{"_id":"5e7639598ebc3e6fd22b29d9","slug":"despite-public-curfew-doctors-will-still-provide-services-in-civil-hospital-hisar-news-rtk5478953139","type":"story","status":"publish","title_hn":"जनता कर्फ्यू के बावजूद नागरिक अस्पताल में आज भी सेवाएं देंगे डॉक्टर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जनता कर्फ्यू के बावजूद नागरिक अस्पताल में आज भी सेवाएं देंगे डॉक्टर
विज्ञापन
नागरिक अस्पताल में मेन गेट पर बने ट्राइएज में जांच के लिए मरीज।
- फोटो : Hisar
जनता कर्फ्यू के बावजूद रविवार को डॉक्टर ओपीडी में मौजूद रहेंगे। दो डॉक्टर ऑन ड्यूटी रहेंगे और एक डॉक्टर हर समय उनसे मोबाइल से संपर्क में रहेगा। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल प्रशासन द्वारा कोरोना को लेकर सभी डॉक्टर, नर्स, स्टाफ की ड्यूटियां निर्धारित कर दी गई हैं, ताकि अस्पताल में आने वाले मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इस दौरान डॉ. ज्ञानेंद्र अपनी टीम के साथ ट्राइएज व ओपीडी संभालेंगे। डॉ. अजित लाठर रैपिड एक्शन टीम के साथ जिले का कार्यभार संभालेंगे। वहीं डॉ. अजय चुघ आइसोलेशन वार्ड को संभालेंगे और डॉ. रामअवतार ओपीडी में रहेंगे। फ्लू क्लीनिक का नोडल ऑफिसर डॉ. पीके गुप्ता और डॉ. सुरेश कौशिक को बनाया गया है।
जांच कराने पहुंचे महिला और युवक को घर पर ही आइसोलेट के निर्देश
चंडीगढ़ से लौटी शुक्रवार शाम शहर निवासी एक महिला की अचानक तबीयत बिगड़ी गई। वह जांच के लिए निजी अस्पताल में पहुंची। वहां पर महिला की रिपोर्ट में प्लेटलेट्स कम मिले तो चिकित्सकों ने उसे नागरिक अस्पताल में भेज दिया, जहां पर डॉक्टरों ने महिला का चेकअप किया। डॉ. अजित लाठर ने बताया कि महिला को हल्का सा बुखार था, लेकिन कोरोना के कोई लक्षण नहीं मिले। इस पर दवा देकर महिला को घर पर आइसोलेेशन के लिए कहा गया है। वहीं चंडीगढ़ से लौटा एक और युवक आइसोलेशन वार्ड में पहुंचा और उसमें भी कोई लक्षण नहीं मिले तो उसे दवा देकर घर पर ही आइसोलेट होने के लिए कहा गया।
विज्ञापन
ट्राइएज में पहुंचे 140 मरीज
अस्पताल के मेन गेट के पास बने ट्राइएज में शनिवार दोपहर करीब दो बजे तक खांसी, जुकाम, बुखार संबंधित 140 मरीज पहुंचे। जहां पर मौजूद नर्स स्टाफ ने उन सभी मरीजों को चेकअप किया मगर उनमें कोई लक्षण नहीं मिला, जिससे उन्हें दवा दे दी गई। अस्पताल के अंदरूनी फ्लू क्लीनिक में शनिवार दोपहर दो बजे तक खांसी, जुकाम, बुखार के अन्य 120 मरीज पहुंचे। वहां पर मौजूद डॉक्टर, नर्स स्टाफ ने सभी मरीजों का चेकअप किया, लेकिन उनमें कोई लक्षण नहीं मिले। उन्हें दवा देकर घर पर रहकर आइसोलेशन के लिए कहा गया।
अस्पताल की ओपीडी में लगातार आ रही कमी
पिछले दो-तीन दिन से नागरिक अस्पताल की ओपीडी में लगातार कमी आ रही है। शनिवार को अस्पताल में 900 की ओपीडी रही। इससे पहले शुक्रवार को करीब 1200 लोग इलाज कराने पहुंचे थे। आमतौर पर नागरिक अस्पताल की ओपीडी 1500 की रहती है।
वर्जन
