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नशे में उड़ता हिसार, बिहार से चलता कारोबार
ब्यूरो/अमर उजाला/हिसार
Updated Thu, 18 May 2017 01:00 AM IST
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पिछले 15 दिन में ही 23 नशा तस्कर गिरफ्तार हो चुके हैं। बिहार सहित कई प्रदेशों के तस्कर वहीं से बैठे-बैठे जिले में नशे का कारोबार चला रहे हैं। सीआईए वन की टीम द्वारा पकड़े गए नशा तस्कर से पूछताछ में यह खुलासा हुआ है।
टीम ने लाहौरिया चौक के पास मंगलवार रात बिहार के लतीपुर निवासी उपेंद्र को पकड़कर उसके कब्जे से छह किलो गांजा बरामद किया। वह पड़ाव एरिया में कमरा किराये पर लेकर रहता है और बिहार में बैठे आका की गांजा बेचने की नौकरी करता है। मुख्य सप्लायर का हिसार में नेटवर्क है और वह फोन कर उसे वहां से नशा सप्लाई करने के आदेश देता रहता है। पुलिस ने आरोपी को बुधवार को कोर्ट में पेश किया। यहां से उसे जेल भेज दिया गया।
सीआईए वन इंचार्ज निरीक्षक कृष्ण कुमार की टीम मंगलवार रात को लाहौरिया चौक के पास गश्त पर थी। पुलिस ने बिहार के लतीपुर निवासी उपेंद्र को शक की बिनाह पर रुकवाकर तलाशी ली। वह एक पॉलिथीन लिए हुए था। पुलिस ने लिफाफे से छह किलो गांजा बरामद किया। पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज किया।
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तीन महीने से रह रहा था शहर में, पुलिस को खबर तक नहीं
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह बिहार निवासी उमेश कुमार के पास तीन महीने से गांजा बेचने के लिए नौकरी करता है। उमेश कुमार उसे गांजा बेचने की एवज में 7000 रुपये प्रति महीना के हिसाब से और अतिरिक्त खर्चा, कमरे का 1200 रुपये किराया देता है। वह पड़ाव चौक के पास 1200 रुपये में किराये पर कमरा लेकर रहता है। उमेश कुमार बिहार से हिसार आकर उसे भारी मात्रा में गांजा दे जाता है। उसका हिसार में बड़ा नेटवर्क है। उमेश कुमार फोन कर कह देता कि फलां जगह गांजा दे आना। वहां आपको आदमी मिलेगा, जिसने ऐसे कपडे़ पहने हैं। वह पहचान बता देता है और मैं फिर माल सप्लाई कर देता है।
पुलिस को सप्लायर की तलाश
उसने थोड़ी देर पहले उमेश कुमार के बताए अनुसार जलेबी चौक पर बालसमंद गांव के एक युवक को नशा सप्लाई किया था। वह उमेश के फोन का इंतजार कर रहा था कि पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पुलिस को अब मेन सप्लायर बिहार निवासी उमेश की तलाश है।
यूनिवर्सिटी तक पहुंची जड़ें
हिसार शहर में तीन यूनिवर्सिटी हैं। इनमें जीजेयू, एचएयू और लुवास शामिल हैं। इनमें हजारों छात्र पढ़ते हैं। नशा तस्कर अब छात्रों को अपने जाल में फंसाकर वहां नशा सप्लाई करना चाहते हैं, ताकि उनको एक बड़ा नेटवर्क हाथ लग सके और मोटा मुनाफा कमाया जा सके। यही कारण है कि पिछले दिनों जीजेयू के खंडहरों में सिल्वर फॉयल मिले थे। इससे साफ जाहिर है कि नशे के सौदागरों ने अपनी जड़े कहां तक बढ़ा ली हैं।
स्मैक का मेन सप्लायर सलमान नहीं लगा हाथ
कुछ अरसे पहले पुलिस ने बरवाला चुंगी के पास एक आदमी को गुप्त सूचना के आधार पर पकड़ा था। वह यहां स्मैक की सप्लाई देने आया था। पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ की तो उसने बताया था कि उसे लखनऊ के सलमान ने स्मैक दी थी। फिर उसने आदेश देकर कहा था कि हिसार चले जाओ। वहां जिसे सप्लाई देनी है, उसका फोन पर नाम और जगह बता दिए जाएंगे। उसने फोन के आधार पर शहर के एक आदमी को स्मैक दी थी और वह रेलवे स्टेशन पर जा रहा था कि पकड़ा गया। उसने बताया था कि उसे सलमान स्मैक देता है। उसने उसे यहां सप्लाई देने की एवज में 3000 रुपये और भाड़ा दिया था। पुलिस मुख्य सप्लायर सलमान को अब तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
