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Hisar News: रिंग रोड के लिए जमीन खरीदने पर खर्च होंगे 1500 करोड़, आधे हरियाणा सरकार देगी
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शहर के लिए प्रस्तावित रिंग रोड का नक्शा।
हिसार। शहर को भारी वाहनों से लगने वाले जाम से निजाते दिलाने के लिए महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट रिंग रोड का बजट बढ़ गया है। अब रिंग रोड के लिए जमीन खरीदने पर 1500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें से आधी राशि हरियाणा सरकार और आधी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) खर्च करेगा। हरियाणा सरकार और प्राधिकरण में इसको लेकर सहमति भी बन गई है। इसी के साथ अब इस प्रोजेक्ट पर आगामी प्रक्रिया शुरू होगी।
मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में रिंग रोड को लेकर चंडीगढ़ में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने इस प्रोजेक्ट के लिए 750 करोड़ रुपये हरियाणा सरकार की ओर से देने की मंजूरी दी है। पहले हरियाणा सरकार और एनएचएआई को 500-500 करोड़ रुपये खर्च करने थे। एनएचएआई अधिकारियों की ओर से तैयार किए गए 3 हजार करोड़ रुपये के एस्टीमेट में से एक हजार करोड़ रुपये जमीन अधिग्रहण पर खर्च होने थे लेकिन अब 1500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे रिंग रोड बनाने का खर्च मिलाकर एस्टीमेट 3500 करोड़ रुपये से ज्यादा हो जाएगा। करीब 270 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। यह रिंग रोड गांव देवा से शुरू होकर तलवंडी राणा के पास खत्म होगा।
40 किलोमीटर लंबा रिंग रोड प्रस्तावित
रिंग रोड करीब 40 किलोमीटर लंबा होगा। यह एनएच-52 राजगढ़ रोड से शुरू होकर एनएच-9 से होते हुए तलवंडी राणा के पास एनएच-52 पर खत्म होगा। यह रोड कैमरी, भगाना, लाडवा, मैय्यड़, खरड़, नियाणा, मिर्जापुर व धांसू गांव से होकर गुजरेगा। राजगढ़ रोड पर यह गांव मुकलान से शुरू होगा। यहां से तलवंडी राणा के पास जाकर मिलेगा। इस तरह पूरे शहर के चारों तरफ रिंग रोड बन जाएगा जिससे शहर में ट्रैफिक का दबाव खत्म होगा और जिन वाहन चालकों को शहर में नहीं आना है वे सीधे अपने गंतव्य की ओर निकल जाएंगे। रिंग रोड को पहले फोरलेन बनाया जाएगा लेकिन जमीन अधिग्रहण सिक्स-लेन की प्लानिंग के हिसाब से ही होगा।
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पहले डिप्टी स्पीकर फिर मंत्री गंगवा ने दिलाई गति
इस प्रोजेक्ट को पहले डिप्टी स्पीकर के तौर पर रणबीर गंगवा ने उठाया। इसके बाद कुछ समय के लिए एनएचएआई ने इस प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया। अब पीडब्ल्यूडी मंत्री के रूप में एक बार फिर रणबीर गंगवा ने मुख्यमंत्री नायब सैनी के सामने पूरी पैरवी करके इस प्रोजेक्ट को गति प्रदान करवाई है।
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एनएचएआई और हरियाणा सरकार में जमीन अधिग्रहण के लिए 750-750 करोड़ रुपये खर्च करने की सहमति बन गई है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने दो दिन पहले हुई बैठक में इसकी सहमति दे दी है। अब रिंग रोड के लिए जमीन खरीदने का काम शुरू होगा। - रणबीर सिंह गंगवा, पीडब्ल्यूडी मंत्री, हरियाणा सरकार
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मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में रिंग रोड को लेकर चंडीगढ़ में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने इस प्रोजेक्ट के लिए 750 करोड़ रुपये हरियाणा सरकार की ओर से देने की मंजूरी दी है। पहले हरियाणा सरकार और एनएचएआई को 500-500 करोड़ रुपये खर्च करने थे। एनएचएआई अधिकारियों की ओर से तैयार किए गए 3 हजार करोड़ रुपये के एस्टीमेट में से एक हजार करोड़ रुपये जमीन अधिग्रहण पर खर्च होने थे लेकिन अब 1500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे रिंग रोड बनाने का खर्च मिलाकर एस्टीमेट 3500 करोड़ रुपये से ज्यादा हो जाएगा। करीब 270 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। यह रिंग रोड गांव देवा से शुरू होकर तलवंडी राणा के पास खत्म होगा।
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40 किलोमीटर लंबा रिंग रोड प्रस्तावित
रिंग रोड करीब 40 किलोमीटर लंबा होगा। यह एनएच-52 राजगढ़ रोड से शुरू होकर एनएच-9 से होते हुए तलवंडी राणा के पास एनएच-52 पर खत्म होगा। यह रोड कैमरी, भगाना, लाडवा, मैय्यड़, खरड़, नियाणा, मिर्जापुर व धांसू गांव से होकर गुजरेगा। राजगढ़ रोड पर यह गांव मुकलान से शुरू होगा। यहां से तलवंडी राणा के पास जाकर मिलेगा। इस तरह पूरे शहर के चारों तरफ रिंग रोड बन जाएगा जिससे शहर में ट्रैफिक का दबाव खत्म होगा और जिन वाहन चालकों को शहर में नहीं आना है वे सीधे अपने गंतव्य की ओर निकल जाएंगे। रिंग रोड को पहले फोरलेन बनाया जाएगा लेकिन जमीन अधिग्रहण सिक्स-लेन की प्लानिंग के हिसाब से ही होगा।
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पहले डिप्टी स्पीकर फिर मंत्री गंगवा ने दिलाई गति
इस प्रोजेक्ट को पहले डिप्टी स्पीकर के तौर पर रणबीर गंगवा ने उठाया। इसके बाद कुछ समय के लिए एनएचएआई ने इस प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया। अब पीडब्ल्यूडी मंत्री के रूप में एक बार फिर रणबीर गंगवा ने मुख्यमंत्री नायब सैनी के सामने पूरी पैरवी करके इस प्रोजेक्ट को गति प्रदान करवाई है।
एनएचएआई और हरियाणा सरकार में जमीन अधिग्रहण के लिए 750-750 करोड़ रुपये खर्च करने की सहमति बन गई है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने दो दिन पहले हुई बैठक में इसकी सहमति दे दी है। अब रिंग रोड के लिए जमीन खरीदने का काम शुरू होगा। - रणबीर सिंह गंगवा, पीडब्ल्यूडी मंत्री, हरियाणा सरकार