कोरोना को लेकर प्रत्येक व्यक्ति में संशय बना हुआ है। मगर इससे घबराने की जरूरत नहीं, बल्कि सतर्क रहना ज्यादा जरूरी है। जब कोई मरीज चेकअप के लिए आता है तो उसमें ज्यादातर घबराहट होती है। सबसे पहले हम उसकी घबराहट को दूर करते हैं। उसके बाद उसे अलग रहने व हर एक घंटे के बाद अपने हाथ साबुन या सैनिटाइजर से हाथ धोने की सलाह देते हैं और उसके बाद उस मरीज को दवा दी जाती है।
- डॉ. अजित लाठर, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल, हिसार
विज्ञापन
इस दौरान डॉ. ज्ञानेंद्र अपनी टीम के साथ ट्राइएज व ओपीडी संभालेंगे। डॉ. अजित लाठर रैपिड एक्शन टीम के साथ जिले का कार्यभार संभालेंगे। वहीं डॉ. अजय चुघ आइसोलेशन वार्ड को संभालेंगे और डॉ. रामअवतार ओपीडी में रहेंगे। फ्लू क्लीनिक का नोडल ऑफिसर डॉ. पीके गुप्ता और डॉ. सुरेश कौशिक को बनाया गया है।
विज्ञापन
जांच कराने पहुंचे महिला और युवक को घर पर ही आइसोलेट के निर्देश
चंडीगढ़ से लौटी शुक्रवार शाम शहर निवासी एक महिला की अचानक तबीयत बिगड़ी गई। वह जांच के लिए निजी अस्पताल में पहुंची। वहां पर महिला की रिपोर्ट में प्लेटलेट्स कम मिले तो चिकित्सकों ने उसे नागरिक अस्पताल में भेज दिया, जहां पर डॉक्टरों ने महिला का चेकअप किया। डॉ. अजित लाठर ने बताया कि महिला को हल्का सा बुखार था, लेकिन कोरोना के कोई लक्षण नहीं मिले। इस पर दवा देकर महिला को घर पर आइसोलेेशन के लिए कहा गया है। वहीं चंडीगढ़ से लौटा एक और युवक आइसोलेशन वार्ड में पहुंचा और उसमें भी कोई लक्षण नहीं मिले तो उसे दवा देकर घर पर ही आइसोलेट होने के लिए कहा गया।
विज्ञापन
ट्राइएज में पहुंचे 140 मरीज
अस्पताल के मेन गेट के पास बने ट्राइएज में शनिवार दोपहर करीब दो बजे तक खांसी, जुकाम, बुखार संबंधित 140 मरीज पहुंचे। जहां पर मौजूद नर्स स्टाफ ने उन सभी मरीजों को चेकअप किया मगर उनमें कोई लक्षण नहीं मिला, जिससे उन्हें दवा दे दी गई। अस्पताल के अंदरूनी फ्लू क्लीनिक में शनिवार दोपहर दो बजे तक खांसी, जुकाम, बुखार के अन्य 120 मरीज पहुंचे। वहां पर मौजूद डॉक्टर, नर्स स्टाफ ने सभी मरीजों का चेकअप किया, लेकिन उनमें कोई लक्षण नहीं मिले। उन्हें दवा देकर घर पर रहकर आइसोलेशन के लिए कहा गया।
अस्पताल की ओपीडी में लगातार आ रही कमी
पिछले दो-तीन दिन से नागरिक अस्पताल की ओपीडी में लगातार कमी आ रही है। शनिवार को अस्पताल में 900 की ओपीडी रही। इससे पहले शुक्रवार को करीब 1200 लोग इलाज कराने पहुंचे थे। आमतौर पर नागरिक अस्पताल की ओपीडी 1500 की रहती है।
वर्जन
कोरोना को लेकर प्रत्येक व्यक्ति में संशय बना हुआ है। मगर इससे घबराने की जरूरत नहीं, बल्कि सतर्क रहना ज्यादा जरूरी है। जब कोई मरीज चेकअप के लिए आता है तो उसमें ज्यादातर घबराहट होती है। सबसे पहले हम उसकी घबराहट को दूर करते हैं। उसके बाद उसे अलग रहने व हर एक घंटे के बाद अपने हाथ साबुन या सैनिटाइजर से हाथ धोने की सलाह देते हैं और उसके बाद उस मरीज को दवा दी जाती है।
- डॉ. अजित लाठर, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल, हिसार