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Hisar News: थायराइड साइलेंट किलर...थकान और वजन बढ़ने को न करें नजरअंदाज
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हिसार। तेजी से बदलती जीवनशैली और तनाव के बीच थायराइड एक साइलेंट किलर की तरह उभर रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक थायराइड को हल्के में लेना सीधे आपके दिल की सेहत से खिलवाड़ है जो आगे चलकर हार्ट अटैक (दिल के दौरे) का एक बड़ा कारण बन सकता है। अगर बिना वजह थकान महसूस कर रहे हैं या अचानक वजन घट-बढ़ रहा है तो यह जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे में थायराइड टेस्ट अवश्य करवाएं।
चिकित्सकों के अनुसार शरीर में हार्मोंस का असंतुलन इस बीमारी की मुख्य वजह है। पुरुषों की तुलना में महिलाएं इस बीमारी की चपेट में चार गुना ज्यादा आती हैं। महिलाओं के शरीर में गर्भधारण, पीरियड्स (मासिक धर्म) और स्तनपान (बच्चे को दूध पिलाते समय) के दौरान बड़े स्तर पर हार्मोनल बदलाव होते हैं जिससे उनमें इस बीमारी का खतरा काफी बढ़ जाता है। हर साल 25 मई को विश्व थायराइड दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को इस छिपी हुई बीमारी के प्रति जागरूक करना और समय रहते इसके लक्षणों को पहचानकर इलाज शुरू करने के लिए प्रेरित करना है।
ये हैं लक्षण
वजन का तेजी से घटना या बढ़ना, बालों का झड़ना, नींद न आना, घबराहट, एड़ी का फटना, दिल का तेज धड़कना, बार-बार खाने का मन करना आदि इस बीमारी के मुख्य लक्षण हैं। अगर ये लक्षण नजर आए तो थायराइड का टेस्ट अवश्य करवाए। ब्लड टेस्ट और अल्ट्रासाउंड दोनों तरह से बीमारी का पता लगाया जा सकता है। यह एक जेनेटिक बीमारी भी है।
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बीमारी को हल्के में न लें
इस बीमारी को हल्के में नहीं लें। चिकित्सकों के अनुसार थायराइड हार्ट अटैक का कारण भी बन सकता है। इसके अलावा अगर महिला गर्भवती है तो इस बीमारी से उसके होने वाले बच्चे का विकास भी रुक जाता है। इस बीमारी से पीड़ित महिलाएं खाने में पत्ता गोभी, फूल गोभी और ब्रोकली का शामिल न करें।
जिला नागरिक अस्पताल में पहुंच रहे थायराइड के मरीज
जिला नागरिक की ओपीडी में इस भी इस बीमारी से पीड़ित मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार अस्पताल में फिजिशियन की ओपीडी में प्रतिदिन 250 से 300 मरीज आते हैं जिनमें से करीब 15 से 20 मरीज इस बीमारी के होते हैं। पुरुषों को भी यह बीमारी होती है लेकिन उनका आंकड़ा काफी कम है।
थायराइड बीमारी को जरा सा भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। अगर किसी महिला को जरा सी भी आशंका है कि उसे यह बीमारी है तो उसे तुरंत इसकी जांच करानी चाहिए और तुरंत इसका उपचार शुरू करवाना चाहिए। - डॉ. अंजू आर्या, एमडी, फिजिशियन, जिला नागरिक अस्पताल।
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चिकित्सकों के अनुसार शरीर में हार्मोंस का असंतुलन इस बीमारी की मुख्य वजह है। पुरुषों की तुलना में महिलाएं इस बीमारी की चपेट में चार गुना ज्यादा आती हैं। महिलाओं के शरीर में गर्भधारण, पीरियड्स (मासिक धर्म) और स्तनपान (बच्चे को दूध पिलाते समय) के दौरान बड़े स्तर पर हार्मोनल बदलाव होते हैं जिससे उनमें इस बीमारी का खतरा काफी बढ़ जाता है। हर साल 25 मई को विश्व थायराइड दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को इस छिपी हुई बीमारी के प्रति जागरूक करना और समय रहते इसके लक्षणों को पहचानकर इलाज शुरू करने के लिए प्रेरित करना है।
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ये हैं लक्षण
वजन का तेजी से घटना या बढ़ना, बालों का झड़ना, नींद न आना, घबराहट, एड़ी का फटना, दिल का तेज धड़कना, बार-बार खाने का मन करना आदि इस बीमारी के मुख्य लक्षण हैं। अगर ये लक्षण नजर आए तो थायराइड का टेस्ट अवश्य करवाए। ब्लड टेस्ट और अल्ट्रासाउंड दोनों तरह से बीमारी का पता लगाया जा सकता है। यह एक जेनेटिक बीमारी भी है।
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बीमारी को हल्के में न लें
इस बीमारी को हल्के में नहीं लें। चिकित्सकों के अनुसार थायराइड हार्ट अटैक का कारण भी बन सकता है। इसके अलावा अगर महिला गर्भवती है तो इस बीमारी से उसके होने वाले बच्चे का विकास भी रुक जाता है। इस बीमारी से पीड़ित महिलाएं खाने में पत्ता गोभी, फूल गोभी और ब्रोकली का शामिल न करें।
जिला नागरिक अस्पताल में पहुंच रहे थायराइड के मरीज
जिला नागरिक की ओपीडी में इस भी इस बीमारी से पीड़ित मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार अस्पताल में फिजिशियन की ओपीडी में प्रतिदिन 250 से 300 मरीज आते हैं जिनमें से करीब 15 से 20 मरीज इस बीमारी के होते हैं। पुरुषों को भी यह बीमारी होती है लेकिन उनका आंकड़ा काफी कम है।
थायराइड बीमारी को जरा सा भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। अगर किसी महिला को जरा सी भी आशंका है कि उसे यह बीमारी है तो उसे तुरंत इसकी जांच करानी चाहिए और तुरंत इसका उपचार शुरू करवाना चाहिए। - डॉ. अंजू आर्या, एमडी, फिजिशियन, जिला नागरिक अस्पताल।