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Hisar News: नाबालिग दोस्त के हाथों चली गोली से गई थी दैविक की जान
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फोटो कैप्शन सीन ऑफ क्राइम की टीम साक्ष्य जुटाती हुई।
आदमपुर। शिव कॉलोनी निवासी 12 वर्षीय दैविक की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच के अनुसार जिस पिस्तौल की गोली से दैविक की मौत हुई वह उसके नाबालिग दोस्त के हाथों से चली थी। इस मामले में पुलिस ने दैविक के दोस्त और सहपाठी के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है।
बुधवार को जिला नागरिक अस्पताल में दैविक के शव का पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार पिस्तौल की गोली दैविक के सिर के पार हो गई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए फोरेंसिक टीम की इंचार्ज डॉ. पूनम कत्याल ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। उधर दैविक के पिता ने आरोप लगाया कि उन्हें घटना की सूचना करीब आधे घंटे बाद दी गई। आदमपुर थाने के जांच अधिकारी हरिशचंद्र शर्मा ने बताया कि दैविक के परिजनों के बयान के आधार पर उसके दोस्त के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
दैविक के पिता रवि गोयल ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उनका बड़ा बेटा दैविक गोयल (12 वर्ष) और छोटा बेटा अक्षत गोयल (10 वर्ष) आदमपुर के एक निजी स्कूल में पढ़ते हैं। इसी स्कूल में शिव कॉलोनी का एक लड़का भी पढ़ता है। दोनों में अच्छी दोस्ती थी। 13 अक्तूबर की शाम करीब छह बजे वह लड़का उनके घर आया। 15 अक्तूबर को स्कूल की ओर से शिमला टूर पर जाना था। इसकी तैयारी के लिए वह दैविक को अपने घर ले गया।
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थोड़ी देर बाद लड़के के घर से दैविक की मां सारिका के पास फोन आया कि दैविक को गोली लग गई है। मां मौके पर पहुंचीं तो दैविक जमीन पर खून से लथपथ पड़ा था। पिता के अनुसार घटनास्थल पर मौजूद लड़के ने दैविक को गोली मारने की बात उसके चाचा और दादा वेद गोयल को बताई थी। इसके बाद परिजन दैविक को एंबुलेंस से हिसार के जिला नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का आरोप-मौके पर मौजूद थे परिवार के सदस्य
पिता ने बयान में बताया कि घटना के समय आरोपी लड़का, उसका बड़ा भाई और उसकी मां मौके पर मौजूद थे। परिजनों का आरोप है कि लड़के ने ही उनके बेटे को गोली मारी। हालांकि उन्होंने इस्तेमाल किए गए हथियार के लाइसेंसी या अवैध होने की जानकारी नहीं होने की बात कही।
वारदात से पहले किराये पर मोबाइल लेने पहुंचे थे छात्र
वारदात से करीब एक घंटे पहले दोनों छात्र बस स्टैंड रोड स्थित एक मोबाइल शॉप पर पहुंचे थे। आगामी टूर के मद्देनजर वे किराये पर मोबाइल लेना चाहते थे लेकिन दुकानदार ने उन्हें मोबाइल देने से मना कर दिया था।
आधे घंटे बाद दी गई सूचना
रवि गोयल ने बताया कि दैविक को गोली लगने के करीब आधे घंटे बाद आरोपी के परिवार वालों ने उन्हें सूचना दी। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी के परिवार ने दैविक को अस्पताल ले जाना भी मुनासिब नहीं समझा। रवि गोयल ने बताया कि वह लड़का अक्सर उनके घर आता था और वे उसे अपने बेटे जैसा समझते थे। घटना वाले दिन दैविक घर से एक ट्रैवलिंग बैग भी लेकर गया था। वह कह रहा था कि उसके दोस्त के पास टूर पर जाने के लिए बैग नहीं है।
अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़, पूरे दिन बंद रहा बाजार
पोस्टमार्टम के बाद दैविक का अंतिम संस्कार किया गया। इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। घटना के शोक में आदमपुर का बाजार पूरे दिन बंद रहा।
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बुधवार को जिला नागरिक अस्पताल में दैविक के शव का पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार पिस्तौल की गोली दैविक के सिर के पार हो गई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए फोरेंसिक टीम की इंचार्ज डॉ. पूनम कत्याल ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। उधर दैविक के पिता ने आरोप लगाया कि उन्हें घटना की सूचना करीब आधे घंटे बाद दी गई। आदमपुर थाने के जांच अधिकारी हरिशचंद्र शर्मा ने बताया कि दैविक के परिजनों के बयान के आधार पर उसके दोस्त के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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दैविक के पिता रवि गोयल ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उनका बड़ा बेटा दैविक गोयल (12 वर्ष) और छोटा बेटा अक्षत गोयल (10 वर्ष) आदमपुर के एक निजी स्कूल में पढ़ते हैं। इसी स्कूल में शिव कॉलोनी का एक लड़का भी पढ़ता है। दोनों में अच्छी दोस्ती थी। 13 अक्तूबर की शाम करीब छह बजे वह लड़का उनके घर आया। 15 अक्तूबर को स्कूल की ओर से शिमला टूर पर जाना था। इसकी तैयारी के लिए वह दैविक को अपने घर ले गया।
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थोड़ी देर बाद लड़के के घर से दैविक की मां सारिका के पास फोन आया कि दैविक को गोली लग गई है। मां मौके पर पहुंचीं तो दैविक जमीन पर खून से लथपथ पड़ा था। पिता के अनुसार घटनास्थल पर मौजूद लड़के ने दैविक को गोली मारने की बात उसके चाचा और दादा वेद गोयल को बताई थी। इसके बाद परिजन दैविक को एंबुलेंस से हिसार के जिला नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का आरोप-मौके पर मौजूद थे परिवार के सदस्य
पिता ने बयान में बताया कि घटना के समय आरोपी लड़का, उसका बड़ा भाई और उसकी मां मौके पर मौजूद थे। परिजनों का आरोप है कि लड़के ने ही उनके बेटे को गोली मारी। हालांकि उन्होंने इस्तेमाल किए गए हथियार के लाइसेंसी या अवैध होने की जानकारी नहीं होने की बात कही।
वारदात से पहले किराये पर मोबाइल लेने पहुंचे थे छात्र
वारदात से करीब एक घंटे पहले दोनों छात्र बस स्टैंड रोड स्थित एक मोबाइल शॉप पर पहुंचे थे। आगामी टूर के मद्देनजर वे किराये पर मोबाइल लेना चाहते थे लेकिन दुकानदार ने उन्हें मोबाइल देने से मना कर दिया था।
आधे घंटे बाद दी गई सूचना
रवि गोयल ने बताया कि दैविक को गोली लगने के करीब आधे घंटे बाद आरोपी के परिवार वालों ने उन्हें सूचना दी। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी के परिवार ने दैविक को अस्पताल ले जाना भी मुनासिब नहीं समझा। रवि गोयल ने बताया कि वह लड़का अक्सर उनके घर आता था और वे उसे अपने बेटे जैसा समझते थे। घटना वाले दिन दैविक घर से एक ट्रैवलिंग बैग भी लेकर गया था। वह कह रहा था कि उसके दोस्त के पास टूर पर जाने के लिए बैग नहीं है।
अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़, पूरे दिन बंद रहा बाजार
पोस्टमार्टम के बाद दैविक का अंतिम संस्कार किया गया। इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। घटना के शोक में आदमपुर का बाजार पूरे दिन बंद रहा।