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तीन माह में दूसरी बार भ्रूण लिंग जांच केस में फंसी डॉ. उर्मिल
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हांसी (हिसार)। धतरवाल अस्पताल की संचालक डॉ. उर्मिल तीन माह के अंदर दूसरी बार भ्रूण लिंग जांच केस में फंस गईं हैं। पुलिस ने अस्पताल संचालक सहित आठ लोगों के खिलाफ पीएनडीटी एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
पुलिस को दी शिकायत में सिविल अस्पताल हिसार के एसएमओ व पीएनडीटी एक्ट के नोडल ऑफिसर डॉ. प्रभु दयाल ने बताया कि 13 सितंबर को उनके व सिविल अस्पताल हांसी के एएसएमओ डॉ. कामिद मोंगा ने धतरवाल अस्पताल मामले पर प्रोग्रेस रिपोर्ट जिला समुचित प्राधिकरण हिसार को प्रस्तुत किया। इस पर संज्ञान लेते हुए जिला समुचित प्राधिकरण ने अगले दिन सूर्य नगर निवासी रितु को 17 सितंबर को उनके कार्यालय में उपस्थित होने के लिए सम्मन जारी किए।
रितू ने प्राधिकरण के समक्ष बताया कि वर्ष 2021 व 2022 में उसने धतरवाल अस्पताल में भ्रूण लिंग की जांच करवाई थी। वर्ष 2021 में लिंग जांच में लड़की बताए जाने के बाद अपना गर्भपात भी करवा लिया था। 12 मार्च 2021 में उसका अल्ट्रासाउंड डॉ उर्मिल धतरवाल ने किया, तब अल्ट्रासाउंड फॉर्म भरवाया गया। उसके साथ गीता उर्फ कोकी गई थी। उसी दिन शाम को गीता ने फोन कर उसे बताया कि भ्रूणलिंग की जांच ठीक नहीं हुई और उसे दोबारा 10 दिन बाद जाना पड़ेगा।
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10 दिन बाद जसबीर नामक महिला ने अस्पताल में उसी मशीन पर अल्ट्रासाउंड टेस्ट किया। मगर इस बार न तो उसके फॉर्म पर हस्ताक्षर करवाए गए और न ही कोई रिपोर्ट उसे दी गई । वापसी में गीता उसे अस्पताल के सामने रोड पर मिली और उससे 20 हजार रुपये लिए। गीता ने कहा कि वह इस पैसे को पूनम के जरिये डॉ. उर्मिल तक पहुंचाएगी। उसी शाम गीता ने उसे गर्भ में लड़की होना बताया। उसका गर्भपात भी कराया गया। इसके लिए गीता ने रितु से एक हजार रुपये लिए। डॉ. दयाल ने बताया कि ऑनलाइन रिकॉर्ड जांच में रितु के बयान सही मिले।
वर्ष 2022 में अस्पताल में हुआ था दो बार अल्ट्रासाउंड
रितु ने अपने बयानों में बताया कि वर्ष 2022 में भी दो बार उसका अल्ट्रासाउंड धतरवाल अस्पताल में कार्यरत किसी महिला डॉक्टर ने किया था। तस्वीर देखने पर चिकित्सक की पहचान डॉ. नीरू के रूप में हुई थी। दूसरी बार कोई रिपोर्ट नहीं दी गई। गीता ने जिंदल चौक पर आकर 25 हजार रुपये रितु से लिए थे। गीता ने रुपये लेने के बाद शाम को व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर गर्भ में लड़की होना बताया।
एक अन्य महिला की भी हुई थी भ्रूण लिंग जांच
रितु के अनुसार सात जून को उसके साथ भिवानी जिले के धनाना निवासी माया की भी भ्रूण लिंग जांच हुई थी और 40 हजार रुपये में सौदा गीता के माध्यम से तय हुआ था। वह माया को इसलिए जानती है, क्योंकि दोनों का मायका एक ही है। माया के गर्भ में भी लड़की होना बताया था। माया का दोबारा अल्ट्रासाउंड 24 जून को भी हुआ था। इसके लिए कोई फॉर्म नहीं भरा गया था और न ही कोई रिपोर्ट दी गई। माया का अल्ट्रासाउंड डॉ. नीरू ने किया था।
टीम ने रितु को डॉ उर्मिल धतरवाल, पूनम, जसवीर, डॉ. नीरू समोता की फोटो दिखाई। रितु ने डॉ. उर्मिल धतरवाल, जसवीर, डॉ. नीरू समोता को पहचान लिया। रितु को गीता के मोबाइल फोन से उसके मोबाइल फोन पर किए गए व्हाट्सएप चैट व कॉल दिखाए, जिसे रितु ने उसे सही होना बताया। रितु के पति सचिन ने कहा कि उसने रितु पर दबाव देकर उसका अल्ट्रासाउंड करवाने व भ्रूण लिंग की जांच करवाने के लिए मनाया था, जबकि वह जांच नहीं करवाना चाहती थी। पुलिस ने धतरवाल अस्पताल की संचालक डॉ. उर्मिल धतरवाल, डॉ. नीरू समोता, गीता उर्फ कोकी, पूनम, जसवीर कौर, सूर्य नगर निवासी सचिन, रवि, धनाना निवासी संदीप के खिलाफ पीएनडीटी एक्ट, एमटीपी एक्ट, आईएमसी एक्ट, धारा 420, 120बी व 34 के तहत मामला दर्ज कर लिया।
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जुलाई में भी हुआ था मामला दर्ज
इस वर्ष जुलाई में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने धतरवाल अस्पताल पर कार्रवाई की थी। टीम ने कहा था कि यहां एक गिरोह के जरिये भ्रूण लिंग जांच की जाती है। दलाल के माध्यम गर्भवती महिलाओं को यहां जांच के लिए लाया जाता है। भ्रूण लिंग जांच के लिए 40 से 70 हजार रुपये लिए जाते थे। टीम ने एक दलाल को 40 हजार रुपये लेते हुए पकड़ा था। टीम की शिकायत पर पुलिस ने डॉ. उर्मिल धतरवाल, अस्पताल की स्टाफ नर्स जसबीर, पूर्व स्टाफ नर्स गीता व पास में रहने वाली महिला पूनम के खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस ने स्टाफ नर्स जसबीर, गीता व पूनम को गिरफ्तार भी किया था।
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पुलिस को दी शिकायत में सिविल अस्पताल हिसार के एसएमओ व पीएनडीटी एक्ट के नोडल ऑफिसर डॉ. प्रभु दयाल ने बताया कि 13 सितंबर को उनके व सिविल अस्पताल हांसी के एएसएमओ डॉ. कामिद मोंगा ने धतरवाल अस्पताल मामले पर प्रोग्रेस रिपोर्ट जिला समुचित प्राधिकरण हिसार को प्रस्तुत किया। इस पर संज्ञान लेते हुए जिला समुचित प्राधिकरण ने अगले दिन सूर्य नगर निवासी रितु को 17 सितंबर को उनके कार्यालय में उपस्थित होने के लिए सम्मन जारी किए।
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रितू ने प्राधिकरण के समक्ष बताया कि वर्ष 2021 व 2022 में उसने धतरवाल अस्पताल में भ्रूण लिंग की जांच करवाई थी। वर्ष 2021 में लिंग जांच में लड़की बताए जाने के बाद अपना गर्भपात भी करवा लिया था। 12 मार्च 2021 में उसका अल्ट्रासाउंड डॉ उर्मिल धतरवाल ने किया, तब अल्ट्रासाउंड फॉर्म भरवाया गया। उसके साथ गीता उर्फ कोकी गई थी। उसी दिन शाम को गीता ने फोन कर उसे बताया कि भ्रूणलिंग की जांच ठीक नहीं हुई और उसे दोबारा 10 दिन बाद जाना पड़ेगा।