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टीम ने लाहौरिया चौक के पास मंगलवार रात बिहार के लतीपुर निवासी उपेंद्र को पकड़कर उसके कब्जे से छह किलो गांजा बरामद किया। वह पड़ाव एरिया में कमरा किराये पर लेकर रहता है और बिहार में बैठे आका की गांजा बेचने की नौकरी करता है। मुख्य सप्लायर का हिसार में नेटवर्क है और वह फोन कर उसे वहां से नशा सप्लाई करने के आदेश देता रहता है। पुलिस ने आरोपी को बुधवार को कोर्ट में पेश किया। यहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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सीआईए वन इंचार्ज निरीक्षक कृष्ण कुमार की टीम मंगलवार रात को लाहौरिया चौक के पास गश्त पर थी। पुलिस ने बिहार के लतीपुर निवासी उपेंद्र को शक की बिनाह पर रुकवाकर तलाशी ली। वह एक पॉलिथीन लिए हुए था। पुलिस ने लिफाफे से छह किलो गांजा बरामद किया। पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज किया।
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तीन महीने से रह रहा था शहर में, पुलिस को खबर तक नहीं
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह बिहार निवासी उमेश कुमार के पास तीन महीने से गांजा बेचने के लिए नौकरी करता है। उमेश कुमार उसे गांजा बेचने की एवज में 7000 रुपये प्रति महीना के हिसाब से और अतिरिक्त खर्चा, कमरे का 1200 रुपये किराया देता है। वह पड़ाव चौक के पास 1200 रुपये में किराये पर कमरा लेकर रहता है। उमेश कुमार बिहार से हिसार आकर उसे भारी मात्रा में गांजा दे जाता है। उसका हिसार में बड़ा नेटवर्क है। उमेश कुमार फोन कर कह देता कि फलां जगह गांजा दे आना। वहां आपको आदमी मिलेगा, जिसने ऐसे कपडे़ पहने हैं। वह पहचान बता देता है और मैं फिर माल सप्लाई कर देता है।
पुलिस को सप्लायर की तलाश
उसने थोड़ी देर पहले उमेश कुमार के बताए अनुसार जलेबी चौक पर बालसमंद गांव के एक युवक को नशा सप्लाई किया था। वह उमेश के फोन का इंतजार कर रहा था कि पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पुलिस को अब मेन सप्लायर बिहार निवासी उमेश की तलाश है।
यूनिवर्सिटी तक पहुंची जड़ें
हिसार शहर में तीन यूनिवर्सिटी हैं। इनमें जीजेयू, एचएयू और लुवास शामिल हैं। इनमें हजारों छात्र पढ़ते हैं। नशा तस्कर अब छात्रों को अपने जाल में फंसाकर वहां नशा सप्लाई करना चाहते हैं, ताकि उनको एक बड़ा नेटवर्क हाथ लग सके और मोटा मुनाफा कमाया जा सके। यही कारण है कि पिछले दिनों जीजेयू के खंडहरों में सिल्वर फॉयल मिले थे। इससे साफ जाहिर है कि नशे के सौदागरों ने अपनी जड़े कहां तक बढ़ा ली हैं।
स्मैक का मेन सप्लायर सलमान नहीं लगा हाथ
कुछ अरसे पहले पुलिस ने बरवाला चुंगी के पास एक आदमी को गुप्त सूचना के आधार पर पकड़ा था। वह यहां स्मैक की सप्लाई देने आया था। पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ की तो उसने बताया था कि उसे लखनऊ के सलमान ने स्मैक दी थी। फिर उसने आदेश देकर कहा था कि हिसार चले जाओ। वहां जिसे सप्लाई देनी है, उसका फोन पर नाम और जगह बता दिए जाएंगे। उसने फोन के आधार पर शहर के एक आदमी को स्मैक दी थी और वह रेलवे स्टेशन पर जा रहा था कि पकड़ा गया। उसने बताया था कि उसे सलमान स्मैक देता है। उसने उसे यहां सप्लाई देने की एवज में 3000 रुपये और भाड़ा दिया था। पुलिस मुख्य सप्लायर सलमान को अब तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है।