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Hisar News: रोडवेज बसों का खतरनाक सफर, कभी स्टेयरिंग तो कभी ब्रेक हो रही फेल
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हांसी बस को ठीक करते हुए मिस्त्री।
माधव बावा
हांसी। हरियाणा रोडवेज की बसों में सफर करना अब खतरनाक हो गया है। सब डिपो में मिस्त्री न होने से 73 में से 37 रोडवेज बसें खराब हैं। इसमें से बीते एक सप्ताह में सब डिपो की करीब 15 बसों में स्टेयरिंग में दिक्कत व ब्रेक फेल होने की समस्या आ चुकी है। इसके चलते एक बस हादसे का भी शिकार हो चुकी है। बसों को ठीक करने के लिए हांसी सब डिपो में मिस्त्री भी नहीं हैं। साथ ही बसें खराब होने के कारण लंबे रूटों की बस सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
इतनी संख्या में बसों में समस्या पिछले दिनों हुई भारी बारिश व जलभराव के कारण हुई। बसों में तकनीकी समस्याएं आई हैं। ज्यादातर बसों में स्टेयरिंग व ब्रेक की समस्या है। इसमें से आर्मी स्कूल के बच्चों को लेने के लिए जा रही रोडवेज बस का हिसार रोड पर ब्रेक फेल हो गया। चालक की कुश्लता से हादसा होते टला। वहीं दो दिन पहले दिल्ली रोड पर एक बस के ब्रेक फेल हो गए जिसमें बस की दूसरे वाहन से टक्कर हो गई। गनीमत रही की बस की स्पीड ज्यादा नहीं थी। वहीं बसें खराब होने के बाद दूसरी समस्या मैकेनिक व सामान की भी है। रोडवेज के अधिकारियों के अनुसार पूरे हिसार डिपो में 40 मैकेनिक की जरूरत है जिसमें से केवल 6 ही यहां पर तैनात हैं जिसमें से हांसी में केवल एक हेड मैकेनिक है। मैकेनिक न होने पर हांसी की बसों को मरम्मत के लिए हिसार भेजना पड़ता है। फिलहाल हिसार डिपो में हांसी की 10 बसें मरम्मत होने के लिए गई हैं। वहीं असिस्टेंट के पद खाली हैं। अभी यहां अप्रेंटिस व ग्रुप डी के कर्मचारियों से काम चलाया जा रहा है। बसों की मरम्मत के लिए सब डिपो में सामान भी नहीं है।
लंबे व लोकल रूटों की बसें प्रभावित
बसें खराब होने से गुरुग्राम व पानीपत की बस सेवा बंद है। इसके अलावा लोकल रूट जैसे तोशाम, बरवाला, भिवानी, जींद, कुंगड़ भैणी, पेटवाड़ जैसे लोकल रूट प्रभावित हैं। केवल यात्रियों की संख्या के आधार पर ही रूटों पर बसें भेजी जा रही हैं।
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खराब बसें मिलती हैं हांसी को
एनसीआर क्षेत्र में नई रोडवेज बस केवल दस वर्ष के लिए मान्य हैं। दस वर्ष की अवधि पूरी होने पर बसों को हांसी, हिसार में भेजा जाता है। एक तरह से खराब बसें ही यहां मिलती हैं, जिसके चलते आए दिन बसों में कोई न कोई तकनीकी समस्या आती रहती है। अधिकांश बसों की बॉडी गलनी शुरू हो गई है। उनकी मरम्मत करके काम चलाया जा रहा है। लंबे समय से सब डिपो को नई रोडवेज बस नहीं मिली है।
वर्जन
मैंने मंगलवार से ही चार्ज संभाला है। सब डिपो व वर्कशॉप में जो भी कमियां हैं उसको लेकर अधिकारियों से बात करेंगे। कमियों को दूर करवाने का प्रयास किया जाएगा।- आत्मदीप, एसएस, बस स्टैंड, हांसी।
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हांसी। हरियाणा रोडवेज की बसों में सफर करना अब खतरनाक हो गया है। सब डिपो में मिस्त्री न होने से 73 में से 37 रोडवेज बसें खराब हैं। इसमें से बीते एक सप्ताह में सब डिपो की करीब 15 बसों में स्टेयरिंग में दिक्कत व ब्रेक फेल होने की समस्या आ चुकी है। इसके चलते एक बस हादसे का भी शिकार हो चुकी है। बसों को ठीक करने के लिए हांसी सब डिपो में मिस्त्री भी नहीं हैं। साथ ही बसें खराब होने के कारण लंबे रूटों की बस सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
इतनी संख्या में बसों में समस्या पिछले दिनों हुई भारी बारिश व जलभराव के कारण हुई। बसों में तकनीकी समस्याएं आई हैं। ज्यादातर बसों में स्टेयरिंग व ब्रेक की समस्या है। इसमें से आर्मी स्कूल के बच्चों को लेने के लिए जा रही रोडवेज बस का हिसार रोड पर ब्रेक फेल हो गया। चालक की कुश्लता से हादसा होते टला। वहीं दो दिन पहले दिल्ली रोड पर एक बस के ब्रेक फेल हो गए जिसमें बस की दूसरे वाहन से टक्कर हो गई। गनीमत रही की बस की स्पीड ज्यादा नहीं थी। वहीं बसें खराब होने के बाद दूसरी समस्या मैकेनिक व सामान की भी है। रोडवेज के अधिकारियों के अनुसार पूरे हिसार डिपो में 40 मैकेनिक की जरूरत है जिसमें से केवल 6 ही यहां पर तैनात हैं जिसमें से हांसी में केवल एक हेड मैकेनिक है। मैकेनिक न होने पर हांसी की बसों को मरम्मत के लिए हिसार भेजना पड़ता है। फिलहाल हिसार डिपो में हांसी की 10 बसें मरम्मत होने के लिए गई हैं। वहीं असिस्टेंट के पद खाली हैं। अभी यहां अप्रेंटिस व ग्रुप डी के कर्मचारियों से काम चलाया जा रहा है। बसों की मरम्मत के लिए सब डिपो में सामान भी नहीं है।
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लंबे व लोकल रूटों की बसें प्रभावित
बसें खराब होने से गुरुग्राम व पानीपत की बस सेवा बंद है। इसके अलावा लोकल रूट जैसे तोशाम, बरवाला, भिवानी, जींद, कुंगड़ भैणी, पेटवाड़ जैसे लोकल रूट प्रभावित हैं। केवल यात्रियों की संख्या के आधार पर ही रूटों पर बसें भेजी जा रही हैं।
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खराब बसें मिलती हैं हांसी को
एनसीआर क्षेत्र में नई रोडवेज बस केवल दस वर्ष के लिए मान्य हैं। दस वर्ष की अवधि पूरी होने पर बसों को हांसी, हिसार में भेजा जाता है। एक तरह से खराब बसें ही यहां मिलती हैं, जिसके चलते आए दिन बसों में कोई न कोई तकनीकी समस्या आती रहती है। अधिकांश बसों की बॉडी गलनी शुरू हो गई है। उनकी मरम्मत करके काम चलाया जा रहा है। लंबे समय से सब डिपो को नई रोडवेज बस नहीं मिली है।
वर्जन
मैंने मंगलवार से ही चार्ज संभाला है। सब डिपो व वर्कशॉप में जो भी कमियां हैं उसको लेकर अधिकारियों से बात करेंगे। कमियों को दूर करवाने का प्रयास किया जाएगा।- आत्मदीप, एसएस, बस स्टैंड, हांसी।