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10 दिन बाद जसबीर नामक महिला ने अस्पताल में उसी मशीन पर अल्ट्रासाउंड टेस्ट किया। मगर इस बार न तो उसके फॉर्म पर हस्ताक्षर करवाए गए और न ही कोई रिपोर्ट उसे दी गई । वापसी में गीता उसे अस्पताल के सामने रोड पर मिली और उससे 20 हजार रुपये लिए। गीता ने कहा कि वह इस पैसे को पूनम के जरिये डॉ. उर्मिल तक पहुंचाएगी। उसी शाम गीता ने उसे गर्भ में लड़की होना बताया। उसका गर्भपात भी कराया गया। इसके लिए गीता ने रितु से एक हजार रुपये लिए। डॉ. दयाल ने बताया कि ऑनलाइन रिकॉर्ड जांच में रितु के बयान सही मिले।
वर्ष 2022 में अस्पताल में हुआ था दो बार अल्ट्रासाउंड
रितु ने अपने बयानों में बताया कि वर्ष 2022 में भी दो बार उसका अल्ट्रासाउंड धतरवाल अस्पताल में कार्यरत किसी महिला डॉक्टर ने किया था। तस्वीर देखने पर चिकित्सक की पहचान डॉ. नीरू के रूप में हुई थी। दूसरी बार कोई रिपोर्ट नहीं दी गई। गीता ने जिंदल चौक पर आकर 25 हजार रुपये रितु से लिए थे। गीता ने रुपये लेने के बाद शाम को व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर गर्भ में लड़की होना बताया।
एक अन्य महिला की भी हुई थी भ्रूण लिंग जांच
रितु के अनुसार सात जून को उसके साथ भिवानी जिले के धनाना निवासी माया की भी भ्रूण लिंग जांच हुई थी और 40 हजार रुपये में सौदा गीता के माध्यम से तय हुआ था। वह माया को इसलिए जानती है, क्योंकि दोनों का मायका एक ही है। माया के गर्भ में भी लड़की होना बताया था। माया का दोबारा अल्ट्रासाउंड 24 जून को भी हुआ था। इसके लिए कोई फॉर्म नहीं भरा गया था और न ही कोई रिपोर्ट दी गई। माया का अल्ट्रासाउंड डॉ. नीरू ने किया था।
टीम ने रितु को डॉ उर्मिल धतरवाल, पूनम, जसवीर, डॉ. नीरू समोता की फोटो दिखाई। रितु ने डॉ. उर्मिल धतरवाल, जसवीर, डॉ. नीरू समोता को पहचान लिया। रितु को गीता के मोबाइल फोन से उसके मोबाइल फोन पर किए गए व्हाट्सएप चैट व कॉल दिखाए, जिसे रितु ने उसे सही होना बताया। रितु के पति सचिन ने कहा कि उसने रितु पर दबाव देकर उसका अल्ट्रासाउंड करवाने व भ्रूण लिंग की जांच करवाने के लिए मनाया था, जबकि वह जांच नहीं करवाना चाहती थी। पुलिस ने धतरवाल अस्पताल की संचालक डॉ. उर्मिल धतरवाल, डॉ. नीरू समोता, गीता उर्फ कोकी, पूनम, जसवीर कौर, सूर्य नगर निवासी सचिन, रवि, धनाना निवासी संदीप के खिलाफ पीएनडीटी एक्ट, एमटीपी एक्ट, आईएमसी एक्ट, धारा 420, 120बी व 34 के तहत मामला दर्ज कर लिया।
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जुलाई में भी हुआ था मामला दर्ज
इस वर्ष जुलाई में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने धतरवाल अस्पताल पर कार्रवाई की थी। टीम ने कहा था कि यहां एक गिरोह के जरिये भ्रूण लिंग जांच की जाती है। दलाल के माध्यम गर्भवती महिलाओं को यहां जांच के लिए लाया जाता है। भ्रूण लिंग जांच के लिए 40 से 70 हजार रुपये लिए जाते थे। टीम ने एक दलाल को 40 हजार रुपये लेते हुए पकड़ा था। टीम की शिकायत पर पुलिस ने डॉ. उर्मिल धतरवाल, अस्पताल की स्टाफ नर्स जसबीर, पूर्व स्टाफ नर्स गीता व पास में रहने वाली महिला पूनम के खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस ने स्टाफ नर्स जसबीर, गीता व पूनम को गिरफ्तार भी किया था।