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Hisar News: सड़क निर्माण के दौरान डाला मलबा, एसई ने मांगी रिपोर्ट
Fri, 06 Nov 2026 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Fri, 06 Nov 2026 12:17 AM IST
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सेक्टर-33 में मलबा डालता ट्रैक्टर चालक
हिसार। सेक्टर-14 और सेक्टर-33 को सिरसा रोड स्थित नेशनल हाईवे-9 से जोड़ने के लिए बनाई जा रही मास्टर रोड पर निर्माण सामग्री की जगह मलबा डाल दिया गया। ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर मलबा निर्माण स्थल पर पहुंचाया गया।
मामला संज्ञान में आने पर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के एसई पवन कुमार वर्मा ने सख्ती दिखाते हुए एसडीओ से रिपोर्ट तलब की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि कोई सड़क निर्माण में मलबा डलवाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। एसडीओ ने बताया कि मलबा आते ही उसे वापस भिजवा दिया गया था। नियमानुसार सड़क निर्माण में पहले मिट्टी डाली जाती है और इसके बाद रोड़े बिछाकर तारकोल की परत बिछाई जाती है।
सेक्टर-14 और सेक्टर-33 को एनएच-9 से जोड़ने वाली मास्टर रोड के अधूरे हिस्से का निर्माण शुरू किया गया है। करीब 650 मीटर लंबी और 45 मीटर चौड़ी इस सड़क का निर्माण दो माह में पूरा होने की उम्मीद है। इससे सेक्टरवासियों को सीधे हाईवे तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी। साथ ही साउथ बाईपास से एनएच-9 तक पहुंचने का वैकल्पिक रास्ता मिलने से शहर में यातायात का दबाव कम होगा।
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इस सड़क के लिए सुअर फार्म (जीएलएफ) की करीब 44 एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई थी। जीएलएफ ने नई इमारत बनने के बाद जमीन का कब्जा देने की शर्त रखी थी। इसके लिए एचएसवीपी ने 57 करोड़ रुपये देने का निर्णय लिया था। मुख्यालय ने यह राशि जीएलएफ के खाते में स्थानांतरित कर दी थी। इसके बाद अब सड़क के शेष हिस्से का निर्माण शुरू हो पाया है।
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सड़क के निर्माण में मिट्टी, रोड़े बिछाने के बाद ही तारकोल बिछेगा। किसी ने मलबा डलवाया था उस मलबे को वापस भिजवा दिया गया है। सेक्टरवासियों के लिए फायदेमंद इस सड़क को पूरी गुणवत्ता के साथ बेहतर तरीके से बनाया जाएगा। कोई कोताही बर्दाश्त नहीं करेंगे। -पवन कुमार वर्मा, एसई, एचएसवीपी
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मामला संज्ञान में आने पर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के एसई पवन कुमार वर्मा ने सख्ती दिखाते हुए एसडीओ से रिपोर्ट तलब की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि कोई सड़क निर्माण में मलबा डलवाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। एसडीओ ने बताया कि मलबा आते ही उसे वापस भिजवा दिया गया था। नियमानुसार सड़क निर्माण में पहले मिट्टी डाली जाती है और इसके बाद रोड़े बिछाकर तारकोल की परत बिछाई जाती है।
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सेक्टर-14 और सेक्टर-33 को एनएच-9 से जोड़ने वाली मास्टर रोड के अधूरे हिस्से का निर्माण शुरू किया गया है। करीब 650 मीटर लंबी और 45 मीटर चौड़ी इस सड़क का निर्माण दो माह में पूरा होने की उम्मीद है। इससे सेक्टरवासियों को सीधे हाईवे तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी। साथ ही साउथ बाईपास से एनएच-9 तक पहुंचने का वैकल्पिक रास्ता मिलने से शहर में यातायात का दबाव कम होगा।
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इस सड़क के लिए सुअर फार्म (जीएलएफ) की करीब 44 एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई थी। जीएलएफ ने नई इमारत बनने के बाद जमीन का कब्जा देने की शर्त रखी थी। इसके लिए एचएसवीपी ने 57 करोड़ रुपये देने का निर्णय लिया था। मुख्यालय ने यह राशि जीएलएफ के खाते में स्थानांतरित कर दी थी। इसके बाद अब सड़क के शेष हिस्से का निर्माण शुरू हो पाया है।
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सड़क के निर्माण में मिट्टी, रोड़े बिछाने के बाद ही तारकोल बिछेगा। किसी ने मलबा डलवाया था उस मलबे को वापस भिजवा दिया गया है। सेक्टरवासियों के लिए फायदेमंद इस सड़क को पूरी गुणवत्ता के साथ बेहतर तरीके से बनाया जाएगा। कोई कोताही बर्दाश्त नहीं करेंगे। -पवन कुमार वर्मा, एसई, एचएसवीपी