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Hisar News: श्रीराम जन्मोत्सव में झूमे श्रद्धालु, झांकी देख मंगलगान से गूंज उठा मोक्ष वृद्धाश्रम
Sun, 03 Aug 2025 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 03 Aug 2025 12:39 AM IST
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मोक्ष वृद्धाश्रम में चल रही श्रीराम कथा में उपस्थित महिलाएं।
हिसार। मोक्ष वृद्धाश्रम में चल रही श्रीराम कथा में शनिवार को श्रीराम जन्मोत्सव मनाया गया। इस दौरान श्रीराम जन्म की झांकी देखकर श्रद्धालु व बुजुर्ग अभिभूत हो गए और पूरा मोक्ष वृद्धाश्रम जय श्रीराम के उदघोष से गुंजायमान हो उठा। इस अवसर पर हिसार की विधायक सावित्री जिंदल मुख्यातिथि के रूप में पहुंची।
श्रीराम कथा के तीसरे दिन साध्वी निष्ठानंद सरस्वती ने श्रीराम जन्म के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने श्रीराम जन्म कथा का इतने वात्सल्य भाव से वर्णन किया कि सभी श्रद्धालु भावविभोर हो गए। जब श्रीराम जन्म के शिशु स्वरूप की झांकी श्रीराम कथा स्थल पर पहुंची तो सभी श्रद्धालु नतमस्तक हो गए। साध्वी निष्ठानंद सरस्वती ने स्पष्ट किया कि जब-जब धरा पर अधर्म बढ़ता है तो भगवान अवतरित होते हैं। उन्होंने कहा कि वास्तविकता तो यह है कि भगवान केवल दुष्टों का नाश करने के लिए नहीं आते बल्कि भक्तों पर अनुकंपा बरसाने भी आते हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में प्रतिकूलता आने पर भगवान के द्वार पर समाधान अवश्य हो जाता है। इसलिए भगवान की भक्ति में मन लगाना चाहिए।
प्रभु मन बसियो रे राम-राम रसियो रे
श्रीराम कथा के दौरान प्रभु मन बसियो रे राम-राम रसियो रे, जय सियाराम-जय-जय सियाराम, मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है, रामजी की शरण में चले आइए वो बनाएंगे बिगड़ी ना घबराइए और जन्मे अवध में राम मंगल गाओ जी सहित कई भजनों के माध्यम से इष्ट की आराधना व स्तुति की गई। मोक्ष वृद्धाश्रम की संरक्षक माता पंकज संधीर व प्रधान विजय भृगु ने बताया कि श्रीरामकथा 4 अगस्त को पूर्णाहुति के साथ संपन्न होगी। इस दौरान शकुंतला राजलीवाला, डॉ. शमीम शर्मा, संस्कृति ग्रुप से विनिता जैन, रेणु लाहौरिया व तरुणा ढांडा, श्यामा श्याम मंडल से कमल अग्रवाल, पूनम गर्ग आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मोक्ष वृद्धाश्रम की संरक्षक माता पंकज संधीर ने सभी अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
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श्रीराम कथा के तीसरे दिन साध्वी निष्ठानंद सरस्वती ने श्रीराम जन्म के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने श्रीराम जन्म कथा का इतने वात्सल्य भाव से वर्णन किया कि सभी श्रद्धालु भावविभोर हो गए। जब श्रीराम जन्म के शिशु स्वरूप की झांकी श्रीराम कथा स्थल पर पहुंची तो सभी श्रद्धालु नतमस्तक हो गए। साध्वी निष्ठानंद सरस्वती ने स्पष्ट किया कि जब-जब धरा पर अधर्म बढ़ता है तो भगवान अवतरित होते हैं। उन्होंने कहा कि वास्तविकता तो यह है कि भगवान केवल दुष्टों का नाश करने के लिए नहीं आते बल्कि भक्तों पर अनुकंपा बरसाने भी आते हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में प्रतिकूलता आने पर भगवान के द्वार पर समाधान अवश्य हो जाता है। इसलिए भगवान की भक्ति में मन लगाना चाहिए।
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प्रभु मन बसियो रे राम-राम रसियो रे
श्रीराम कथा के दौरान प्रभु मन बसियो रे राम-राम रसियो रे, जय सियाराम-जय-जय सियाराम, मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है, रामजी की शरण में चले आइए वो बनाएंगे बिगड़ी ना घबराइए और जन्मे अवध में राम मंगल गाओ जी सहित कई भजनों के माध्यम से इष्ट की आराधना व स्तुति की गई। मोक्ष वृद्धाश्रम की संरक्षक माता पंकज संधीर व प्रधान विजय भृगु ने बताया कि श्रीरामकथा 4 अगस्त को पूर्णाहुति के साथ संपन्न होगी। इस दौरान शकुंतला राजलीवाला, डॉ. शमीम शर्मा, संस्कृति ग्रुप से विनिता जैन, रेणु लाहौरिया व तरुणा ढांडा, श्यामा श्याम मंडल से कमल अग्रवाल, पूनम गर्ग आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मोक्ष वृद्धाश्रम की संरक्षक माता पंकज संधीर ने सभी अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
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