc3ee5e02caaff","slug":"experience-of-working-officer-after-becoming-mp-hisar-news-rtk542286921","type":"story","status":"publish","title_hn":"सांसद बृजेंद्र सिंह ने पहली बार सुनी जनसमस्याएं, बोले- बहुत काम आ रहा अफसरी का अनुभव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सांसद बृजेंद्र सिंह ने पहली बार सुनी जनसमस्याएं, बोले- बहुत काम आ रहा अफसरी का अनुभव
Sat, 15 Feb 2020 01:22 PM IST
रोहतक ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, हिसार(हरियाणा)
अमर उजाला नेटवर्क, हिसार(हरियाणा)
Published by: रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 15 Feb 2020 01:22 PM IST
विज्ञापन
सांसद बृजेंद्र सिंह
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सांसद बृजेंद्र सिंह ने पहली बार खुला दरबार लगाकर लोगों की समस्याएं सुनीं। सांसद बनने के बाद पहले खुले दरबार में उनका अफसरी का अनुभव भी काम आता दिखाई दिया। उन्होंने पीएलए स्थित अपने आवास पर आईएएस स्टाइल में समस्याएं सुनीं।
उन्होंने समस्याएं लेकर पहुंची लोगों की भीड़ को एकदम से इकट्ठा नहीं किया, बल्कि अलग कमरे में बैठकर एक-एक करके लोगों को बुलाया। जहां जरूरत पड़ी चंडीगढ़ या स्थानीय अधिकारियों को फोन करके समस्या का निदान तुरंत करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने अपनी कार्यशैली से अफसरों को समझाया कि कैसे समस्याएं हल होंगी।
बृजेंद्र सिंह करीब सवा 12 बजे पीएलए स्थित अपने आवास पर पहुंचे और लोगों की समस्याएं सुननी शुरू की। जिस प्रकार अन्य विधायक या मंत्री समस्याएं सुनते हैं, उससे अलग बृजेंद्र सिंह ने अपने आईएएस स्टाइल में समस्याएं सुनीं। आमतौर पर विधायक या मंत्री के सामने ही समस्याएं लेकर पहुंचने वालों की भीड़ होती है और वे सभी की लिखित शिकायतों को लेकर रख लेते हैं, लेकिन आईएएस से सांसद बने बृजेंद्र सिंह की कार्यशैली से दिखाई दिया कि उनकी अफसरी का अनुभव उनके सांसद पद में भी काम आ रहा है।
विज्ञापन
सांसद अपने आवास के अंदर कमरे में बैठ गए और गेट पर सिक्योरिटी गार्ड खड़े थे, जो समस्या लेकर आए लोगों को एक-दो करके अंदर भेज रहे थे। समस्या को अच्छी तरह पढ़कर सांसद संबंधित अधिकारी को शिकायत मार्क कर दे रहे थे। यही नहीं किसी समस्या के लिए चंडीगढ़ या स्थानीय अधिकारी को फोन लगाना हो तो वहां भी बात कर रहे थे। सांसद ने करीब साढ़े चार बजे तक 500 से अधिक लोगों की समस्याएं सुनीं।
सांसद के स्टाइल को सराहा
लोगों ने सांसद के समस्या सुनने के स्टाइल की सराहना की। इसका कारण यह था कि फरियादी के आगे ही उसकी समस्या के संबंध में संबंधित अधिकारी से बात हो रही थी। समस्या लेकर आने वालों में क्षेत्र की पंचायतें भी थीं। कुछ लोग उनके स्टाइल को आईएएस स्टाइल बता रहे थे तो कुछ लोग डॉक्टर द्वारा नंबर से मरीज के चेकअप करने के स्टाइल से जोड़ रहे थे।
आईएएस का पद छोड़कर उतरे थे चुनाव मैदान में
सांसद बृजेंद्र सिंह हरियाणा की राजनीति के कद्दावर नेता बीरेंद्र सिंह डूमरखां के बेटे हैं। वे आईएएस हैं और यह पद छोड़कर वे चुनाव मैदान में कूदे थे। बृजेंद्र सिंह को लोकसभा चुनाव में कुल 5,99,653 वोट मिले थे, जबकि दूसरे नंबर रहे दुष्यंत चौटाला को 2,87,952 वोट मिले थे। बृजेंद्र सिंह को 3,11,701 वोटों से जीत हासिल हुई थी।
विज्ञापन
उन्होंने समस्याएं लेकर पहुंची लोगों की भीड़ को एकदम से इकट्ठा नहीं किया, बल्कि अलग कमरे में बैठकर एक-एक करके लोगों को बुलाया। जहां जरूरत पड़ी चंडीगढ़ या स्थानीय अधिकारियों को फोन करके समस्या का निदान तुरंत करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने अपनी कार्यशैली से अफसरों को समझाया कि कैसे समस्याएं हल होंगी।
विज्ञापन
बृजेंद्र सिंह करीब सवा 12 बजे पीएलए स्थित अपने आवास पर पहुंचे और लोगों की समस्याएं सुननी शुरू की। जिस प्रकार अन्य विधायक या मंत्री समस्याएं सुनते हैं, उससे अलग बृजेंद्र सिंह ने अपने आईएएस स्टाइल में समस्याएं सुनीं। आमतौर पर विधायक या मंत्री के सामने ही समस्याएं लेकर पहुंचने वालों की भीड़ होती है और वे सभी की लिखित शिकायतों को लेकर रख लेते हैं, लेकिन आईएएस से सांसद बने बृजेंद्र सिंह की कार्यशैली से दिखाई दिया कि उनकी अफसरी का अनुभव उनके सांसद पद में भी काम आ रहा है।
विज्ञापन
सांसद अपने आवास के अंदर कमरे में बैठ गए और गेट पर सिक्योरिटी गार्ड खड़े थे, जो समस्या लेकर आए लोगों को एक-दो करके अंदर भेज रहे थे। समस्या को अच्छी तरह पढ़कर सांसद संबंधित अधिकारी को शिकायत मार्क कर दे रहे थे। यही नहीं किसी समस्या के लिए चंडीगढ़ या स्थानीय अधिकारी को फोन लगाना हो तो वहां भी बात कर रहे थे। सांसद ने करीब साढ़े चार बजे तक 500 से अधिक लोगों की समस्याएं सुनीं।
सांसद के स्टाइल को सराहा
लोगों ने सांसद के समस्या सुनने के स्टाइल की सराहना की। इसका कारण यह था कि फरियादी के आगे ही उसकी समस्या के संबंध में संबंधित अधिकारी से बात हो रही थी। समस्या लेकर आने वालों में क्षेत्र की पंचायतें भी थीं। कुछ लोग उनके स्टाइल को आईएएस स्टाइल बता रहे थे तो कुछ लोग डॉक्टर द्वारा नंबर से मरीज के चेकअप करने के स्टाइल से जोड़ रहे थे।
आईएएस का पद छोड़कर उतरे थे चुनाव मैदान में
सांसद बृजेंद्र सिंह हरियाणा की राजनीति के कद्दावर नेता बीरेंद्र सिंह डूमरखां के बेटे हैं। वे आईएएस हैं और यह पद छोड़कर वे चुनाव मैदान में कूदे थे। बृजेंद्र सिंह को लोकसभा चुनाव में कुल 5,99,653 वोट मिले थे, जबकि दूसरे नंबर रहे दुष्यंत चौटाला को 2,87,952 वोट मिले थे। बृजेंद्र सिंह को 3,11,701 वोटों से जीत हासिल हुई थी।