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Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   Demand raised to set up a Rakhigarhi Development Board along the lines of the Kurukshetra Development Board.

Hisar News: कुरुक्षेत्र की तर्ज पर राखीगढ़ी विकास बोर्ड बनाने की उठी मांग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 10 Oct 2026 12:48 AM IST
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Demand raised to set up a Rakhigarhi Development Board along the lines of the Kurukshetra Development Board.
नारनौंद में सरपंचों व अधिकारियों के साथ बैठक करते एसडीएम विकास यादव। 
नारनौंद। दुनिया की प्राचीनतम सभ्यताओं में शामिल राखीगढ़ी को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने और आसपास के गांवों का समग्र विकास करने के लिए कुरुक्षेत्र की तर्ज पर राखीगढ़ी विकास बोर्ड गठित करने की मांग उठी है।
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ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने करीब 550 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली हड़प्पाकालीन सभ्यता के संरक्षण, पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की व्यापक योजना बनाने का सुझाव दिया। यह मांग शुक्रवार को एसडीएम विकास यादव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में रखी गई। बैठक में 19 से 25 अक्तूबर तक होने वाले राखीगढ़ी महोत्सव की तैयारियों पर भी चर्चा हुई।
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पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के उप निदेशक डॉ. नरेंद्र परमार ने बताया कि इस बार महोत्सव तीन दिन के बजाय सात दिन आयोजित किया जाएगा। इसका प्रमुख आकर्षण 10 देशों के पुरातत्वविदों की भागीदारी वाला अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन होगा। अमेरिका, इंग्लैंड, जापान, श्रीलंका और ईरान सहित विभिन्न देशों के विशेषज्ञ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे।
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सम्मेलन में लगभग पांच हजार वर्ष पुरानी सभ्यता से जुड़े शोध, नई खोजों, डीएनए, पशुपालन, व्यापार, उद्योग, तत्कालीन जीवनशैली और नगर नियोजन पर चर्चा होगी।
बैठक में ब्लॉक समिति चेयरमैन प्रदीप, अशोक ढांडा, युद्धवीर, बंटी, प्रीतम लोहान, सुधीर और मनीष सहित विभिन्न गांवों के जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
हेरिटेज वॉक, मॉक खोदाई और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे
महोत्सव में पर्यटकों और विद्यार्थियों को राखीगढ़ी के नौ टीलों का भ्रमण करवाने के लिए हेरिटेज वॉक आयोजित की जाएगी। पुरातात्विक खोजों की प्रदर्शनी, 12 मिनट की विशेष फिल्म, कार्यशालाएं और मॉक खोदाई भी आकर्षण रहेंगी। विद्यार्थियों के लिए हेरिटेज क्विज, ग्रामीणों के लिए दंगल और पारंपरिक खेल प्रतियोगिताएं तथा शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।

आसपास के गांवों को विकास योजना से जोड़ने का सुझाव
एसडीएम ने कहा कि महोत्सव के माध्यम से ऐतिहासिक विरासत को अधिक लोगों तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। बैठक में जिला पार्षद दिनेश श्योराण सहित जनप्रतिनिधियों ने राखीगढ़ी को स्थायी पर्यटन एवं शोध केंद्र के रूप में विकसित करने के सुझाव दिए।
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