फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   demand for online exam

एक सप्ताह से औसतन हर रोज आ रहे 88 नए कोरोना मरीज, विद्यार्थियों का विरोध, गुजवि असमंजस में

Sat, 29 Aug 2020 12:39 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 29 Aug 2020 12:39 AM IST
विज्ञापन
demand for online exam
गुजवि के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते लॉ कॉलेज के विद्यार्थी। - फोटो : Hisar
हिसार। कोरोना संकट के बीच गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय (गुजवि) के विद्यार्थियों को ऑफलाइन परीक्षाएं देनी होंगी। इसके लिए उन्हें कॉलेजों में आना होगा। दूसरी तरफ जिले में पिछले एक सप्ताह में औसतन हर दिन 88 नए कोरोना मरीज सामने आ रहे हैं। ऐसे में कॉलेजों में आकर परीक्षाएं देने को लेकर विद्यार्थी ही नहीं, अभिभावक और शिक्षक भी परेशान हैं। विद्यार्थी खुलकर विरोध कर रहे हैं और वे ऑनलाइन या ओपन बुक एग्जाम करवाने की मांग कर रहे हैं। इससे परीक्षा सवालों के घेरे में है और विश्वविद्यालय प्रशासन भी असमंजस की स्थिति में है। शुक्रवार शाम को विवि प्रशासन ने बैठक की, लेकिन उसमें कोई निर्णय नहीं हो सका। अब इस संबंध में शनिवार को भी बैठक बुलाई गई है।
विज्ञापन

परीक्षा के लिए लगाना पड़ेगा अमला
यदि विवि प्रशासन ऑफलाइन परीक्षा करवाता है तो इसमें भारी-भरकम अमला भी जुटाना पड़ेगा। लगभग 12 हजार तो विद्यार्थी ही होंगे, जो परीक्षा देंगे। उनके अलावा परीक्षा लेने वाला स्टाफ, स्क्रीनिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, सुरक्षा के लिए पुलिस कर्मचारियों की तैनाती भी करनी होगी। ऐसे में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ेगा।
विज्ञापन

यूं बढ़ा है सप्ताह में संक्रमितों का आंकड़ा
तिथि संक्रमित मिले
28 अगस्त 112
27 अगस्त 91
26 अगस्त 139
25 अगस्त 74
24 अगस्त 59
23 अगस्त 96
22 अगस्त 43
यह है विद्यार्थियों की संख्या
- कॉलेजों में स्नातक के अंतिम वर्ष के विद्यार्थी : 9500
- कॉलेजों में स्नातकोत्तर के अंतिम वर्ष के विद्यार्थी : 1000
- विवि कैंपस के यूजी-पीजी के विद्यार्थी : 1500
तकनीकी विवि होने के बावजूद ऑफलाइन परीक्षा
मामले को लेकर शुक्रवार को भी विद्यार्थियों ने प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि प्रदेश का मुख्य तकनीकी विश्वविद्यालय होने के बावजूद हालात यह हैं कि विवि ऑनलाइन या ओपन बुक एग्जाम नहीं करवा पा रहा, जबकि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय सवा लाख विद्यार्थियों की परीक्षाएं ऑनलाइन ले रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इकट्ठा होकर नहीं दे सकता परीक्षा
क्या तकनीकी विवि होने के बाद भी यहां के लोग ओपन बुक या ऑनलाइन एग्जाम करवाने में असमर्थ हैं। कोरोना के ऐसे हालात में संस्थानों में इकट्ठा होकर परीक्षाएं नहीं दी जा सकती।
- कौशल घणघस, छात्र नेता, गुजवि।
ऑनइलाइन हों परीक्षाएं
जब देश के चार-चार मुख्यमंत्रियों को एहतियात के बाद भी कोरोना हो गया और हरियाणा में तो दर्जन भर से ज्यादा विधायक कोरोना की चपेट में हैं तो क्या विवि प्रशासन स्थिति की गंभीरता को नहीं समझ सकता। परीक्षाएं ऑनलाइन मोड में ही होनी चाहिए।
- मनोज सिवाच, छात्र नेता, जाट कॉलेज।
शनिवार को बैठक
कोरोना केसों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए हम शनिवार को समीक्षा बैठक करेंगे। विचार-मंथन के बाद ही ऑनलाइन या ऑफलाइन मोड के बारे में कुछ कहा जा सकेगा, लेकिन परीक्षाएं 11 सितंबर से ही होंगी। हमने डेटशीट भी तैयार कर ली है।
- प्रो. यशपाल सिंगला, परीक्षा नियंत्रक, गुजवि।
एक ही विषय में फेल अधिकांश विद्यार्थी, री-चेकिंग की मांग
हिसार। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के बीएससी नॉन मेडिकल, बीएसएसी बॉटनी, बीएससी कंप्यूटर साइंस व बीएससी मेडिकल थर्ड सेमेस्टर की गत दिसंबर माह में हुई परीक्षा में एक ही विषय में फेल होने के विरोध विद्यार्थियों ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया। फेल हुए अधिकांश छात्र जाट कॉलेज और डीएन कॉलेज के हैं। शुक्रवार को विद्यार्थियों ने कुलपति से मुलाकात की। कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने विद्यार्थियों को एक सप्ताह में पेपर री-चेक करवाने और री-वैल्यूएशन की अंतिम तिथि बढ़ाने का आश्वासन दिया। विद्यार्थी विरोध जुलूस के साथ कुलपति कार्यालय तक पहुंच गए थे।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के हिसाब से करवाई जाएं परीक्षाएं : सिंघरान
हिसार। लॉ फाइनल ईयर के विद्यार्थियों ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय (कुवि) के हिसाब से परीक्षाएं करवाने की मांग को लेकर गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय (गुजवि) के कुलपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

छात्र विक्रम सिंघरान ने बताया कि लॉ फाइनल वर्ष के छात्रों के बीसीआई की गाइडलाइन के अनुसार परीक्षा करवानी चाहिए। जिस प्रकार कुवि द्वारा कोरोन महामारी को देखते हुए प्रोजेक्ट रिपोर्ट जमा करवा के पास किया जा रहा है, उसी तरह गुजवि को भी प्रोजेक्ट जमा करवा के एग्जाम लिए जाने चाहिए। छात्र ने बताया कि सीआरएम लॉ कॉलेज के कुवि के तहत आने वाले छात्रों ने नोटिफिकेशन के तहत प्रोजेक्ट रिपोर्ट जमा करवाई है और गुजवि के तहत आने वाले छात्र अभी तक लटक रहे हैं। एक ही कॉलेज के छात्रों के अलग-अलग तरह से परीक्षाएं करवाना गलत है। ज्ञापन देने पहुंचे छात्रों के अनुसार गुजवि के अधिकारियों ने उनसे सोमवार तक का समय मांगा है और कहा कि इसे कुलपति के संज्ञान में लाया जाएगा। इस मौके सुनील गुंदावत, रमन टाक, राजीव चहल, मोहित, जगरूप सिंह, नीरज बूरा आदि छात्र मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed