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Hisar News: जीजेयू के विद्यार्थियों ने वजन मापने के लिए बहुपयोगी सिस्टम किया तैयार
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जीजेयू में कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई को आईओटी-आधारित वजन मॉनिटरिंग सिस्टम की जानकारी देते ड
हिसार। गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के अंतिम वर्ष के तीन विद्यार्थियों ने इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) आधारित बहुपयोगी वजन मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया है जो स्वास्थ्य, कृषि और उद्योग क्षेत्र में क्रांति ला सकता है।
विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. विजय पाल सिंह ने बताया कि आईओटी आधारित वजन मॉनिटरिंग सिस्टम में साधारण परंतु सटीक लोड सेल सेंसर को माइक्रोकंट्रोलर और इंटरनेट ऑफ थिंग्स तकनीक से जोड़ा गया है। यह सेंसर वजन को स्वत: मापकर क्लाउड प्लेटफॉर्म पर भेज देता है जिसे मोबाइल या वेब एप्लीकेशन पर तुरंत देखा जा सकता है। इस प्रकार बिना मानवीय हस्तक्षेप के सटीक और वास्तविक समय में वजन की निगरानी संभव हो जाती है। कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा है कि ऐसे नवाचार जीजेयू की उस सोच को मजबूत करते हैं, जिसमें शिक्षा केवल किताबों तक सीमित न रहकर समाज के लिए उपयोगी समाधान प्रस्तुत करे। कुलसचिव डॉ. विजय कुमार ने कहा कि हमारा प्रयास है कि विद्यार्थियों को हरसंभव मार्गदर्शन और संसाधन मिलें ताकि वे अपने विचारों को वास्तविक नवाचारों में बदल सकें।
क्या होगा फायदा
डॉ. विजय पाल सिंह ने कहा कि इस तकनीक की उपयोगिता केवल मापन तक सीमित नहीं है। स्वास्थ्य क्षेत्र में यह अस्पतालों में मरीजों के वजन पर लगातार नजर रख सकता है या घर पर बुजुर्ग और अस्वस्थ व्यक्तियों की स्थिति पर परिवार को तुरंत सचेत कर सकता है। उद्योगों में कच्चे माल का स्टॉक स्वत: अपडेट होकर उत्पादन और आपूर्ति शृंख्ला को व्यवस्थित कर सकता है। कृषि क्षेत्र में किसान फसल उत्पादन, खाद की मात्रा या पशुओं के वजन पर निगरानी रख सकते हैं। यह प्रोजेक्ट विद्यार्थियों की तकनीकी दक्षता को दर्शाने के साथ-साथ वास्तविक जीवन की समस्याओं का व्यावहारिक समाधान भी प्रस्तुत करता है।
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विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. विजय पाल सिंह ने बताया कि आईओटी आधारित वजन मॉनिटरिंग सिस्टम में साधारण परंतु सटीक लोड सेल सेंसर को माइक्रोकंट्रोलर और इंटरनेट ऑफ थिंग्स तकनीक से जोड़ा गया है। यह सेंसर वजन को स्वत: मापकर क्लाउड प्लेटफॉर्म पर भेज देता है जिसे मोबाइल या वेब एप्लीकेशन पर तुरंत देखा जा सकता है। इस प्रकार बिना मानवीय हस्तक्षेप के सटीक और वास्तविक समय में वजन की निगरानी संभव हो जाती है। कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा है कि ऐसे नवाचार जीजेयू की उस सोच को मजबूत करते हैं, जिसमें शिक्षा केवल किताबों तक सीमित न रहकर समाज के लिए उपयोगी समाधान प्रस्तुत करे। कुलसचिव डॉ. विजय कुमार ने कहा कि हमारा प्रयास है कि विद्यार्थियों को हरसंभव मार्गदर्शन और संसाधन मिलें ताकि वे अपने विचारों को वास्तविक नवाचारों में बदल सकें।
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क्या होगा फायदा
डॉ. विजय पाल सिंह ने कहा कि इस तकनीक की उपयोगिता केवल मापन तक सीमित नहीं है। स्वास्थ्य क्षेत्र में यह अस्पतालों में मरीजों के वजन पर लगातार नजर रख सकता है या घर पर बुजुर्ग और अस्वस्थ व्यक्तियों की स्थिति पर परिवार को तुरंत सचेत कर सकता है। उद्योगों में कच्चे माल का स्टॉक स्वत: अपडेट होकर उत्पादन और आपूर्ति शृंख्ला को व्यवस्थित कर सकता है। कृषि क्षेत्र में किसान फसल उत्पादन, खाद की मात्रा या पशुओं के वजन पर निगरानी रख सकते हैं। यह प्रोजेक्ट विद्यार्थियों की तकनीकी दक्षता को दर्शाने के साथ-साथ वास्तविक जीवन की समस्याओं का व्यावहारिक समाधान भी प्रस्तुत करता है।
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