फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   Disturbance: Rs 33 lakh not deposited in Singhwa Khas Panchayat's account

गड़बड़ी : सिंघवा खास पंचायत के खाते में नहीं जमा हुए 33 लाख रुपये

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 21 Sep 2021 11:26 PM IST
विज्ञापन
Disturbance: Rs 33 lakh not deposited in Singhwa Khas Panchayat's account
बास। हांसी द्वितीय खंड के गांव सिंघवा खास में मछली पालन के लिए ठेके पर दिए तालाब की सालाना 33 लाख रुपये की किस्त चार महीने बीत जाने के बाद भी पंचायत के खाते में जमा नहीं हुई। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत नारनौंद उपमंडल अधिकारी को दी है।
विज्ञापन

वहीं, तालाब के ठेकेदार का कहना है कि उसने पिछले साल 28 दिसंबर 2020 को ही किस्त के पैसे जमा करवा दिए हैं। इसकी उसके पास रसीद भी है। दूसरी तरफ पंचायत अधिकारियों व सरपंच के अनुसार किस्त अभी तक जमा नहीं हुई है। 33 लाख रुपये का यह मामला अब रसीद के नकली या असली होने पर अटक गया है। अब बड़ा सवाल उठता है कि अगर ठेकेदार के पास रसीद असली है तो वह किसने जारी की है और रसीद के राशि कहां पर है। अगर यह रसीद फर्जी है तो विभाग ने अब तक इसकी जांच क्यों नहीं करवाई है।
विज्ञापन

सिंघवा खास की युवा ग्राम वेलफेयर सोसायटी के सदस्यों ने एसडीएम विकास यादव को इस बारे में शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि पंचायत ने गांव का तालाब मछली पालन के लिए सालाना 33 लाख रुपये पर जून 2020 में 7 साल के लिए ठेके पर दिया गया था। तालाब की सालाना किस्त जून में जमा करवानी थी, लेकिन इस बार पैसा पंचायत के खाते में जमा नहीं हुआ है। ठेकेदार का कहना है कि उसके पास राशि जमा कराने की रसीद है, जबकि अधिकारी व सरपंच का कहना है कि एक पैसा भी पंचायत के खाते में नहीं हुआ जमा।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस मामले में गांव सिंघवा खास के कुछ लोग उनसे मिलने आए थे और उन्होंने लिखित में शिकायत देकर राशि की जांच करवाने की मांग की। जिस पर उन्होंने हांसी द्वितीय खंड के बीडीपीओ से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी गई थी, लेकिन अभी तक हमारे पास इस संबंध में कोई रिपोर्ट नहीं आई है। उन्होंने शिकायत की एक प्रति हिसार उपायुक्त को भी भेज दी थी। - विकास यादव, एसडीएम नारनौंद
फरवरी महीने में मुझसे चार्ज ले लिया गया था। जोहड़ की किस्त जून में जमा होनी थी। मेरे पास किस्त का कोई पैसा नहीं आया है, न ही मैंने कोई रसीद जारी की है। ठेेकेदार द्वारा दिखाई जा रही रसीद फर्जी है, इसकी जांच होनी चाहिए। मुझे इस बारे में पक्ष रखने के लिए खंड में बुलाया गया है मैं वहां अपना पक्ष रखूंगा। - नरेश कुमार, निवर्तमान सरपंच, सिंघवा खास

यह राशि जून में जमा होनी थी। ठेकेदार का कहना है कि उसने राशि दिसंबर में ही जमा करवा दी थी, उसके पास रसीद है। अब वह रसीद असली है या फर्जी है, इसकी जांच करते हुए आगे कार्रवाई की जाएगी। सरपंच व ठेकेदार को पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है। - मनोज, ग्राम सचिव
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed