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हत्या के जुर्म में बाप-बेटा दोषी करार, सजा परसों
ब्यूरो / अमर उजाला, हिसार
Updated Sat, 26 Nov 2016 12:48 AM IST
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- फोटो : Demo
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अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पुरुषोत्तम कुमार की अदालत ने हत्या के जुर्म में शुक्रवार को गांव श्यामसुख के प्रताप सिंह और उसके बेटे सुखबीर को दोषी करार दिया। कोर्ट दोषियों को सोमवार को सजा सुनाएगी।
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अग्रोहा थाना पुलिस ने इस बारे मेें 16 जनवरी 2014 को केस दर्ज किया था। अदालत में चले अभियोग के अनुसार वारदात वाले दिन श्यामसुख में सुभाष गली में डलवाई मिट्टी को ट्रैक्टर से समतल कर रहा था। पड़ोसी युवक सुखबीर और उसका पिता प्रताप सिंह आए थे और उन्होंने विरोध जताकर कहा था कि गली की मिट्टी समतल क्यों कर रहा है। इस पर सुभाष ने कहा था कि सरपंच ने कहा है गली पक्की करानी है, इसलिए समतल कर रहा हूं। इसके बाद कहासुनी होने पर बाप-बेटा घर से डंडे उठा लाए थे। उन्होंने हमला कर सुभाष को घायल कर दिया था। शोर सुनकर सुभाष के भाई राजेंद्र ने बीचबचाव का प्रयास किया था। उसे भी हाथों पर मामूली चोट लगी थी। सुुभाष का बेेटा अमित शोर सुनकर मौके पर पहुंचा था। तब हमलावर बाप-बेटा यह कहते हुए फरार हो गए थे कि आज बच गया है। आगे ध्यान रखना, नहीं तो जान से मार देंगे।
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घायल सुभाष ने शहर के एक निजी अस्पताल में 16 दिन बाद दम तोड़ दिया था। अग्रोहा थाना पुलिस ने मृतक के भाई राजेंद्र की शिकायत पर नामजद बाप-बेटे के खिलाफ हत्या, रास्ता रोकने और जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज किया था। शिकायतकर्ता के अधिवक्ता महेंद्र सिंह नैन ने बताया कि कोर्ट ने दोनों आरोपी पिता-पुत्रों को दोषी मानते हुए सजा सुनाने के बारे में फैसला सोमवार तक सुरक्षित रख लिया है।
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