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Hindi News ›   Haryana ›   Cyclone to form over Arabian Sea from April 13, temperature will increase

Haryana: 17 अप्रैल से सताएगी गर्मी, 40 तक पहुंचेगा पारा

Tue, 11 Apr 2023 02:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, हिसार (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, हिसार (हरियाणा) Updated Tue, 11 Apr 2023 02:44 AM IST
सार

मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि फिलहाल हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में मौसम साफ और शुष्क बना हुआ है। साथ ही धीरे-धीरे तापमान में बढ़ोतरी होने से गर्मी अपने रंग दिखाने लगी है।

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Cyclone to form over Arabian Sea from April 13, temperature will increase
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : ANI

विस्तार

अरब सागर पर 13 अप्रैल से प्रति चक्रवात के बनने से तापमान में बढ़ोतरी होगी। इस दौरान तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने के आसार हैं। दिन का तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जाएगा। मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक 17 अप्रैल के बाद तापमान 40 डिग्री के पार पहुंचने के आसार हैं।

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मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि फिलहाल हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में मौसम साफ और शुष्क बना हुआ है। साथ ही धीरे-धीरे तापमान में बढ़ोतरी होने से गर्मी अपने रंग दिखाने लगी है। 10 अप्रैल और 16 अप्रैल को कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में हल्की बादलवाही देखने को मिलेगी।
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इस दौरान कभी मौसम साफ तो कभी तेज गति से हवाएं चलने जैसी मौसमी गतिविधियां देखने को मिलेगी। हालांकि 13 अप्रैल से अरब सागर पर एक प्रति चक्रवात बनने से धीरे धीरे संपूर्ण मैदानी राज्यों राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, एनसीआर, दिल्ली व उत्तर प्रदेश में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज होगी। आने वाले दिनों में यह प्रति चक्रवात गुजरात व पश्चिमी राजस्थान पर पहुंच जाएगा, जिसकी वजह से पश्चिमी विक्षोभ का असर भी कम हो जाएगा।
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रात का तापमान अभी सामान्य के बराबर
प्रदेश का औसत न्यूनतम तापमान अभी सामान्य के बराबर ही बना हुआ है। सोमवार को करनाल का न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री रहा, जो कि प्रदेश में सबसे कम रहा, जबकि भिवानी में यह 19.8 डिग्री रहा, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा।


यह होता है प्रति चक्रवात
प्रति चक्रवात हवाएं धरातल से समुंद्र की तरफ चलती है, जिस कारण से वातावरण में नमी की मात्रा में कमी आती है। इससे मौसम शुष्क हो जाता है, जिससे तापमान में बढ़ोतरी होती है। ये पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव को भी कम करते हैं।

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