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Hisar News: महिला आईटीआई में छात्राओं को सिखाया आपदा प्रबंधन
Sun, 10 May 2026 01:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 10 May 2026 01:54 AM IST
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हिसार। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम ने हिसार में शिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए। इसकी शुरुआत ठंडी सड़क स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) महिला से शुक्रवार को की गई।
इस शिविर में छात्राओं को आपदा की स्थिति में जान बचाने और बचाव कार्य करने के लिए तैयार करना सिखाया गया। एनडीआरएफ की टीम से आशीष और एसडीआरएफ की टीम से चरण सिंह ने बताया कि आपदा किसी भी समय किसी भी कारण से आ सकती है।
शिविर में आपातकालीन स्थिति में घायलों को अस्पताल ले जाने से पहले सीपीआर, खुली चोट पर रक्तस्राव रोकने और हड्डी टूटने पर घायल की देखभाल करना सिखाया गया। टीम ने बाढ़ से बचाव, पानी में डूबने वालों को बचाना, तैराकी, गोताखोरी और नाव संचालन की तकनीक भी बताई। इसके अलावा भूकंप या अन्य कारण से ढही इमारत के मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित निकालने की तकनीक भी छात्राओं को सिखाई गई।
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संस्थान की प्रधानाचार्य राजरानी ने बताया कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं को बड़ी आपदा में बदलने से रोकने के लिए हर संभव कदम उठाना है। संस्थान के शिक्षक, सभी स्टाफ सदस्य और छात्राओं ने शिविर में प्राप्त जानकारी की सराहना की।
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इस शिविर में छात्राओं को आपदा की स्थिति में जान बचाने और बचाव कार्य करने के लिए तैयार करना सिखाया गया। एनडीआरएफ की टीम से आशीष और एसडीआरएफ की टीम से चरण सिंह ने बताया कि आपदा किसी भी समय किसी भी कारण से आ सकती है।
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शिविर में आपातकालीन स्थिति में घायलों को अस्पताल ले जाने से पहले सीपीआर, खुली चोट पर रक्तस्राव रोकने और हड्डी टूटने पर घायल की देखभाल करना सिखाया गया। टीम ने बाढ़ से बचाव, पानी में डूबने वालों को बचाना, तैराकी, गोताखोरी और नाव संचालन की तकनीक भी बताई। इसके अलावा भूकंप या अन्य कारण से ढही इमारत के मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित निकालने की तकनीक भी छात्राओं को सिखाई गई।
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संस्थान की प्रधानाचार्य राजरानी ने बताया कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं को बड़ी आपदा में बदलने से रोकने के लिए हर संभव कदम उठाना है। संस्थान के शिक्षक, सभी स्टाफ सदस्य और छात्राओं ने शिविर में प्राप्त जानकारी की सराहना की।